कविता खुशिओं के दिन फिर आयेगे

खुशिओं के दिन फिर आयेगे

 राकेश कुमार सिंह मुसाफिर चलता जा, कोशिस करता जा, गम के बादल छट जायेगे, खुशिओं के दिन फिर आयेंगे ! मंजिल जब मिल जायेगी !…

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कविता शबनमी आेश के कण

शबनमी आेश के कण

 राकेश कुमार सिंह शबनमी ओश के कण मोती सदृस्य बिखरे हुये, कोमलता पारदर्शी, मुखड़ा तुम्हारा याद आया ! शीतल मंद वायु का झोका, मौसम अठखेलियाँ…

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राजनीति रमन सरकार के 5000 दिन : जश्र आम आदमी के भरोसे का

रमन सरकार के 5000 दिन : जश्र आम आदमी के भरोसे का

मनोज कुमार किसी भी राज्य के समग्र विकास के लिए स्थायीत्व पहली शर्त होती है. सरकारों का चुन जाना और थोड़े समय में सत्ता में…

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विविधा रोहित वेमुला की जांच के बाद मीडिया पर सवाल

रोहित वेमुला की जांच के बाद मीडिया पर सवाल

मीडिया के लिए राष्ट्रीय नीति जरुरी सुरेश हिन्दुस्थानी एक कहावत है कि एक झूंठ को सौ बार प्रचारित किया जाए तो वह लगभग सत्य जैसी…

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समाज तीन तलाक : एक कुप्रथा का अंत

तीन तलाक : एक कुप्रथा का अंत

मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का अभूतपूर्व निर्णय मुस्लिम समाज में तीन तलाक को लेकर जिस प्रकार से महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो…

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कला-संस्कृति परसाई के बहाने 

परसाई के बहाने 

आरिफा एविस हिंदी साहित्य के मशहूर व्यंग्यकार और लेखक हरिशंकर परसाई से आज कौन परिचित नहीं है और जो परिचित नहीं है उन्हें परिचित होने…

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विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-7

विश्वगुरू के रूप में भारत-7

राकेश कुमार आर्य  आज भी मुस्लिम जगत और ईसाई जगत के नाम पर विश्व दो खेमों में बंट चुका है, और हम देख रहे…

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विविधा सफाई कर्मचारी की असुरक्षित जीवन-शैली

सफाई कर्मचारी की असुरक्षित जीवन-शैली

कोई अन्य नौकरी नही देगा हम शापित हैं। दिल्ली शहर की घनी आबादी के बीच ओखला के एक कमरे के घर में 25 साल का…

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धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज एवं आर्य संस्थाओं के आवश्यक कर्तव्य एवं दायित्व

आर्यसमाज एवं आर्य संस्थाओं के आवश्यक कर्तव्य एवं दायित्व

मनमोहन कुमार आर्य वर्तमान समय में आर्यसमाज की पहचान एक ऐसे भवन के रूप में होती हैं जहां आर्यसमाजी लोग रविवार को एकत्रित होकर यज्ञ,…

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लेख साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए।

साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए।

साहब हमें बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए। हम गरीबों के लिए यही ट्रेन सही से चलवा दीजिए साहब। हमारे लिए यही एक सहारा है। वैसे भी…

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विविधा तिरंगा को दलगत राजनीति से धुंधलाना!

तिरंगा को दलगत राजनीति से धुंधलाना!

ललित गर्ग- भारत का राष्ट्रीय झंडा, भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। हमने अपनी आजादी…

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राजनीति यह कैसा कट्टरवाद ?

यह कैसा कट्टरवाद ?

जब प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि “सबका साथ एवं सबका विकास” ही सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग है तो ऐसे वातावरण में यह…

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