आर्थिकी गांव, गरीब और किसान की सुुध लेता बजट

गांव, गरीब और किसान की सुुध लेता बजट

– ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-50

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-50

राकेश कुमार आर्य गीता का आठवां अध्याय और विश्व समाज एकाक्षर ब्रह्म गीता के आठवें अध्याय में ब्रह्म, कर्म, अध्यात्म, अधिभूत, अधिदैव, अधियज्ञ तथा अन्तकाल…

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प्रवक्ता न्यूज़ गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-49

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-49

राकेश कुमार आर्य    गीता का सातवां अध्याय और विश्व समाज ईश्वर विषयक भ्रम जो लोग विभिन्न देवी देवताओं की पूजा में लगे…

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राजनीति संकल्प से सिद्धि के लिये मन और माहौल चाहिए

संकल्प से सिद्धि के लिये मन और माहौल चाहिए

– ललित गर्ग- हर व्यक्ति सफल होना चाहता है और सफलता की सीढ़िया चढ़ने के लिये संकल्प बहुत जरूरी है। संकल्प हमारी बहुत बड़ी शक्ति…

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व्यंग्य मोबाइल न छूटे…

मोबाइल न छूटे…

आजकल तो देश के कई भागों में पानी की किल्लत होने लगी है; पर सौ साल पहले चेरापूंजी सबसे अधिक और राजस्थान सबसे कम वर्षा…

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राजनीति लोकतंत्र का लचीला और खुला स्वरूप रहे बरकरार

लोकतंत्र का लचीला और खुला स्वरूप रहे बरकरार

प्रधानमंत्री जी ने गत दिनों दो निजी टी वी चैनलों को दिए अपने साक्षात्कारों में अपने मन की बात हमेशा की तरह हमारे साथ की।…

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धर्म-अध्यात्म संसार ने सर्वप्रथम कैसे जाना ईश्वर व जीवात्मा का अस्तित्व

संसार ने सर्वप्रथम कैसे जाना ईश्वर व जीवात्मा का अस्तित्व

मनमोहन कुमार आर्य आज विश्व का अधिकांश व बहुत बड़ा भाग ईश्वर एवं जीवात्मा के अस्तित्व को स्वीकार करता है। प्रश्न होता है कि ईश्वर…

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आर्थिकी  तमन्नाओं में उलझाया गया हूं….खिलौने दे कर बहलाया गया हूं

 तमन्नाओं में उलझाया गया हूं….खिलौने दे कर बहलाया गया हूं

 वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आख़िरी पूर्ण बजट पेश करने के बाद शाद अजीमाबादी की ये पंक्तियां याद आ रही हैं – तमन्नाओं में उलझाया…

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आर्थिकी आसियान के माध्यम से चीन को चुनौती

आसियान के माध्यम से चीन को चुनौती

दुलीचन्द रमन इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह कुछ खास रहा क्योंकि इस वर्ष 69वें गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान आसियान के दस देशों…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य और उसकी जीवात्मा

मनुष्य और उसकी जीवात्मा

मनमोहन कुमार आर्य दो पैर, दो हाथ तथा बुद्धि से सम्पन्न प्राणी को मनुष्य कह सकते हैं। पशुओं में प्रायः सबके पास चार पैर होते…

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समाज संवेदनहीन होता समाज 

संवेदनहीन होता समाज 

अक्सर बच्चे गलती करते हैं और बच्चों की गलती सुधारने के लिए इस दुनिया में माता-पिता होते हैं, बच्चे की पहली पाठशाला भी माता-पिता ही…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-48

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-48

राकेश कुमार आर्य   गीता का सातवां अध्याय और विश्व समाज ज्ञान-विज्ञान और ईश्वर का ध्यान आत्र्त-जिज्ञासु भजें अर्थार्थी दिन रात। युक्तात्मा ज्ञानी भजै…

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