जन-जागरण मन की बात, अब देश की आवाज है

मन की बात, अब देश की आवाज है

आखिर मोदी चाहते क्या है ? इस बात को लेकर विचार कांति के सारे पुर्जे अब चलायमान हो गये है। कंाग्रेस ने तो मान लिया…

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जन-जागरण ट्वीट से नहीं बल्कि जमीनी सुधार से सुधरेगी भारतीय रेलवे

ट्वीट से नहीं बल्कि जमीनी सुधार से सुधरेगी भारतीय रेलवे

मौजूदा वक़्त में भारत सरकार के जिस मंत्रालय की सबसे अधिक चर्चा है वह रेल मंत्रालय है। रोजाना कई करोड़ों यात्रियों को उनके गंतव्य तक…

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विविधा गंगा

गंगा

 गंगा की भोगौलिक उत्पत्ति मध्य-हिमालय के गंगोत्री हिमवाह(ग्लेसियर) से हुई। इस हिमवाह के पूर्व दिशा से अलकनन्दा का स्रोत आया है एवम् पश्चिम की ओर…

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जन-जागरण कब उठेगी स्त्री सम्मान पर आवाज

कब उठेगी स्त्री सम्मान पर आवाज

16 दिसम्बर : विशेष वर्ष 2012 से 16 तारीख भी इसमें जुड़ गई है। एक ऐसे शर्मनाक, दर्दनाक, भयानक, रोंगटे खड़े करनी वाली घटना की…

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प्रवक्ता न्यूज़ नेहरू नही चाहते थे कश्मीर का समाधान

नेहरू नही चाहते थे कश्मीर का समाधान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सम्पर्क प्रमुख तथा पूर्व में जम्मू-कश्मीर के प्रांत प्रचारक रहे अरुण कुमार ने एक वार्ता में कहा कि जम्मू-कश्मीर में…

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राजनीति केजरीवाल का सच

केजरीवाल का सच

हिन्दुस्तान के स्वघोषित सबसे बड़े ईमानदार नेता अरविंद केजरीवाल इतनी जल्दी बेनकाब हो जायेंगे, ऐसी उम्मीद नहीं थी। इतनी जल्दी तो लालू और ए. राजा…

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राजनीति नेशनल हेराल्ड और देशहित

नेशनल हेराल्ड और देशहित

डा. अरविन्द कुमार सिंह एक छोटे से घटनाक्रम से बात की शुरूआत करूॅगा। एक शादी के सिलसिले में लख्नउ जाना हुआ।एक हाल में हमें ठहराया…

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व्यंग्य गम खा – खूब गा…!!

गम खा – खूब गा…!!

​ तारकेश कुमार ओझा कड़की के दिनों में मिठाई खाने की तीव्र इच्छा होने पर मैं चाय की फीकी चुस्कियां लेते हुए मिठाई की ओर…

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राजनीति इंद्र के इंद्रासन को जिससे खतरा हो उसके तप को अक्षुण क्यों रहना चाहिए ?

इंद्र के इंद्रासन को जिससे खतरा हो उसके तप को अक्षुण क्यों रहना चाहिए ?

अपने प्रधान सचिव राजेन्द्र के दफ्तर पर ताजा सीबीआई छापे से बौखलाए अरविन्द केजरीवाल खुद ही अपनी हंसी उड़वा रहे हैं। ”आप”नेता जब दिल्ली राज्य…

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विविधा पर्यावरण तो हमारे संस्कारों का प्रतीक है – संजय जोशी

पर्यावरण तो हमारे संस्कारों का प्रतीक है – संजय जोशी

हमारे देश में अवलेह, पाकड़, पीपल, केला, तुलसी आदि वृक्षों की पूजा होती है। जानवरों में कई जानवरों से प्रेम किया जाता है और उन्हे…

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व्यंग्य क्यों रें अज्जू!!!

क्यों रें अज्जू!!!

क्यों रें अज्जू!!! क्या हो रिया हैं आजकल । अज्जू- कुछ नहीं हो रिया यार पीके,बस फेसबुकिया बन एक दुसरे को गरिया रहै हैं ।…

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धर्म-अध्यात्म प्रगति का सूचक है बुद्धिवाद

प्रगति का सूचक है बुद्धिवाद

अशोक “प्रवृद्ध”   मजहब और धर्म भिन्न-भिन्न हैं । धर्म का सम्बन्ध व्यक्ति के आचरण से होता है और मजहब कुछ रहन-सहन के विधि-विधानों और…

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