राजनीति बिहार मे मोदी और नीतीश की प्रतिष्‍ठा पर दांव

बिहार मे मोदी और नीतीश की प्रतिष्‍ठा पर दांव

लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के रथ पर सवार हो कर चार राज्‍यों मे अपनी कामयाबी का परचम तो फहराया ,लेकिन…

Read more
व्यंग्य गधे ने जब मुंह खोला

गधे ने जब मुंह खोला

मैंने रोज की तरह लाला दयाराम की बरसों से बन रही हवेली के लिए सूरज निकलने से पहले अपने पुश्तैनी गधे के पोते के पड़पोते…

Read more
जन-जागरण गोमांस की बढ़ती बिक्री से पशुधन का संकट

गोमांस की बढ़ती बिक्री से पशुधन का संकट

प्रमोद भार्गव उत्तर प्रदेश के दादरी में गोमांस खाने की अफवाह के चलते एक समुदाय विशेष के व्यक्ति की हत्या और लालू प्रसाद द्वारा हिंदूओं…

Read more
कहानी कहानी- कर्ज़ा

कहानी- कर्ज़ा

रवि श्रीवास्तव लहराती फसल कितना सुकून देती है। रमेश अपने बेटे से कहता हुआ खेत को देख रहा था। हर तरफ से घूम कर अपनी…

Read more
विविधा पंडित नेहरु और भारतीय लोकतन्त्र

पंडित नेहरु और भारतीय लोकतन्त्र

बी एन गोयल गत दिनों कुछ लोगों ने विकिपेडिया विश्वकोश में पंडित जवाहर लाल नेहरू के पृष्ठ पर कुछ नकारात्मक बदलाव करने का प्रयत्न किया।…

Read more
विविधा सभी धर्म – मजहबों के प्रमुख कर्ता -धर्ता, पोप फ्रान्सिस से भी कुछ सीखें !

सभी धर्म – मजहबों के प्रमुख कर्ता -धर्ता, पोप फ्रान्सिस से भी कुछ सीखें !

वैसे मुझे किसी भी धर्म-मजहब से कोई लगाव या दुराव नहीं है। बल्कि मुझे तो सभी धर्मगुरु ,खलीफा और मठाधीश एक जैसे लुच्चे-लफंगे नजर आते…

Read more
राजनीति आभासी सांप्रदायिकता के खतरे

आभासी सांप्रदायिकता के खतरे

संजय द्विवेदी जिस तरह का माहौल अचानक बना है, वह बताता है कि भारत अचानक अल्पसंख्यकों (खासकर मुसलमान) के लिए एक खतरनाक देश बन गया…

Read more
टॉप स्टोरी गोहत्या पर यह कैसी राजनीति?

गोहत्या पर यह कैसी राजनीति?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गोमांस खाने के शक को लेकर मोहम्मद इखलाक की जो हत्या हुई है, उसकी भर्त्सना पूरे देश ने की है लेकिन फिर भी…

Read more
कहानी कहानी – प्रेम गली अति सांकरी….

कहानी – प्रेम गली अति सांकरी….

विश्व साहित्य में प्रेमकथाओं का सदा से ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इनमें भी वे कथाएं अधिक लोकप्रिय हुई हैं, जिनका अंत सुखद नहीं रहा।…

Read more
जन-जागरण दादरी जैसी घटनाऐं : आत्म मंथन की जरूरत

दादरी जैसी घटनाऐं : आत्म मंथन की जरूरत

दादरी के बिसड़ा गांव में जो हुआ उसने दुनिया को फिर याद दिलाया कि हमारे प्रधानमंत्री चाहे नये भारत की कितनी भी बातें करें ,…

Read more
टॉप स्टोरी संगीत पर… हंगामा है क्यों बरपा?

संगीत पर… हंगामा है क्यों बरपा?

एम. अफसर खां सागर संगीत, साहित्य और कला ने समाज को हमेशा से दिशा देकर एकता और सौहार्द के मखमली डोर में पिरोने का काम…

Read more
कला-संस्कृति गुलाम अली: शिवसेना का कुतर्क

गुलाम अली: शिवसेना का कुतर्क

डॉ. वेदप्रताप वैदिक आजकल मैं मुंबई आया हुआ हूं। यहां मेरे व्यक्तिगत मित्रों और सिने जगत के कुछ सितारों से भेंट हो रही है। आज…

Read more