होली ने भरा विधवाओं के जीवन में रंग
Updated: March 23, 2016
वृंदावन का गोपीनाथ मंदिर इक्कीस मार्च को नई परंपरा का गवाह बना…सदियों से जिंदगी के रंगों से दूर रही विधवाओं की जिंदगी तब रंगीन हो…
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दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में
Updated: March 22, 2016
उमेश चतुर्वेदी बचपन में मानस में कुछ कोलॉज चस्पा हो जाते हैं..वे कोलॉज ताउम्र आपका पीछा नहीं छोड़ते..कोलकाता को लेकर बचपन से ही मेरे मन…
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हम और हमारा राष्ट्रवाद
Updated: March 22, 2016
फकीरी यहां आदर पाती है और सत्ताएं लांछन पाती हैं -संजय द्विवेदी देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे…
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सत्ता-परिवर्तन मधेशी समस्या का निदान नहीं
Updated: March 22, 2016
श्वेता दीप्ति काँग्रेस अधिवेशन की समाप्ति के साथ ही नेपाल की राजनीति को लेकर इन बदलती परिस्थितियों में कई कयास लगने शुरु हो गए हैं…
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सूफी सम्मेलन से सवाल
Updated: March 22, 2016
शंकर शरण दिल्ली में विश्व सूफी सम्मेलन और उस के द्वारा आतंकवाद की निन्दा की खबर आश्वस्तकारी होनी चाहिए थी। किन्तु अंग्रेजी कहावत है, तफसील…
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यम-यमी का वैदिक स्वरूप
Updated: March 22, 2016
शिवदेव आर्य प्रत्येक मनुष्य समाज को एक नई दिशा व दशा देने की पूर्णरूपेण योग्यता रखता है।अब दिशा व दशा कैसे हो, यह दिशा…
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वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक
Updated: March 22, 2016
सुरेश हिंदुस्थानी वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जो चित्र और चरित्र दिखाई दे रहा है, उसमें निश्चित रूप से देश में प्रदान की जा…
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समाज को तोड़ती जातियां
Updated: March 21, 2016
निर्भय कर्ण जाति एक ऐसा मुद्दा जिससे कोई भी देश अब तक अछूता न रह सका है। कहीं यह धर्म के रूप में तो कहीं…
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भारतीय संस्कृति के उदार सामाजिक बुनावट की पहचान है होली
Updated: March 21, 2016
एम. अफसर खां सागर सदियों पूराना होली का त्यौहार तन और मन पर पड़े तमाम तरह के बैर, द्वेष और अहंकार को सतरंगी रंगों में…
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कहीं बदल न जाये लोकतन्त्र की परिभाषा
Updated: March 21, 2016
हमारा देश , भारत जो विश्वगुरु बनने का सपना देख रहा हैं और अपने आप को सबसे बङा , सबसे मजबूत लोकतन्त्र मानता हैं। लोकतन्त्र…
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सामुदायिक रेडियो पर जीवंत संवाद करती किताब ‘कम्युनिटी रेडियो’
Updated: March 21, 2016
पुस्तक समीक्षा संजीव परसाईं तकनीक के विस्तार के साथ ही संचार माध्यमों का तीव्र गति से विकास हो रहा है. सूचना के लिए कभी हम…
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समाज को खोखला करता तलाक का फैशन
Updated: March 21, 2016
एक अनजानी मासूम अजनबी सी लाडली अपनी जन्मभूमि को छोड़ किसी पराये घर में पराये व्यक्ति के साथ रहने जाती है, जहाँ उसका अपना कोई…
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