राजनीति एक पाती शत्रुघ्न सिन्हा के नाम

एक पाती शत्रुघ्न सिन्हा के नाम

प्रिय शत्रु बचवा तक चच्चा के प्यार-दुलार पहुंचे। आगे यह बताना है कि भगवान के किरिपा से हम इहां राजी-खुशी हैं, और तोहरी राजी खुशी…

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कला-संस्कृति सामुदायिक बहुलता का पर्व है होली

सामुदायिक बहुलता का पर्व है होली

प्रमोद भार्गव होली शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा त्यौहार है,जो सामुदायिक बहुलता की समरसता से जुड़ा है। इस पर्व में मेल-मिलाप का जो आत्मीय भाव…

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विविधा तकनीकी युग की ओर बढ़ती संस्कृत !

तकनीकी युग की ओर बढ़ती संस्कृत !

कीर्ति दीक्षित संस्कृत विद्वानों की भाषा, पंडितों की भाषा, ऐसे ही कुछ नामों से संस्कृत को अलंकृत किया जाता है, और वर्तमान में तो इसे…

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साक्षात्‍कार मेरे जीवन का सबसे कमजोर क्षण और सबसे बङी गलती: स्वामी सानंद

मेरे जीवन का सबसे कमजोर क्षण और सबसे बङी गलती: स्वामी सानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के…

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समाज पुरुषवादी मानसिकता का  बर्बर रूप

पुरुषवादी मानसिकता का  बर्बर रूप

पिछले दिनों महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शनि मंदिर में प्रवेश को लेकर आन्दोलनकारियों और  मंदिर समिति की तमाम कार्यवाहियाँ हमारे सामने आ चुकी हैं.…

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राजनीति आलोचना तो हो, लेकिन नीचा दिखाने के लिए नहीं :  स्मृति ईरानी

आलोचना तो हो, लेकिन नीचा दिखाने के लिए नहीं : स्मृति ईरानी

उमेश चतुर्वेदी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इन दिनों निशाने पर हैं..चूंकि केंद्र में मंत्री हैं, लिहाजा आलोचनाओं के घेरे में उनका होना स्वाभाविक भी है।…

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शख्सियत बहुआयामी प्रतिभा के धनी सूर्यकृष्ण जी

बहुआयामी प्रतिभा के धनी सूर्यकृष्ण जी

प्रायः लोग किसी एक काम के विशेषज्ञ होते हैं; पर सूर्यकृष्ण जी ने कई कामों में अपनी विशेषज्ञता सिद्ध कर दिखायी। उनका जन्म 23 मई,…

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धर्म-अध्यात्म मैं महानतम पुरुष ईश्वर को जानता हूं

मैं महानतम पुरुष ईश्वर को जानता हूं

मनमोहन कुमार आर्य यदि किसी मनुष्य ने ईश्वर या सृष्टि आदि विषयों को जानना है तो उसे इन विषयों के जानकार विद्वान व ज्ञानी पुरुषों…

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समाज पातालकोट के नन्हे जुगनू

पातालकोट के नन्हे जुगनू

जावेद अनीस छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक में स्थित पातालकोट मानो धरती के गर्भ में समाया है। तकरीबन 89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह…

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समाज हमारा मूल विदेशों में नही, भारत में है

हमारा मूल विदेशों में नही, भारत में है

भारत में जातियों का वर्गीकरण और उनकी सामाजिक स्थिति को विकृत करने का काम अंग्रेजों ने किया। भारत की प्राचीन वर्णव्यवस्था कर्म के आधार पर…

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राजनीति ग़ुलाम नबी की ग़ुलाम वाणी की पटकथा कौन लिख रहा है ?

ग़ुलाम नबी की ग़ुलाम वाणी की पटकथा कौन लिख रहा है ?

-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ग़ुलाम नबी जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं । मूलत कश्मीर घाटी से हैं लेकिन उनके पुरखे कभी पीर पंजाल को…

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विविधा सूफीमत की ‘रूहानियत’ ही अध्यात्म-विज्ञान

सूफीमत की ‘रूहानियत’ ही अध्यात्म-विज्ञान

जब आतंकवाद को सूफीवाद से खत्म किये जाने की बात कही जा रही है, ऐसे में आध्यात्मिक क्रान्ति से कदाचार (अनाचार, अत्याचार, भ्रष्टाचार, व्यभिचारादि) का…

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