विविधा व्यंग्य अफवाहें हैं अफवाहों का क्या… May 4, 2015 / May 5, 2015 by दीपक शर्मा 'आज़ाद' | 2 Comments on अफवाहें हैं अफवाहों का क्या… अफवाहे है अफवाहों का क्या… कभी कभी कुछ कहा हुआ इतना फ़ैल जाता है कि उसके आगे फैला हुआ रायता भी कम लगने लगता है। मुझे अक्सर लगता है कि आखिर वे कौन लोग है जो इस तरह से बातों को इधर से उधर फैला कर अच्छे-खासे दिमाग की भुजिया बनाने पर तुले रहते है। […] Read more » Featured rumours अफवाह अफवाहे है अफवाहों का क्या... अफवाहों का क्या...
विधि-कानून विविधा सार्थक पहल इन संशोधनों से कितना रुकेगा भ्रष्टाचार May 3, 2015 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | 1 Comment on इन संशोधनों से कितना रुकेगा भ्रष्टाचार पीयूष द्विवेदी भ्रष्टाचार पर रोकथाम के लिए कोई सख्त कदम न उठाने के लिए विरोधियों के निशाने पर रहने वाली मोदी सरकार द्वारा आखिर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून में […] Read more » Featured how much corruption may stop from these ordinances इन संशोधनों से कितना रुकेगा भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार
विविधा व्यंग्य एक पाती राहुल बचवा के नाम May 1, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 4 Comments on एक पाती राहुल बचवा के नाम प्यारे राहुल बचवा, तुम दो महीने की छुट्टी बैंकाक में बिताकर इन्डिया आ गए, मनवा को बड़ा सकून मिला। बचवा, इस तरह कबतक कभी बैंकाक में तो कभी कैलिफ़ोर्निया में छुट्टी मनाते रहोगे? राजनीति तो तुम्हारा पुश्तैनी धंधा है, कान्ग्रेस की अध्यक्षी कहीं भागे थोड़े जा रही है? देखो, दिग्गी चचवा बुढ़ौती में अमृता को […] Read more » एक पाती राहुल बचवा के नाम
आलोचना विविधा धनकड़ के ये कैसे बोल? May 1, 2015 by रवि श्रीवास्तव | Leave a Comment किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को उगाता है। लेकिन जब उसपर कुदरत मेहरबान नही होती तो इक पल में सारी मेहनत बर्बाद हो जाती है। देश की मजबूत अर्थव्यवस्था में खेती सबसे अहम है। सरकार को किसानों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। देश की रीढ़ बने ये किसान आखिर कब तक इसका दंश […] Read more » Featured किसान खुदकुशी हरियाणा के कृषि मंत्री ओ पी धनकड़
विविधा शख्सियत ‘मिस्टर गांधी’ एवं ‘कायदे आजम’ जिन्ना May 1, 2015 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on ‘मिस्टर गांधी’ एवं ‘कायदे आजम’ जिन्ना नरेन्द्र मोदी जब-जब ‘गांधी-गांधी’ पुकारते हैं तो कई लोगों को आश्चर्य होता है कि जिस नेता की पार्टी ‘गांधी विरोध’ पर पैदा हुई, उसी पर आगे बढ़ी और ‘गांधीवाद’ (यदि कोई है तो) को हर क्षण कोसती रही उसी का प्रधानमंत्री अपने भाषणों में ‘गांधी-गांधी’ का इतना राग क्यों अलापता है? वस्तुत: मोदी की अपनी […] Read more » 'मिस्टर गांधी’ Featured कायदे आजम गांधी जिन्ना
जरूर पढ़ें विविधा महाभूकंप में भी महालूट April 30, 2015 / May 1, 2015 by निर्भय कर्ण | 1 Comment on महाभूकंप में भी महालूट -निर्भय कर्ण- नेपाल में 25 अप्रैल, 2014 को महाभूकंप के बाद चारों तरफ लाशें ही लाशें नजर आ रही थी और चारों तरफ घायलों की चीख-पुकार ने वातावरण को और भी मार्मिक व भयावह बना दिया। ऐसे हालात में भारत सबसे पहले नेपाल के लिए बड़ी तत्परता से मददगार बनकर आगे आया और ‘ऑपरेशन मैत्री’ […] Read more » Featured नेपाल भूकंप भूकंप महाभूकंप महाभूकंप में भी महालूट महालूट
धर्म-अध्यात्म विविधा यशोदानंदन-५७ April 29, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment – विपिन किशोर सिन्हा- श्रीकृष्ण का लिखित संदेश उद्धव जी लेकर आये थे। उसे पाने के लिए सभी गोपियां अत्यन्त उद्विग्न थीं। किसी एक को लिखित संदेश देने पर छीनाझपटी की प्रबल संभावना देख उद्धव जी ने गोपियों के समक्ष संदेश पढ़ना ही उचित समझा। उन्हें आश्वस्त किया कि वे भगवान के शब्दों का ही […] Read more » Featured कृष्ण गोपी यशोदा यशोदानंदन-५७ श्रीकृष्ण
जरूर पढ़ें विविधा भूकंप एक – कथन अनेक April 29, 2015 / April 29, 2015 by निर्मल रानी | Leave a Comment -निर्मल रानी- पिछले दिनों नेपाल की राजधानी काठमांडू को केंद्र बनाकर अए प्रलयकारी भूकंप ने एक बार फिर भारी कहर बरपा किया है। इस भीषण प्राकृतिक त्रासदी में मृतकों की संख्या का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। नेपाली प्रधानमंत्री ने हालांकि मृतकों की अधिकतम संख्या दस हज़ार तक आंकी है। परंतु जिस प्रकार […] Read more » Featured देश में भूकंप नेपाल भूकंप भूकंप भूकंप एक कथन अनेक
टॉप स्टोरी विविधा नौकरशाही को लोकशाही में बदलने की चुनौती April 29, 2015 by सत्यव्रत त्रिपाठी | Leave a Comment -सत्यव्रत त्रिपाठी- पॉलिटिकल एंड इकोनॉमिक रिस्क कंसलटेंसी की ताजा रिपोर्ट में भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस, ये तीन देश एशिया के सबसे भ्रष्ट और निकृष्ट नौकरशाही वाले देश घोषित किए गए हैं। कहा गया है कि इन देशों की नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) असक्षम एवं लालफीताशाही से बंधी हुई है। वहीं सिंगापुर तथा हांगकांग की नौकरशाही को सबसे […] Read more » Featured नौकरशाही नौकरशाही को लोकशाही में बदलने की चुनौती लोकशाही
धर्म-अध्यात्म विविधा पृथ्वी की आकर्षण शक्ति संबंधी कुछ शास्त्रीय प्रमाण April 29, 2015 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on पृथ्वी की आकर्षण शक्ति संबंधी कुछ शास्त्रीय प्रमाण –मनमोहन कुमार आर्य- गुरूत्वाकर्षण के नियम वा सिद्धान्त के बारे में क्या वैदिक साहित्य में कुछ उल्लेख मिलता है, यह प्रश्न वैदिक धर्म व संस्कृति के अनुयायियों व प्रशंसकों को उद्वेलित करता है। महर्षि दयानन्द ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ ऋग्वेदादि भाष्य भूमिका में आकर्षणानुकर्षण अध्याय में वेदों में विद्यमान मन्त्रों को प्रस्तुत कर इस विषय […] Read more » Featured आकर्षण शक्ति पृथ्वी पृथ्वी की आकर्षण शक्ति संबंधी कुछ शास्त्रीय प्रमाण शास्त्रीय प्रमाण
कहानी विविधा रुमाल खो गया April 29, 2015 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment -रवि कुमार छवि- शनिवार का दिन था। शाम के 5 बज चुके थे। दफ्तर के ज्यादातर कमरे बंद होने शुरु हो गए थे। रवि अपना बचा हुआ निपटाने में लगा हुआ था। इतने में पीछे से आवाज़ आती है अरे दोस्त चलना नहीं है क्या, कुछ देर अपनी उंगुलियों को थामते हुए ने कहा बस […] Read more » Featured कहानी रुमाल खो गया
विविधा विश्ववार्ता आपदाओं से सीख लेने की आवश्यकता April 29, 2015 / April 29, 2015 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -प्रभांशु ओझा- प्रसाद की रचना कामायनी का प्रमुख पत्र मनु उस विनाश का साक्षी है जहाँ देवताओं की घोर भौतिकतावादी प्रवृत्ति भोग, विलास और उनके द्वारा प्रकृति के अनियंत्रित दोहन के परिणाम स्वरुप पूरी सभ्यता का विनाश हो जाता है सिवाय मनु के कोई भी नहीं बचता है।देव सभ्यता के प्रलय के बाद नए जीवन […] Read more » Featured आपदाओं से सीख लेने की आवश्यकता देश में भूकंप नेपाल भूकंप