राजनीति …लेकिन बाजी पलट गई!

…लेकिन बाजी पलट गई!

रोहित वेमुला और कन्हैया के मामले को देश के विपक्षी नेताओं ने जमकर भुनाया था। टीवी चैनलों और अखबारों को देखकर ऐसा लगता था कि…

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राजनीति राहुल! मित्र क्षणम् श्रूयताम्

राहुल! मित्र क्षणम् श्रूयताम्

इसे आज की राजनीति की विडंबना कहें या राहुल का सौभाग्य कहें कि कांग्रेस के सामने आज नेतृत्व का संकट है। जिस कारण कांग्रेस की…

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राजनीति हिंसक होते आरक्षण आंदोलन- राजनैतिक साज़िशों  के कारण ?

हिंसक होते आरक्षण आंदोलन- राजनैतिक साज़िशों  के कारण ?

मृत्युंजय दीक्षित हरियाणा में आश्चर्यजनक ढंग से जाट आरक्षण आंदोलन हिंसक हो गया। 30 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान , कम से…

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कहानी विश्वनाथ

विश्वनाथ

‘विश्वनाथ! अरे ओ हमार लाल, कहाँ चला गवा रे तू! तोरे बिना हमार मन नाहीं लागत है रे! हे भगवान! हमार बिटवा के हमरे पास…

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राजनीति क्या अठाइस मौतें दिला पाएँगी जाटों को आरक्षण ?

क्या अठाइस मौतें दिला पाएँगी जाटों को आरक्षण ?

हरियाणा से लौटकर जग मोहन ठाकन पैंतीस हज़ार करोड़ की संपत्ति स्वाहा , अठाइस जिंदगियाँ खाक ,200 से अधिक जखमी और सदा के लिए जातिगत…

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धर्म-अध्यात्म पाखण्ड खण्डिनी पताका, सद्धर्म प्रचार और महर्षि दयानन्द

पाखण्ड खण्डिनी पताका, सद्धर्म प्रचार और महर्षि दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य किसी भी विषय में सत्य का निर्धारण करने पर सत्य वह होता है जो तर्क व युक्ति के आधार पर सिद्ध हो।…

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कविता वह गोद मेरी लेट कर !

वह गोद मेरी लेट कर !

वह गोद मेरी लेट कर, ताके सकल सृष्टि गया; मेरी कला-कृति तक गया, झाँके प्रकृति की कृति गया ! देखा कभी मुझको किया, लख दूसरों…

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कविता वह समझता मुझको रहा !

वह समझता मुझको रहा !

वह समझता मुझको रहा, मैं झाँकता उसको रहा; वह नहीं कुछ है कह रहा, मैं बोलता उससे रहा ! अद्भुत छवि आलोक रवि, अन्दर समेटे…

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व्यंग्य उनकी आजादी व हमारी असहिष्णुता

उनकी आजादी व हमारी असहिष्णुता

डॉ० व्योमेश चित्रवंश मैं शांति से बैठा अख़बार पढ़ रहा था, तभी कुछ मच्छरों ने आकर मेरा खून चूसना शुरू कर दिया। स्वाभाविक प्रतिक्रिया में…

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विविधा भारत माँ की औलाद हूँ

भारत माँ की औलाद हूँ

हे भारत माँ, मैं शर्मिंदा हूँ की मैंने अबतक की जिन्दगी में आपकी सुरक्षा, आत्मसम्मान की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया| पढाई-लिखाई से फुर्सत…

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विविधा नई चुनौतियों के अनुरूप ढले रेल ?

नई चुनौतियों के अनुरूप ढले रेल ?

प्रमोद भार्गव भारतीय रेल विश्व का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान है,लेकिन इस ढांचे को किसी भी स्तर पर विश्वस्तरीय नहीं माना जाता। गोया इसकी सरंचना…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टिकर्त्ता ईश्वर प्रदत्त वैदिक धर्म सभी मनुष्यों का परमधर्म

सृष्टिकर्त्ता ईश्वर प्रदत्त वैदिक धर्म सभी मनुष्यों का परमधर्म

मनमोहन कुमार आर्य अग्नि आदि किसी पदार्थ के जलना, प्रकाश व गर्मी देना आदि गुणों को उसका धर्म कहा जाता है। मनुष्यों में जिन श्रेष्ठ…

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