कविता आएँगे आएँगे आएँगे, अच्छे दिन आ ही जाएँगे !

आएँगे आएँगे आएँगे, अच्छे दिन आ ही जाएँगे !

आएँगे आएँगे आएँगे, अच्छे दिन आ ही जाएँगे; जीव जड़ ना ही रहेंगे, बोध वे पा भी सकेंगे ! माधुरी दे पाएँगे, मधुर स्वर गा…

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राजनीति झूठ क्यों बोलते हैं राहुल गांधी?

झूठ क्यों बोलते हैं राहुल गांधी?

– लोकेन्द्र सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके राजनीतिक सलाहकारों का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संबंध में अध्ययन ठीक नहीं है। इसलिए जब…

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खेत-खलिहान कृषि भूमि सुधार का आधार जैविक खेती

कृषि भूमि सुधार का आधार जैविक खेती

सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में देश में इस बात के लिए गंभीरता पूर्वक चिंतन होने लगा है कि रासायनिक खादों के चलते कृषि भूमि में जो…

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कविता तूफ़ान मचा  है चारो तरफ

तूफ़ान मचा है चारो तरफ

तूफ़ान आयेगा,तूफ़ान आयेगा तूफ़ान मचा है चारो तरफ सभी पूछ रहे एक दूजे से क्या आया वह तुम्हारी तरफ ? बीवी डिनर के लिए तैयार…

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परिचर्चा ऐलौपैथी चिकित्सा-शिक्षा  का नया संकट

ऐलौपैथी चिकित्सा-शिक्षा का नया संकट

प्रमोद भार्गव जब मैंने इंजीनियरिंग और एमबीए कॉलेजों में सीटों के खाली रहने और फिर कई कॉलेजों के बंद होने की खबरें पढ़ी थीं, तो…

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धर्म-अध्यात्म “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

“वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

  “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जितने भी पदार्थ है उनकी उत्पत्ति होती है और उत्पत्ति…

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राजनीति कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

ललित गर्ग- एक बार फिर कावेरी जल बंटवारे के मसला चर्चा में है। अदालत ने जल बंटवारे के बारे में फैसला फरवरी में ही सुना…

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राजनीति जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

विनोद कुमार सर्वोदय एक बार नेहरू जी ने कहा था कि  “एक क्या एक हज़ार जिन्नाह भी पाकिस्तान नही बना सकते”। तब जिन्नाह बोले थे…

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विश्ववार्ता इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ? डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के साथ भारत और चीन जैसे देशों को भी जोड़ा जाए, यह…

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कविता घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ से,बिजली आज यू बोली बहन कहाँ जा रही हो,मुझे छोड़ अकेली ? मै तो साथ रहती हूँ,हमेशा तुम्हारे साथ क्या मै नहीं अब…

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कविता काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांडी में कब तक झूठ पकेगा कठुवा केस में उसे जानना है असली कातिल कही ओर छिपा है,किसी ओर भेष में उसे पकड़ना…

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उत्‍पाद समीक्षा पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’ – लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।)…

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