धर्म-अध्यात्म राम,केवल हिंदूवादियों के भगवान या मानवता के लिए “आदर्श”?

राम,केवल हिंदूवादियों के भगवान या मानवता के लिए “आदर्श”?

तनवीर जाफ़रीसाम्प्रदायिक दुर्भावना का दानव अब गाय के नाम पर होनी वाली हिंसा से आगे निकलकर “राम” के नाम तक पहुँच गया है। पूरे देश…

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व्यंग्य 911 और टिक- टिक

911 और टिक- टिक

कहते हैं कि देश पर वार और क्रिकेट में हार भारतीयों को असहनीय लगती है।विश्वकप के सेमीफाइनल में  क्रिकेट टीम क्या हारी ,देश -विदेश में…

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कविता नैनों की भाषा

नैनों की भाषा

मूक रहो कुछ ना बोलो, तब भी सब समझ ही जाते है हम नही समझते है कुछ भी, ये सोच के सब इठलाते है जब…

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व्यंग्य जब चल निकला श्रीमती का पकौड़ेवाला आइडिया

जब चल निकला श्रीमती का पकौड़ेवाला आइडिया

प्रभुनाथ शुक्ल साहित्य साधना के लिए कम्प्युटर बाबा को प्रणाम कर योग मुद्रा में तल्लीन था। दिमाग में अनेका नेक विषय आ रहे थे, लेकिन किसी…

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लेख सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वयंसेवकों को सक्रिय करेगा संघ

सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वयंसेवकों को सक्रिय करेगा संघ

डॉ. मनमोहन वैद्य चुनाव के समय जनजागरण अभियान में 11 लाख कार्यकर्ताओं ने 4.5 लाख गांवों में किया संपर्क संघ से जुड़ने के लिए ज्वाइन…

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लेख यूपी विद्युत नियामक आयोग ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट ‘स्मार्ट’ के नाम पर आउट डेट््ड मीटर लगाने का खेल!

यूपी विद्युत नियामक आयोग ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट ‘स्मार्ट’ के नाम पर आउट डेट््ड मीटर लगाने का खेल!

व-ुनवजर्याों पहले अपने घरों में लगे बिजली के पुराने मीटर अब अतीत बनकर रह गए हैं। इस मीटर में एक लोहे की प्लेट लगी रहती…

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धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द द्वारा किये वेद-प्रचार का महत्व और हमारा कर्तव्य”

“ऋषि दयानन्द द्वारा किये वेद-प्रचार का महत्व और हमारा कर्तव्य”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द ने अपना जीवन ईश्वर के सत्यस्वरूप की खोज एवं मृत्यु पर विजय पाने के उपायों को जानने के लिये…

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कविता वास्‍तविक होना

वास्‍तविक होना

विनोद सिल्‍ला बहुत कठिन है वास्‍तविक होना कठिन ही नहीं असंभव है वास्‍तविक होना वास्‍तविक हम या तो बचपन में होते हैं या अपने जीवनसाथी…

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समाज बाल-दुष्कर्म पर लक्ष्मणरेखा कौन खींचेगा

बाल-दुष्कर्म पर लक्ष्मणरेखा कौन खींचेगा

– ललित गर्ग- सुप्रीम कोर्ट ने सक्रियता दिखाते हुए बाल दुष्कर्म एवं नारी अस्मिता एवं अस्तित्व को कुचलने की बढ़ती घटनाओं का संज्ञान लेकर बिल्कुल…

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कविता निराशा के गर्त में

निराशा के गर्त में

डॉ. सतीश कुमार निराशा के गर्त में , डूबे हुए को , आशा की संजीवनी से सींच नवजीवन देना। नाउम्मीदी में डूबी, उनींदी, पथराई आंखों…

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साहित्‍य संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी के शामिल होने से  हिन्दी को होने वाली क्षति ।

संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी के शामिल होने से हिन्दी को होने वाली क्षति ।

1.       भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल होने से हिन्दी भाषियों की जनसंख्या में से भोजपुरी भाषियों की जनसंख्या घट जाएगी. मैथिली की संख्या हिन्दी में…

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कविता पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये कू कू करे कोयल,मन को न भायेमन मोरा नाचे,ये किसको बुलाये जिसकी थी प्रतीक्षा,वो नहीं आये  घिर घिर बदरवा,तन को तडफाये काली काली…

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