कविता विविधा रूपांतरण August 17, 2015 by विजय कुमार सप्पाती | 1 Comment on रूपांतरण एक भारी वर्षा की शाम में अकेले भीगते हुए … .. और अंधेरे आकाश की ओर ऊपर देखते हुए .. जो की भयानक तूफ़ान के साथ गरज रहा था और .. आसपास कई काले बादल भी छाए हुए थे मैंने प्रभु से प्रार्थना करना शुरू कर दिया की ; अधिक से अधिक ,ऐसी भारी बारिश […] Read more » रूपांतरण
विविधा पुरातन भारतीय साहित्य में नाग अर्थात सर्प August 17, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” पुरातन भारतीय साहित्य में नाग शब्द का सर्प और हस्ती दोनों अर्थों में बहुतायत से प्रयोग हुआ है । नग पर्वत को कहा जाता है । लेकिन वेद में नाग या नग शब्द का उल्लेख नहीं मिलता । ब्राह्मण ग्रन्थों में भी नाग शब्द का प्रयोग एकाध स्थान पर ही उपलब्ध है […] Read more »
धर्म-अध्यात्म विविधा दक्षिण भारत के संत (15) पेरियलवार विष्णुचित्त August 17, 2015 by बी एन गोयल | 2 Comments on दक्षिण भारत के संत (15) पेरियलवार विष्णुचित्त बी एन गोयल हे ईश्वर हमारी रक्षा करो। हमारे परिवार के सभी सदस्य, हमारे सभी पूर्वज और हमारी आगामी पीढ़ियाँ, सब आप के सेवक हैं। आपके भक्त हैं, आप के अनुचर हैं, आप ही हमारी रक्षा करें, आप ही हम पर अपनी कृपा करें।…………… पल्लाण्डु तिरुनलवेली ज़िले के श्री विल्लीपुत्तुर नमक गाँव में मुकुंद […] Read more » दक्षिण भारत के संत पेरियलवार विष्णुचित्त
विविधा स्वराज्य वा स्वतन्त्रता के प्रथम मन्त्र-दाता महर्षि दयानन्द August 15, 2015 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on स्वराज्य वा स्वतन्त्रता के प्रथम मन्त्र-दाता महर्षि दयानन्द महाभारत काल के बाद देश में अज्ञानता के कारण अन्धविश्वास व कुरीतियां उत्पन्न होने के कारण देश निर्बल हुआ जिस कारण वह आंशिक रूप से पराधीन हो गया। पराधीनता का शिंकजा दिन प्रतिदिन अपनी जकड़ बढ़ाता गया। देश अशिक्षा, अज्ञान, अन्धविश्वास, पाखण्ड व सामाजिक विषमताओं से ग्रस्त होने के कारण पराधीनता का प्रतिकार करने […] Read more » महर्षि दयानन्द स्वराज्य वा स्वतन्त्रता के प्रथम मन्त्र-दाता
जन-जागरण विविधा बदइंतजामी की चपेट में आस्था के केंद्र August 15, 2015 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलक झारखंड राज्य के देवघर में बाबा वैद्यनाथ मंदिर में मची भगदड़ में 11 श्रद्धालुओं की मौत ने मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया है। समझना कठिन है कि जब स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन इस तथ्य से अच्छी तरह अवगत था कि सावन का दूसरा सोमवार […] Read more » आस्था के केंद्र बदइंतजामी
विविधा तो यह अत्यंत कल्याणकारी सिद्ध होगा August 15, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” चतुर्दिक स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियों के मध्य भारतीयों को भारत विभाजन का स्मरण और उस पर टीस उत्पन्न होना भी स्वाभाविक है, और यह भी सत्य है कि वर्तमान समय में हर भारतीय के मन में कहीं न कहीं देश विभाजन का दर्द अवश्य ही पलता रहा है । कुछ लोगों […] Read more »
धर्म-अध्यात्म विविधा क्या फलित हो पाया है आजादी का सपना? August 15, 2015 / August 15, 2015 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग पन्द्रह अगस्त हमारे राष्ट्र का गौरवशाली दिन है, इसी दिन स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब। […] Read more » आजादी का सपना?
खेत-खलिहान विविधा आत्महत्या की राह पर बदहाल किसान August 15, 2015 by आदर्श तिवारी | Leave a Comment उत्तर प्रदेश के मथुरा में पिछले 17 साल से भटक रहे लगभग पच्चीस हजार किसानों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामूहिक आत्महत्या करने की अनुमति मांगी हैl मथुरा गोकुल बैराज पीड़ित किसान लगभग 17 साल से मुआवज़े के लिए भटक रहे हैंl पिछले वर्ष नवंबर में किसानों […] Read more » आत्महत्या की राह पर किसान आत्महत्या की राह पर बदहाल किसान किसान
जन-जागरण विविधा बदइंतजामी की चपेट में आस्था के केंद्र August 14, 2015 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक झारखंड राज्य के देवघर में बाबा वैद्यनाथ मंदिर में मची भगदड़ में 11 श्रद्धालुओं की मौत ने मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया है। समझना कठिन है कि जब स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन इस तथ्य से अच्छी तरह अवगत था कि सावन का दूसरा […] Read more » बदइंतजामी
विविधा वक्त के साथ सिनेमा में बदलती गई देशभक्ति August 14, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment फिल्में समाज का आईना होती हैं और काफी हद तक वह सब दिखाती हैं जो सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक एवं पारिवारिक स्तर पर घटित होता है। हालांकि हिन्दुस्थान में अब सिनेमा की परिभाषा बदल गई है और अब जो बिकता है, उसी को आकर्षक पैकेजिंग के द्वारा दर्शकों के समक्ष परोस दिया जाता है। फिल्में आज़ादी […] Read more »
जन-जागरण विविधा आधार की कानूनी वैधता पर सवाल ? August 14, 2015 / August 14, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव संप्रग सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आधार‘ यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ;यूआईडीआई को राजग सरकार भी आगे बढ़ा रही है। लिहाजा आधार योजना की संवैधानिकता को चुनौति देने वाली जनहित याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में लगाई गईं थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए,न्यायमूर्ति जे चेल्मेश्वरकी अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने फैसला दिया […] Read more » आधार की कानूनी वैधता
कविता प्रवक्ता न्यूज़ विविधा ||| आओ सजन ||| August 14, 2015 by विजय कुमार सप्पाती | Leave a Comment आओ सजन , अब तो मेरे घर आओ सजन ! तेरे दर्शन को तरसे है ; मेरे भीगे नयन ! घर , दर सहित सजाया है ; अपने मन का आँगन !! आओ सजन , अब तो मेरे घर आओ सजन !!! तू नहीं तो जग , क्यों सूना सूना सा लगता है ! तू […] Read more » आओ सजन