धर्म-अध्यात्म “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

“वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

  “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जितने भी पदार्थ है उनकी उत्पत्ति होती है और उत्पत्ति…

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राजनीति कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

ललित गर्ग- एक बार फिर कावेरी जल बंटवारे के मसला चर्चा में है। अदालत ने जल बंटवारे के बारे में फैसला फरवरी में ही सुना…

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राजनीति जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

विनोद कुमार सर्वोदय एक बार नेहरू जी ने कहा था कि  “एक क्या एक हज़ार जिन्नाह भी पाकिस्तान नही बना सकते”। तब जिन्नाह बोले थे…

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विश्ववार्ता इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ? डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के साथ भारत और चीन जैसे देशों को भी जोड़ा जाए, यह…

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कविता घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ से,बिजली आज यू बोली बहन कहाँ जा रही हो,मुझे छोड़ अकेली ? मै तो साथ रहती हूँ,हमेशा तुम्हारे साथ क्या मै नहीं अब…

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कविता काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांडी में कब तक झूठ पकेगा कठुवा केस में उसे जानना है असली कातिल कही ओर छिपा है,किसी ओर भेष में उसे पकड़ना…

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उत्‍पाद समीक्षा पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’ – लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।)…

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कविता कर्नाटक चुनाव घोषणा

कर्नाटक चुनाव घोषणा

सारे घोषणा पत्र,झूठे पत्र है,इनको तुम जला देना ये केवल झूठे वादे है,इनको रद्दी तुम समझ लेना सत्ता के मिलने पर,ये घोषणा पत्र नहीं मिल…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’

मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’

मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में मनुष्यों सहित अनेक पशु, पक्षी व अन्य अनेक प्राणी योनियों को देखते हैं। सभी मनुष्यों व जीवित प्राणियों में…

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कविता हर वस्तु मिल सकती है.आज ऑन लाइन पर

हर वस्तु मिल सकती है.आज ऑन लाइन पर

आर के रस्तोगी हर वस्तु मिल सकती  है तुम सबको,आज.ऑन लाइन पर पर माँ की ममता नही मिल सकती,तुम्हे ऑन लाइन पर प्यार करना हो…

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राजनीति        अलगाववादी जिन्ना के निर्माता

       अलगाववादी जिन्ना के निर्माता

       अलगाववादी जिन्ना के निर्माता विजय कुमार जिनका विश्वास भूत-प्रेत में नहीं हैं, वे अपनी मान्यता पर इन दिनों पुनर्विचार कर रहे हैं, क्योंकि मोहम्मद…

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महिला-जगत शैलबाला की दुखद हत्या

शैलबाला की दुखद हत्या

शैलबाला की दुखद हत्या डॉ. वेदप्रताप वैदिक हिमाचल प्रदेश के कसौली नामक पर्यटन-केंद्र में एक सरकारी अफसर की जिस तरह हत्या की गई, उससे अधिक दुखद…

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