आखिरी बाजी!
Updated: January 6, 2017
शिवशरण त्रिपाठी लखनऊ। अन्यान्न कारणों से समाजवादी पार्टी में अर्से से मची अंर्तकलह अंतत: बाप बेटे के बीच आकर केन्द्रित हो गई है। बीते एक…
Read more
“पुरुष स्त्री की तरह ‘प्रेम’ नहीं कर सकता”
Updated: January 6, 2017
मैत्रेयी पुष्पा “पुरुष प्रेम कहानी नहीं लिख सकते, क्योंकि स्त्री ही प्रेम के कोमल भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकती है। प्रेम को नकारना…
Read more
ओम पुरी का जाना भारतीय सिनेमा के लिये विराट शून्य
Updated: January 6, 2017
महान कलाकार ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 में हरियाणा के अम्बाला शहर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। ओम पुरी के पिता भारतीय…
Read more
चुनावों की तैयारी मतदाता भी करें
Updated: January 6, 2017
एक बात बार-बार सामने आती रही है कि भारत के मतदाता राजनीतिज्ञों से ज्यादा अक्लमंद हैं। जहां नेताओं की अक्ल काम करना बन्द कर देती…
Read more
हैवानियत का नया साल
Updated: January 6, 2017
बंगलोर को बड़े शहरों में लड़कियों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। यही कारण है कि सुदूर बिहार और यू.पी. से भी लड़कियां यहां…
Read more
तुम न बदले थे और न बदलोगे ।
Updated: January 6, 2017
हालात की चाल : – पात्र बदला , स्थान बदला और समय भी बदल गया लेकिन कहानी वही की वही रही । बदला तो सिर्फ…
Read more
नशे की लत या संस्कार है नशाखोरी
Updated: January 6, 2017
-अनिल अनूप भारत में बीते दो दशकों में शराब की खपत पचपन फीसदी बढ़ी है और अब किशोर और महिलाओं में भी इसकी लत जोर…
Read more
कश्मीर घाटी में आतंकियों से लेकर फारुक अब्दुल्ला की राजनीति तक नोटबन्दी का क़हर
Updated: January 6, 2017
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नोटबन्दी के चलते किसको लाभ हुआ और किसको हानि , राजनीति और अर्थशास्त्र के विद्वान लोग इसके लम्बे अरसे तक अध्ययन…
Read more
अग्निपरीक्षा का शंखनाद
Updated: January 6, 2017
प्रवीण दुबे उत्तरप्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद अब देश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है। सभी…
Read more
देश के पांच राज्यों में चुनावी बिगुल
Updated: January 5, 2017
आज दिनांक 4 जनवरी 2017 को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा निम्नलिखित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का ऐलान कर दिया है गया…
Read moreसंसार में सबसे बड़ा परिवार ईश्वर का परिवार है’
Updated: January 5, 2017
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम परिवार शब्द का प्रयोग बहुधा करते हैं। पहले भारत में संयुक्त परिवार होते थे। एक परिवार में कई भाई,…
Read more
काले धन के जड-मूल : पाश्चात्य-पद्धति के स्कूल
Updated: January 5, 2017
काले धन के विष-वृक्ष से समाज व देश को अगर सचमुच ही मुक्त करना है , तो इसकी पत्तियों व डालियों के ‘विमुद्रीकरण’ अथवा लेन-देन…
Read more