कला-संस्कृति श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र

श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र

नवदुर्गा पर्व पर विशेष: हिंदी काव्यानुवाद * शिव बोलेः ‘हे पद्ममुखी! मैं कहता नाम एक सौ आठ। दुर्गा देवी हों प्रसन्न नित सुनकर जिनका सुमधुर…

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कला-संस्कृति अयोध्या राम की जन्मस्थली मात्र नहीं आदर्शों की विरासत है !

अयोध्या राम की जन्मस्थली मात्र नहीं आदर्शों की विरासत है !

विरासतें इतिहास के संरक्षण के लिए होती हैं, कल जब आपकी अगली पीढ़ी पूछेगी ये राम कौन थे? कहाँ रहते थे? तब आपके पास किताबों…

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राजनीति वोट-दिमाग’ में दूरियों से पराभव!

वोट-दिमाग’ में दूरियों से पराभव!

नेताजी की पत्नी साधना का कथन ‘‘प्रतीक को राजनीति में लाना होगा।’’ स्पष्ट संकेत है अखिलेश के समानान्तर खड़ा करना। उस पर भी मोदी प्रशंसक…

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व्यंग्य घर की मुर्गी लेकिन उपचार बराबर

घर की मुर्गी लेकिन उपचार बराबर

हर मर्ज़ का इलाज़ हम अपनी मर्ज़ी से करते है। अगर किसी बीमारी का कोई घरेलू इलाज़ हमारे पास उपलब्ध नहीं है तो मतलब वो…

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राजनीति राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बनाम राष्ट्रीय कांग्रेस स्वयं सेवक संघ

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बनाम राष्ट्रीय कांग्रेस स्वयं सेवक संघ

संघ के स्वयंसेवक समाज - सेवा एवं राष्ट्र-निर्माण के लिये कठोर जीवन जीते हैं। उनका लक्ष्य राजनींति एवं सत्ता के माध्यम से सुविधायें न जुटाकर,…

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विविधा नोटबंदी की तरह शराबबंदी भी

नोटबंदी की तरह शराबबंदी भी

आज जरुरत इस बात की है कि देश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। इस प्रतिबंध के बावजूद शराब रुकेगी नहीं, जैसे कि हत्याएं नहीं…

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कला-संस्कृति राम और रामराज्य

राम और रामराज्य

गांधीजी कहते थे- ‘‘अपराधी से नहीं अपराध से घृणा होनी चाहिये।’’ कितना भी बड़ा अपराध क्यों न हो, उसे एहसास करनें वाला, लज्जित होने वाला…

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विविधा जनप्रतिनिधि: लाईसेंस समाज सेवा का या गुंडागर्दी का?

जनप्रतिनिधि: लाईसेंस समाज सेवा का या गुंडागर्दी का?

क्या हमारे देश की राजनीति जो कभी महात्मा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरू,सरदार पटेल,लाल बहादुर शास्त्री,डा० राममनोहर लोहिया,बाबा साहब भीमराव अंबेडकर तथा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जैसे…

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लेख भारत राष्ट्र 

भारत राष्ट्र 

सुरेंद्र नाथ गुप्ता भारतीय संस्कृति ने अखिल ब्रह्मांड के कण-कण में अनन्त चेतन परमब्रह्म परमात्मा का दर्शन किया है।  भारत ने मानव ही नही वरन सम्पूर्ण…

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कविता वरूण ने बिछाया श्वेत जाल

वरूण ने बिछाया श्वेत जाल

डॉ. मधुसूदन बाहर था हिमपात निरंतर, उदास मन,बैठा था घरपर, पढी आप की काव्य पंक्तियाँ। उडा ले गयींं कहीं पंखों पर। अचरज अचरज अपलक अपलक…

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कविता ऋतुराज बसन्त

ऋतुराज बसन्त

शकुन्तला बहादुर आ गया ऋतुराज बसन्त। छा गया ऋतुराज बसन्त ।। * हरित घेंघरी पीत चुनरिया , पहिन प्रकृति ने ली अँगड़ाई नव- समृद्धि पा…

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राजनीति कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा और कांग्रेसियत-युक्त सियासी नजारा

कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा और कांग्रेसियत-युक्त सियासी नजारा

नरेन्द्र मोदी को छोड कर किसी ने ऐसी कोई नजीर पेश नहीं की है अब तक, जो कांग्रेसियत से रहित हो । जिस तरह से…

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