व्यंग्य छपना है तुझे रचना के लिए

छपना है तुझे रचना के लिए

अमित शर्मा (CA) किसी लेखक के लिए छपना उतना ही ज़रूरी और स्वाभाविक है जितना कि किसी राजनैतिक पार्टी का टिकट वितरण में धांधली करना।…

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ज्योतिष जानिए क्या होता है मलमास,कब होगा मलमास आरम्भ,

जानिए क्या होता है मलमास,कब होगा मलमास आरम्भ,

 शुभ कार्यों और शादियों पर कब लगेगा ब्रेक.. जानिए 2018 के शुभ विवाह मुहूर्त  —   प्रिय मित्रों/पाठकों/दर्शकों, सूर्य के बृहस्पति की धनुराशि में गोचर…

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राजनीति प्रजातंत्र के अंधकार युग के प्रतिबिंब और ईमानदारी के मुखौटा हैं मनमोहन सिंह

प्रजातंत्र के अंधकार युग के प्रतिबिंब और ईमानदारी के मुखौटा हैं मनमोहन सिंह

इस देश में महान बनाने की एक फैक्ट्री है. दरअसल, ये फैक्ट्री नहीं एक गैंग है जो महानता के सर्टिफिकेट देती है. इसी फैक्ट्री में…

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महिला-जगत क्या कभी नारी को गुस्सा आया है

क्या कभी नारी को गुस्सा आया है

आज से पांच साल पहले 16 दिसंबर 2012  को जब राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दिल दहला देने वाला निर्भया काण्ड हुआ था तो पूरा…

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विविधा डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर की अभिनव परिकल्पना 

डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर की अभिनव परिकल्पना 

डा. राधेश्याम द्विवेदी बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है, जो भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।वे विश्व स्तर के…

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राजनीति राजनीति में भाषायी चरित्र का उभरता सवाल  

राजनीति में भाषायी चरित्र का उभरता सवाल  

प्रभुनाथ शुक्ल जब हम स्कूल के दिनों में छोटी कक्षा में पढ़ते थे , उस दौरान अँग्रेजी की किताब में एक कहानी थी ” स्काई…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-18

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-18

 राकेश कुमार आर्य  गीता का तीसरा अध्याय और विश्व समाज यहां श्रीकृष्णजी अर्जुन को पुन: उसके धर्म का स्मरण करा रहे हैं कि तू…

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राजनीति निर्विरोध!

निर्विरोध!

शिव शरण त्रिपाठी आखिरकार राहुल गांधी निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष चुन लिये गये। वह नेहरू खानदान की वंश परम्परा के छठे राजनीतिक उत्तराधिकारी होगें। वैसे भी…

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विविधा दूध माफिया : मानव जाति के हत्यारे

दूध माफिया : मानव जाति के हत्यारे

राकेश कुमार आर्य भारत में एक समय था जब गर्मियों के दिनों में विवाह समारोहों को इसलिए नहीं रखा जाता था कि उन दिनों में…

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लेख सिकंदर की पराजय

सिकंदर की पराजय

डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री आजकल टी वी के एक चैनल पर पोरस शीर्षक से दिखाए जा रहे सीरियल के बहाने एक बार फिर वही कहानी याद…

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धर्म-अध्यात्म कुछ ऐसे करे नव वर्ष 2018 की शुरुआत

कुछ ऐसे करे नव वर्ष 2018 की शुरुआत

प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी वर्ष 2017 को विदा करके नववर्ष 2018 का आगमन होने जा  रहा है तथा चारों और नववर्ष के…

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राजनीति  मप्र भाजपा सरकार – कन्याओं को उपहार

 मप्र भाजपा सरकार – कन्याओं को उपहार

भारतीय संस्कृति के मूलाधार वेदों में से अथर्व वेद में कहा गया है – यत्र नार्यन्ति पूज्यन्ते – रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्रफला: क्रिया।। अर्थात जहां स्त्रियों का सम्मान होता है, केवल वहीँ देवी-देवता निवास करते हैं. जिन घरों में स्त्रियों का अपमान होता है, वहां सभी प्रकार की पूजा, अनुष्ठान आदि करने के बादभी भगवान निवास नहीं करते हैं, और वहां दरिद्रता, विपन्नता व समस्याओं का चिर निवास हो जाता है.                स्त्री विमर्श भारत की संस्कृति का एक मूल अंग रहा है.पश्चिम की तरह नारी विमर्श हमारे देश में एक अलग विचारधारा नहीं रही अपितु समग्र मानवीय विकास में हमने नारी को उच्चतम स्थान देकर अपनी विकास यात्रा की है.1968 में फ्रांस के नारी मुक्ति…

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