प्रवक्ता न्यूज़ शिव वंदना

शिव वंदना

शंकर बाबा बोले बाबा,तुम देवो के देवा बेलपत्र धतूरा चढाये और चढ़ाये  मेवा गंगा से जल लाये है,तुम्हे नहलाने देवा सब भक्त मिलकर,करते तुम्हारी  सेवा…

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समाज  फ्लोरोसिस से बचाव के लिए है व्यापक जागरूकता की जरूरत

 फ्लोरोसिस से बचाव के लिए है व्यापक जागरूकता की जरूरत

सोनिया चोपड़ा हरियाणा के नूंह जिले के मेवात क्षेत्र में फ्लोरोसिस की बीमारी गंभीर रूप धारण करती जा रही है और जागरूकता के अभाव में…

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राजनीति    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और महिलाएं

   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और महिलाएं

विजय कुमार,  जब से राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं, तब से वे कुछ अधिक ही बोलने लगे हैं; पर इससे उनका अज्ञान भी…

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राजनीति नफ़रत की खाई पाटने में क़ानून कितना सक्षम?

नफ़रत की खाई पाटने में क़ानून कितना सक्षम?

निर्मल रानी  दलित समुदाय को देश का बड़ा वोट बैंक मानकर की जाने वाली राजनीति का सिलसिला इन दिनों पूरे शबाब पर है। सत्ता के…

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समाज  नर्मदा घाटी संदर्भ: आदिवासी दिवस व बाबासाहेब

 नर्मदा घाटी संदर्भ: आदिवासी दिवस व बाबासाहेब

प्रवीण गुगनानी, जनजातीय समाज की प्रतिष्ठा, उसके रक्षण व विकास की भारत में प्राचीन परंपरा रही है. प्रकृति पूजन हमें वेदों से प्राप्त हुआ जिसके प्रति नगरीय…

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कविता करुणा निधि करुणा के सागर थे

करुणा निधि करुणा के सागर थे

करुणा निधि करुणा के सागर थे,जनता के अनोखे चहेते थे राजनीती के प्रकांड पंडित थे,हर बार एम एल ए बन जाते थे दक्षिण भारत में…

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धर्म-अध्यात्म “विधवा विवाह के समर्थन में दो सनातनधर्मी पक्षों में हुए शास्त्रार्थ में आर्यसमाजी ठाकुर अमर सिंह एक पक्ष के शास्त्रार्थकर्ता बनाये गये”

“विधवा विवाह के समर्थन में दो सनातनधर्मी पक्षों में हुए शास्त्रार्थ में आर्यसमाजी ठाकुर अमर सिंह एक पक्ष के शास्त्रार्थकर्ता बनाये गये”

–मनमोहन कुमार आर्य,  सन् 1935 में होशियारपुर, पंजाब में सनातन धर्म के दो पक्षों में विधवाओं के पुनर्विवाह के समर्थन में शास्त्रार्थ होना निश्चित हुआ।…

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राजनीति भारत में आदिवासी उपेक्षित क्यों है?

भारत में आदिवासी उपेक्षित क्यों है?

गणि राजेन्द्र विजय  अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस सिर्फ उत्सव मनाने के लिए नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व, संघर्ष, हक-अधिकारों और इतिहास को याद करने के साथ-साथ जिम्मेदारियों…

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विविधा चक दे इंडिया की ओर ले जातीं यशोधरा राजे सिंधिया

चक दे इंडिया की ओर ले जातीं यशोधरा राजे सिंधिया

विवेक कुमार पाठक स्वतंत्र पत्रकार खिलाड़ियों की पौध खड़ा करने वाला मंत्री अगर खेलकूद का प्रशंसक हो तो खेल के लिए इससे बेहतर बात नहीं…

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राजनीति दिल्ली के सड़कों पर मिथिलावद का हल्ला बोल

दिल्ली के सड़कों पर मिथिलावद का हल्ला बोल

5 अगस्त का देश की राजधानी दिल्ली में मैथिल नौजवानों,ने मिथिलावाद का हुंकार भरा तो ये।दिल्ली के आसमान में मिथिलावाद का नारा गूंजता रहा, पीले…

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कविता पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये

आर के रस्तोगी  पड़ गये झूले,प्रियतम नहीं आये कू कू करे कोयल,मन को न भाये मन मोरा नाचे,ये किसको बुलाये जिसकी थी प्रतीक्षा,वो नहीं आये…

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राजनीति देश नहीं है तो कुछ नहीं है। कुछ भी नहीं

देश नहीं है तो कुछ नहीं है। कुछ भी नहीं

विवेक पाठक लेखक स्वतंत्र पत्रकार देश में संचार माध्यमों के विस्तार के साथ अब सत्ता विरोधी आंदोलन बहुत तेजी से खड़े होने की प्रवृत्ति दिखी…

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