ज्योतिष क्रोध, मंगल और ज्योतिष—

क्रोध, मंगल और ज्योतिष—

क्रोध का मुख्य कारण अहंकार है। अगर हम क्रोध पर नियंत्रण चाहते हैं तो अहंकार को हमें सबसे पहले कुचलना होगा।  कुछ लोगों को गुस्से के…

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गजल हिंदी ग़ज़ल

हिंदी ग़ज़ल

कितने रहे अभागे हैं। उलझे उलझे धागे हैं।। छोटी खुशियों के खातिर, रात रात भर जागे हैं। जिन्हें हम मसीहा समझे, वे मर्यादा लाँघे हैं।…

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व्यंग्य जहाँ तुम वहाँ हम

जहाँ तुम वहाँ हम

ये एक ब्रह्मवाक्य है ,जो आम और ख़ास दोनों लोगों के लिये बहुत महत्वपूर्ण है ।सबके अपने अपने गम हैं,जैसे हाल ही में गुजरे जमाने…

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लेख “ऋषि दयानन्द द्वारा दिए सभी उपदेशों का संग्रह न होना मन में खटकता है”

“ऋषि दयानन्द द्वारा दिए सभी उपदेशों का संग्रह न होना मन में खटकता है”

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द को अपनी आयु के चौदहवें वर्ष में मूर्तिपूजा की विश्वसनीयता अथवा उसकी महत्ता पर शंका हुई थी जिसका समाधान…

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राजनीति कर्नाटक में कांग्रेस का नाटक

कर्नाटक में कांग्रेस का नाटक

कर्नाटक में जो चल रहा है वह कतई आश्चर्य का विषय नहीं है. जेडीएस और कांग्रेस के बचे विधायक मंत्री भी कतई न टिकते यदि…

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लेख जवाब तलाशते सवाल: आदिवासी का धर्म और जाति क्या हैं?

जवाब तलाशते सवाल: आदिवासी का धर्म और जाति क्या हैं?

पृथक कॉलम/कोड में आदिवासियों की जनगणना की मांग के विमर्श के दौरान एक जिज्ञासु आदिवासी (कमलेश गमेती, डूंगरपुर, राजस्थान) पूछते हैं कि ”hum hindu nahi h aadiwasi h…

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पर्यावरण आओ चलें एक पेड़ लगाएं …

आओ चलें एक पेड़ लगाएं …

निर्मल रानी  तेज़ रफ़्तार ज़िन्दिगी के इस दौर में हम इतने आगे निकलते जा रहे हैं की ज़िंदिगी  की सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरतों को हम न…

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मनोरंजन “आर्टिकल 15” नींद गायब है, दिमाग में शोर है

“आर्टिकल 15” नींद गायब है, दिमाग में शोर है

आज फिल्म “आर्टिकल 15” रात का अंमित शो देखने का अवसर मिला। हमारे सामाजिक ताने-बाने में विसंगतियां अपार हैं और अंतर्विरोध इतने अधिक कि सयानों…

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मनोरंजन कहब तो लग जाई धक से – आर्टिकल 15

कहब तो लग जाई धक से – आर्टिकल 15

संजीव खुदशाह फिल्म  आर्टिकल 15 की शुरूआत एक प्रसिद्ध जन गीत से होती है। कहब तो लग जाई धक् से, धक् से- बड़े-बड़े लोगन के बंगला…

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कविता तुमने मुझे जीना सीखा दिया

तुमने मुझे जीना सीखा दिया

डॉ. सतीश कुमार तुमने बुझते दीयों को , फिर से जला, उन्हें गर्विला बना, इठलाना सिखा दिया। निराशा को आशा में, दुख को सुख में,…

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कविता तुम ऐसे न थे

तुम ऐसे न थे

तुम तो ऐसे न थे , ऐसे कैसे हो गए हो , तड़प रहे हैं हम , तुम कुछ नहीं कर , कह रहे हो।…

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समाज बीमार स्वास्थ्य सेवा को इलाज की ज़रूरत

बीमार स्वास्थ्य सेवा को इलाज की ज़रूरत

देश में स्वास्थ्य सेवा को मज़बूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसकी झलक 2019-20 के केंद्रीय बजट में भी देखने…

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