शख्सियत संगीत सुमन कल्याणपुर :स्वर की वह शालीन नदी, जो चुपचाप बहती रही June 1, 2026 / June 1, 2026 by संदीप सृजन | Leave a Comment सुमन कल्याणपुर ने ऐसे समय में संगीत जगत में कदम रखा जब लता मंगेशकर, गीता दत्त और आशा भोंसले जैसी महान गायिकाओं का वर्चस्व था। उस दौर में किसी नई गायिका के लिए अपनी अलग पहचान बनाना अत्यंत कठिन था लेकिन सुमन जी ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर धीरे-धीरे संगीत जगत में अपनी विशिष्ट जगह बनाई। Read more » सुमन कल्याणपुर
शख्सियत समाज भारतीय संस्कृति और मूर्तिमान वीरता की प्रतीक- महारानी अहिल्याबाई होल्कर May 30, 2026 / May 30, 2026 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 8वीं सदी में वह अपनी राजधानी महेश्वर ले गयी और सदी का श्रेष्ठ अहिल्या महल बनवाया। उस समय महेश्वर साहित्य, मूर्तिकला, संगीत और कला के क्षेत्र में एक बड़ा गढ़ बन चुका था।मराठी कवि मोरोपंतऔर संस्कृत विद्वान खुलासी राम उनके समय में महान व्यक्तित्व थे। Read more » Symbol of Indian culture and embodiment of bravery – Maharani Ahilyabai Holkar महारानी अहिल्याबाई होल्कर
शख्सियत समाज राष्ट्रवाद के प्रेरक : वीर सावरकर May 29, 2026 / May 29, 2026 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment हुतात्मा वीर सावरकर के अनुसार... "इस जगत में यदि हम हिन्दू राष्ट्र के नाते स्वाभिमान का जीवन जीना चाहते हैं तो उसका हमें पूरा अधिकार है और वह राष्ट्र हिन्दुराष्ट्र के ध्वज के नीचे ही स्थापित होना चाहिए। Read more » Inspirer of Nationalism Veer Savarkar Veer Savarkar वीर सावरकर
लेख शख्सियत अब न दिखेगा, होना किसी ‘बशीर’ बद्र का May 29, 2026 / May 29, 2026 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment बशीर बद्र Read more » बशीर बद्र
लेख शख्सियत शब्दों को इंसानी रूह की धड़कन बना दिया बशीर साहब ने May 29, 2026 / May 29, 2026 by संदीप सृजन | Leave a Comment शब्दों को इंसानी रूह की धड़कन बना दिया बशीर साहब ने Read more » डॉ. बशीर बद्र
शख्सियत समाज आदिवासी मौन क्रांति के महानायक: गणि राजेन्द्र विजय May 21, 2026 / May 21, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणि राजेन्द्र विजय Read more » गणि राजेन्द्र विजय
लेख शख्सियत समाज नदी और पहाड़ बचाने से जल, जलवायु और भविष्य को सुरक्षित रहेंगे May 18, 2026 / May 18, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment राजेंद्र सिंह सूखी नदियों को जीवन देने वाले और रेगिस्तान में पानी का जादू बिखेरने वाले 'जल पुरुष' के रूप में विख्यात हैं। उनका स्पष्ट रुप से मानना है कि-"धरती की प्यास तभी बुझेगी और मानवता तभी बचेगी, Read more » magic of water in the desert Rajendra Singh the 'Water Man' राजेंद्र सिंह
शख्सियत महाराणा प्रताप : स्वाभिमान और संघर्ष की जीवित प्रेरणा May 11, 2026 / May 11, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment 9 मई 1540 को महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। भारत के इतिहास में अनेक वीर योद्धा हुए, मातृभूमि की रक्षा के लिए असंख्य लोगों ने अपने प्राण न्योछावर किए लेकिन महाराणा प्रताप में कुछ ऐसा विशेष था कि पाँच सौ वर्षों बाद भी वे केवल इतिहास की पुस्तक का एक पात्र नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति की जीवित प्रेरणा के रूप में स्मरण किए जाते हैं। Read more » महाराणा प्रताप
शख्सियत समाज भारतीय राजनीति के नेपथ्य नायक श्री संजय विनायक जोशी May 8, 2026 / May 8, 2026 by पवन शुक्ला | Leave a Comment संजय जोशी के चाणक्य होने का सबसे बड़ा प्रमाण 90 के दशक में गुजरात में देखने को मिला। उस दौर में उन्होंने संगठन मंत्री के रूप में कार्य करते हुए भाजपा को गाँव-गाँव तक पहुँचाया। Read more » श्री संजय विनायक जोशी
शख्सियत समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं टैगोर May 7, 2026 / May 7, 2026 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती (7 मई) पर विशेष– योगेश कुमार गोयलकोलकाता में साहित्यिक माहौल वाले कुलीन धनाढ्य परिवार में 7 मई 1861 को जन्मे रवीन्द्रनाथ टैगोर एक कवि, उच्च कोटि के साहित्यकार, उपन्यासकार और नाटककार के अलावा संगीतप्रेमी, अच्छे चित्रकार तथा दार्शनिक भी थे। टैगोर एशिया के प्रथम ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित […] Read more » रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती
शख्सियत समाज विश्व योग आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी सत्यानंद सरस्वती का पदार्पण महोत्सव और तिरूपति बालाजी का आगमन May 4, 2026 / May 4, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment सबसे बड़ा संयोग है कि इस अवसर पर आंध्र प्रदेश से सड़क मार्ग से चल कर भगवान श्री तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति मुंगेर पहुंच रही है। इस ऐतिहासिक क्षण को मुंगेरवासियों के लिए यादगार बनाने को लेकर योगाश्रम Read more » स्वामी सत्यानंद सरस्वती
शख्सियत समाज आचार्य महाश्रमण की निर्गुण-चेतना से विश्व-शांति की नई दिशा April 24, 2026 / April 24, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment आचार्य महाश्रमण का जीवन ‘रहें भीतर, जीएँ बाहर’ के सूत्र पर आधारित है। यह सूत्र आधुनिक जीवन की जटिलताओं में संतुलन स्थापित करने का एक अद्वितीय मार्ग प्रस्तुत करता है। आज का मनुष्य बाहरी उपलब्धियों की दौड़ में अपने भीतर के शून्य को अनदेखा कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप तनाव, असंतोष और हिंसा का जन्म होता है। Read more »