कविता कुछ और उठो सत्यार्थी

कुछ और उठो सत्यार्थी

इंसान ज्वालामुखी बन चुके थे, पहले ही, इंसानो के बच्चे भी मासूमियत छोड़कर, ज्वालामुखी बनने लगे हैं, जो कभी भी फट कर सब कुछ जला…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-10

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-10

गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार हमारे देश में लोगों की मान्यता रही है कि शत्रु वह है जो समाज की और राष्ट्र…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-9

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-9

राकेश कुमार आर्य   गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार अर्जुन समझता था कि दुर्योधन और उसके भाई, उसका मित्र कर्ण और…

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विविधा निजी अस्पतालों की लूट कब तक?

निजी अस्पतालों की लूट कब तक?

ललित गर्ग- देश के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य की दृष्टि से तो हालात बदतर एवं चिन्तनीय है ही, लेकिन ये लूटपाट एवं धन उगाने के…

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विविधा जानें डीप वेन थ्रोंबोसिस को

जानें डीप वेन थ्रोंबोसिस को

लंबे सफर के दौरान पैरों का व्यायाम करते रहें   डा.संजय अग्रवाला आर्थोपेडिक सर्जन पीडी हिंदुजा अस्पताल मुबंई शरीर के भीतरी धमनियों में जब रक्त…

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धर्म-अध्यात्म  अपने व पूर्वजों के कर्मों का फल

 अपने व पूर्वजों के कर्मों का फल

डा. राधेश्याम द्विवेदी संसार के प्रत्येक प्राणी को अपने तथा पूर्वजों के कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। इससे मुक्ति कभी नहीं मिलती है।…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य का आत्मा सत्याऽसत्य को जानने वाला है इतर पशु आदि का नहीं

मनुष्य का आत्मा सत्याऽसत्य को जानने वाला है इतर पशु आदि का नहीं

मनमोहन कुमार आर्य सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ की भूमिका में ऋषि दयानन्द जी ने कुछ महत्वपूर्ण बातें लिखी हैं। उनके शब्द हैं ‘मनुष्य का आत्मा सत्याऽसत्य का…

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धर्म-अध्यात्म भाषा, ज्ञान और धर्म का आदि स्रोत वेद

भाषा, ज्ञान और धर्म का आदि स्रोत वेद

मनमोहन कुमार आर्य आज संसार में अनेक भाषायें और अनेक मत-मतान्तर प्रचलित हैं। मत-मतान्तरों को ही लोग धर्म मानने लगे हैं जबकि इन दोनों में…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-8

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-8

गीता का पहला अध्याय और विश्व समाज गीता के विषय के संक्षिप्त या विस्तृत होने की सभी शंका आशंकाओं, सम्भावना और असम्भावना के रहते भी…

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कविता तेरी आँखों में कहीं, खो गए हैं, जागती आँखों में, सो गए हैं।

तेरी आँखों में कहीं, खो गए हैं, जागती आँखों में, सो गए हैं।

देखकर तुझको मुझे, कुछ ऐसा लगा। बात दिल की तुझसे, मैं कह न सका।   आसमां से जैसे ,कोई उतरी हो परी। मेरी धड़कन में…

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विविधा हारून भाई को किसने मारा…

हारून भाई को किसने मारा…

वो फैमिली हेयर ड्रेसर थे, दुबई रिटर्न…जी हां…”दुबई रिटर्न”, ये तमगा 90 के दशक में बड़ी बात  हुआ करती थी, वो बताते थे कि वो…

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कविता  यमुना मइया की कामना 

 यमुना मइया की कामना 

डा. राधेश्याम द्विवेदी मेरे पद पंकज का वंदन चाहे मत एक बार करो । गाल बजाने वालो के सब ढोंगो का प्रतिकार करो । भाव…

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