धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द द्वारा किये वेद-प्रचार का महत्व और हमारा कर्तव्य”

“ऋषि दयानन्द द्वारा किये वेद-प्रचार का महत्व और हमारा कर्तव्य”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द ने अपना जीवन ईश्वर के सत्यस्वरूप की खोज एवं मृत्यु पर विजय पाने के उपायों को जानने के लिये…

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कविता वास्‍तविक होना

वास्‍तविक होना

विनोद सिल्‍ला बहुत कठिन है वास्‍तविक होना कठिन ही नहीं असंभव है वास्‍तविक होना वास्‍तविक हम या तो बचपन में होते हैं या अपने जीवनसाथी…

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समाज बाल-दुष्कर्म पर लक्ष्मणरेखा कौन खींचेगा

बाल-दुष्कर्म पर लक्ष्मणरेखा कौन खींचेगा

– ललित गर्ग- सुप्रीम कोर्ट ने सक्रियता दिखाते हुए बाल दुष्कर्म एवं नारी अस्मिता एवं अस्तित्व को कुचलने की बढ़ती घटनाओं का संज्ञान लेकर बिल्कुल…

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कविता निराशा के गर्त में

निराशा के गर्त में

डॉ. सतीश कुमार निराशा के गर्त में , डूबे हुए को , आशा की संजीवनी से सींच नवजीवन देना। नाउम्मीदी में डूबी, उनींदी, पथराई आंखों…

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साहित्‍य संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी के शामिल होने से  हिन्दी को होने वाली क्षति ।

संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी के शामिल होने से हिन्दी को होने वाली क्षति ।

1.       भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल होने से हिन्दी भाषियों की जनसंख्या में से भोजपुरी भाषियों की जनसंख्या घट जाएगी. मैथिली की संख्या हिन्दी में…

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कविता पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये कू कू करे कोयल,मन को न भायेमन मोरा नाचे,ये किसको बुलाये जिसकी थी प्रतीक्षा,वो नहीं आये  घिर घिर बदरवा,तन को तडफाये काली काली…

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लेख क्या भगवान् है?

क्या भगवान् है?

एक मेजर के नेतृत्व में 15 जवानो की एक टुकड़ी हिमालय पर्वत में अपने रास्ते पर थी उन्हे ऊपर कही तीन महीने के लिए दूसरी…

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कविता गुरु की महिमा

गुरु की महिमा

गुरु बिन न ज्ञान होत है,गुरु बिन न कोई समान |गुरु बिन मार्ग दिखत है,गुरु बिन बढे न कोई शान || गुरु ज्ञान की बेल…

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धर्म-अध्यात्म “वैदिक धर्म की प्रातः सायं सन्ध्या की परम्परा सबके लिये शिक्षाप्रद”

“वैदिक धर्म की प्रातः सायं सन्ध्या की परम्परा सबके लिये शिक्षाप्रद”

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वैदिक धर्म एवं अन्य मतों में अनेक अन्तर है। वैदिक धर्म ईश्वर प्रदत्त धर्म है जबकि अन्य धार्मिक संगठन व संस्थायें,…

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चिंतन “विश्व में ईश्वरीय ज्ञान वेद का सच्चा धारक, प्रचारक एवं रक्षक एकमात्र आर्यसमाज है”

“विश्व में ईश्वरीय ज्ञान वेद का सच्चा धारक, प्रचारक एवं रक्षक एकमात्र आर्यसमाज है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। क्या परमात्मा है? क्या वह ज्ञान से युक्त सत्ता है। क्या उसने सृष्टि की आदि में मनुष्यों को ज्ञान दिया है?…

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आर्थिकी भीड़तंत्र में फाइव ट्रिलियन इकनॉमी सपना या हकीकत

भीड़तंत्र में फाइव ट्रिलियन इकनॉमी सपना या हकीकत

*हस्तक्षेप / दीपक कुमार त्यागी एडवोकेट**स्वतंत्र पत्रकार व स्तंभकार* देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से लेकर समस्त मोदी सरकार का मंत्रीमंडल…

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गजल एक गजल -वादा करके भी तुम मुकर जाते हो

एक गजल -वादा करके भी तुम मुकर जाते हो

वादा करके भी तुम मुकर जाते हो |सच सच बताओ,तुम किधर जाते हो || करती हूँ तुम्हारा इन्तजार,बैचेन रहती हूँ |साथ मुझको भी ले जाओ,जिधर…

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