आपकी हँसी बिन सके ,आपकी ख़ुशी बिन सके
Updated: November 5, 2019
आपकी हँसी बिन सके ,आपकी ख़ुशी बिन सके बे-तनख़्वाह बस इसी काम पर रख लीजिए हमें आपको सँवारने में हम भी कुछ तो सँवर जाएँगे…
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हमें जीवनोन्नति हेतु आर्यसमाज के सत्संगों में अवश्य जाना चाहिये
Updated: November 5, 2019
मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य व समाज की उन्नति आर्यसमाज में जाने व आर्यसमाज के प्रचार के कार्यों से होती है। आर्यसमाज का छठा नियम…
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बिना अन्धविश्वास दूर किये आर्य-हिन्दू जाति व विश्व का कल्याण नहीं हो सकता
Updated: November 5, 2019
-मनमोहन कुमार आर्य अविद्या, अज्ञान व अन्धविश्वास ये सभी शब्द व इनसे उत्पन्न धार्मिक व सामाजिक प्रथायें परस्पर पूरक व एक दूसरे पर आश्रित…
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लोकतंत्र लोक-सुख का है या लोक-दुःख का?
Updated: November 5, 2019
-ः ललित गर्ग:-देश के सामने हर दिन नयी-नयी समस्याएं खड़ी हो रही हैं, जो समस्याएं पहले से हैं उनके समाधान की तरफ एक कदम भी…
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यौन आक्रमण से ख़ौफ़ज़दा भारत की बेटियां.. औऱ गांधी की उदात्त काम ऊर्जा
Updated: November 5, 2019
सतत विकास लक्ष्य 2030 की विसंगतियों को समझने की जरूरत है डॉ अजय खेमरिया“मैं जिस यौन शिक्षा का समर्थन कर रहा हूं उसका ध्येय काम…
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बच्चों की स्मार्ट फोन की लत ज्योतिष से यूं छुड़ाएं
Updated: November 5, 2019
ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव, कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री कुछ वर्षों में संचार के क्षेत्र में होने वाली प्रगति ने स्मार्ट्फोन की दुनिया में पूरी…
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विश्व शांति का गुरु नानक मार्ग
Updated: November 5, 2019
इन दिनों पूरे विश्व में गुरु नानकदेव का 550वां प्रकाश पर्व उत्साह से मनाया जा रहा है। ऐसे में उनके संदेश (नाम जपो, कीरत करो,…
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मोदी जी अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें – हो सकते है दुर्घटना का शिकार
Updated: November 5, 2019
कुछ लोग एक दूसरे से एक दम विपरीत विचारधारा रखते है, सोच, कार्यशैली और जीवन के सिद्धांत भी एक दूसरे के विपरीत होते है। उन्हें उत्तर दक्षिण की संज्ञा भी दी जा सकती है। विचारधाराएं अलग होने पर भी कई बार जन्म कुंडली में बनने वाले योग काफी हद तक समानताएं रखते है, इस स्थिति में यह प्रश्न विचारणीय हो जाता है, कि किस स्थिति में समान योग रखने वाले व्यक्तियों की जीवनशैली भिन्न हो सकती है। उनके रहने, सोचने, खाने-पीने, पारिवारिक जीवन, वैवाहिक जीवन और अन्य कार्य विपरीत हो सकते है। परन्तु क्या जीवन का अंत या आयु के वर्षों की संख्या भी भिन्न हो सकती है। या जीवन का अंत दोनों का एक समान ही होगा। आज इसी प्रश्न का समाधान तलाशने के लिए हम संजय गांधी और नरेंद्र मोदी जी की कुंडलियों का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे। सत्यता को समझने – जानने का और भविष्य के गर्भ में झांकने का प्रयास करेंगे- संजय गांधी दिसम्बर 14,1946, 9:30: AM, दिल्ली…
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भारत-सऊदी संबंधों का नया दौर
Updated: November 4, 2019
एक-दूसरे की जरूरत बनते भारत-सऊदी अरब – योगेश कुमार गोयल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों में…
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हैप्पी बर्थ डे कश्मीर और लद्दाख
Updated: November 4, 2019
“बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का जो काटा तो कतरा ए लहू तक ना निकला “ऐसा ही कुछ रहा ,इस हफ्ते,,जब कश्मीर का नया…
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हर साँस पर मौत की इबारत लिखता ‘जानलेवा प्रदूषण’
Updated: November 4, 2019
तनवीर जाफ़रीदेश के राजनैतिक गलियारों में अक्सर कभी नागरिकों के लिए मुफ़्त शिक्षा का अधिकार,कभी मुफ़्त भोजन का अधिकार,कभी काम करने के अधिकार,कभी स्वास्थ्य सेवा…
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