जरूर पढ़ें विविधा भारत की भाषाओं के अध्ययन की रूपरेखा एवं भाषाओं के विवरण के आधार May 17, 2013 / July 19, 2013 by प्रोफेसर महावीर सरन जैन | 8 Comments on भारत की भाषाओं के अध्ययन की रूपरेखा एवं भाषाओं के विवरण के आधार प्रोफेसर महावीर सरन जैन भारत में भाषाओं, प्रजातियों, धर्मों, सांस्कृतिक परम्पराओं एवं भौगोलिक स्थितियों का असाधारण एवं अद्वितीय वैविध्य विद्यमान है। विश्व के इस सातवें विशालतम देश को पर्वत तथा समुद्र शेष एशिया से अलग करते हैं जिससे इसकी अपनी अलग पहचान है, अविरल एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, राष्ट्र की अखंडित मानसिकता है। […] Read more » भारत की भाषाओं के अध्ययन की रूपरेखा भाषाओं के विवरण के आधार
राजनीति विविधा वंदेमातरम का बहिष्कार अलगाववादी मानसिकता May 15, 2013 / May 15, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव राष्ट्रगीत का बहिष्कार संसद और संविधान के अपमान के साथ अलगाववादी मानसिकता का प्रतीक है। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है, जब संसद में एक निर्वाचित सांसद वंदे मातरम की उपेक्षा करे। क्योंकि सांसद न केवल बहुधर्मी और बहुजातीय मतदाताओं के बहुमत से संसद में पहुचता है, बलिक धर्म व जातीयता […] Read more » वंदेमातरम का बहिष्कार अलगाववादी मानसिकता
विविधा राष्ट्रीय बोध May 13, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on राष्ट्रीय बोध ‘बंसल’ और अश्विनी को बचाने वाले मनमोहन जी देखो, तुम्हें तुम्हारे पूर्वज देखते हैं स्वर्ग से फिर एक हकीकत धार्मिक उन्माद के कारण फांसी चढ़ गया है। सरबजीत हमारे बीच नही हैं, अब उनकी शहादत की यादें हमारे बीच हैं, और बहुत देर तक रहेंगी। पंजाब सरकार ने आज के इस ‘हकीकत’ को ‘शहीद’ की उपाधि […] Read more » राष्ट्रीय बोध
विविधा सवाल कई सरबजीतों का है! May 8, 2013 by वासुदेव त्रिपाठी | Leave a Comment वासुदेव त्रिपाठी मामला सिर्फ सरबजीत का नहीं है, मामला सैकड़ों अथवा हजारों सरबजीतों में से एक और सरबजीत का है.! 28 अगस्त 1990 को बाघा सीमा पर अपने खेत पर गए सरबजीत शराब के नशे में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुँच गए और फिर उनकी जिन्दगी ऐसे शैतानी शिकंजे में फंस गई जहां उन्हें मौत […] Read more » सरबजीत
विविधा अब खामोश क्यों हैं मानवाधिकारों के पैरोकार May 3, 2013 / May 3, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 2 Comments on अब खामोश क्यों हैं मानवाधिकारों के पैरोकार सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” मानवाधिकार वास्तव में एक जटिल विषय है । जटिल इसलिए क्योंकि इन्ही का लाभ लेकर ही अक्सर तथाकथित सेक्यूलर लोग आतंकियों के हित संवर्धन का रोना रोते हैं । हांलाकि भारत के अलावा अन्य देशों में हालात दूसरे हैं । जहां तक भारत का प्रश्न है तो हमारे यहां सदैव से आतंकियों […] Read more » मानवाधिकारों के पैरोकार
विविधा हवाईयन-अंग्रेज़ी-हिंदी शब्द सीमा May 2, 2013 / May 14, 2013 by डॉ. मधुसूदन | 14 Comments on हवाईयन-अंग्रेज़ी-हिंदी शब्द सीमा डॉ. मधुसूदन ॐ –शब्द किस सामग्री से, और कैसे बनता है? ॐ–शब्द समृद्धि की चरम सीमा। ॐ–अंग्रेज़ी की अपेक्षा हिंदी २१ गुणा समृद्ध? एक: शब्दों की सामग्री। शब्द किस सामग्री से, और कैसे बनता है? उत्तर: शब्द बनता है, भाषा में उपलब्ध उच्चारों की विविध रचना ओं से। कुल उच्चार उसकी सामग्री है, और अलग […] Read more » हवाईयन-अंग्रेज़ी-हिंदी
जन-जागरण विविधा हक़ हनन और मजदूर दिवस May 2, 2013 / May 2, 2013 by अब्दुल रशीद | Leave a Comment अबदुल रशीद मजदूरों की एकता को भंग कर तथाकथित मजदूर यूनियन अपनी-अपनी दुकान चलाने के सिवा करते ही क्या है? 1 मई मजदूर दिवस, आखिर क्यों मनाया जाता है,शायद मजदूरों के हक़ के लिए मनाया जाता है। लेकिन क्या यह वाकई मजदूरों के हक़ के लिए मनाया जाता है। शायद नहीं कम से कम भारत […] Read more » मजदूर दिवस
विविधा भाषा परिवर्तन कैसे आता है April 29, 2013 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment वाक भेद के विकार को समझना भी आवश्यक है। तनिक निम्नलिखित शब्दों पर दृष्टिपात करें कि ये किस प्रकार वाक भेद के कारण विकार ग्रस्त हो गये हैं :- शुद्घ शब्द अशुद्घ शब्द विभीत्सा […] Read more » भाषा परिवर्तन भाषा परिवर्तन कैसे आता है
विविधा दर्द खरोचती दंगे की सियासत April 26, 2013 / April 26, 2013 by संजय स्वदेश | 1 Comment on दर्द खरोचती दंगे की सियासत संजय स्वदेश किसी न किसी बहाने देश में हुए दंगों को लेकर आए दिन राजनीति गर्म होती है। गत एक सप्ताह में गुजरात दंगों को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने सबसे तीखा हमला बोलते हुए देश के बाकी हिस्सों में 2002 के दंगे दोहराने की मंशा रखने का आरोप लगाया। इस बयान की […] Read more » दंगे की सियासत
विविधा बम धमाकों के नीहितार्थ April 23, 2013 / April 23, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र”स्वतंत्र” बेंगलूर में हुए बम धमाकों ने एक बार दोबारा भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है । वैसे भी भारतीय लोकतंत्र में ये कोई नयी बात नहीं है । अभी हैदराबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों को ज्यादा समय भी नहीं बीता था कि ऐसे में हुए इन धमाकों ने गृह मंत्री के […] Read more » बम धमाकों के नीहितार्थ
विविधा संजय दत्त और छद्म धर्मनिरपेक्षता April 22, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment बिपिन किशोर सिन्हा कल्पना कीजिए कि संजय दत्त का नाम यदि शमीम हुसेन होता, पिता का नाम शाकिर हुसेन होता बहन का नाम परवीन बेगम होता और ये सभी सत्ताधारी कांग्रेस के पूर्व सांसद या वर्तमान सांसद नहीं होते, तो क्या होता? आप स्वयं अन्दाज़ा लगा सकते हैं कि तब न्यायालय, सरकार […] Read more » संजय दत्त और छद्म धर्मनिरपेक्षता
विविधा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में किसी एक भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक दो! April 20, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में किसी एक भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक दो! हिंदी को व्यवहार में लाने की सरकारी अपील आपने रेलवे स्टेशनों तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में पढ़ी होगी; परन्तु क्या आपको पता है कि विश्व के इस सबसे बड़े प्रजातंत्र में आजादी के पैंसठ वर्षों के पश्चात् भी सर्वोच्च न्यायालय की किसी भी कार्यवाही में हिंदी का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है? और यह प्रतिबंध किसी […] Read more » श्याम रुद्र पाठक