जसु अपजसु बिधि हाथ
Updated: September 10, 2015
यों तो हमारे कार्यालय में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है; पर कभी-कभी शुक्रवार या सोमवार को कोई पर्व या जयंती भी आ…
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हवाबाजी कौन कर रहा है?
Updated: September 10, 2015
डॉ.वेदप्रताप वैदिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए कह दिया कि वे कोरी हवाबाजी कर रहे हैं। उन्होंने जो चुनावी वादे किए, उन्हें वे…
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मांस सेवन के विवाद में उलझा स्मार्ट बनता भारत
Updated: September 10, 2015
निर्मल रानी हमारा देश भारतवर्ष विभिन्न धर्मों,जातियों तथा अलग-अलग विश्वासों के मानने वालों का देश है। हमारे देश का संविधान देश के सभी नागरिकों को…
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हिन्दी प्रेस का पैनापन
Updated: September 10, 2015
बी एन गोयल अभी हाल ही में ओम थानवी जनसत्ता के संपादक के पद से सेवा मुक्त हुए हैं। पाठकों ने कुछ प्रतिक्रियाएँ व्यक्त…
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आधुनिकता की चमक और रिश्तों की मर्यादा
Updated: September 10, 2015
सुरेश हिंदुस्थानी भारतीय संस्कृति के संवाहकों में जिस प्रकार से पाश्चात्य जीवन शैली की झलक की घुसपैठ हुई है, उससे यह तो सवाल पैदा हुआ…
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श्री हरीबाबू बिंदल द्वारा लिखित तीन पुस्तकों का लोकार्पण व विमोचन
Updated: September 10, 2015
श्री हरीबाबू बिंदल की हाल ही में प्रकाशित तीन पुस्तकों, (1).प्रतिबिम्ब, अमेरिका में लिखी प्रवासी कहानियों का संग्रह, (2) अमुक्तक भाग 2, अमेरिका में लिखी…
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बिहार में महागठबंधन बनाम भाजपा का घमासान
Updated: September 11, 2015
बिहार में जातिगत राजनीति का इतिहास रहा है। चाहे अम्बेडकर हो या लोहिया का नारा ‘सौ में पिछड़ा पावे साठ’ चाहे श्रीकृष्ण सिंह पिछड़ा बहस…
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हिंदी जगत के युग प्रवर्तक भारतेंदु हरिश्चंद्र
Updated: September 9, 2015
9 सितम्बर विशेष:- मृत्युजंय दीक्षित हिंदी साहित्य के माध्यम से नवजागरण का शंखनाद करने वाले भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म काशी मंे 9 सितम्बर 1850 को…
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अगर अल्लाह पैदा करना चाहेगा…..
Updated: September 9, 2015
आशीष कुमार ‘अंशु’ वर्ष 2005 में 21 देशों से इस्लामिक विषयों के 40 विद्वान इस्लामाबाद में इकट्ठे हुए. वहां बात होनी थी, मुसलमानों के बीच…
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आधुनिक हिंदी के जनक थे भारतेन्दु
Updated: September 9, 2015
(जन्म दिवस पर विशेष) हिमकर श्याम हिन्दी साहित्य में आधुनिक काल का प्रारम्भ ‘भारतेन्दु काल’ से माना जाता है. भारतेन्दु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी के जन्मदाता…
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हिन्दी का सामर्थ्य , यह बाजार की भाषा है
Updated: September 9, 2015
डॉ. मयंक चतुर्वेदी बाजार में हर चीज बिकती है, यहाँ तक कि हवा, पानी, मिट्टि से लेकर हर वह चीज जिसे किसी न किसी रूप…
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चिन्गारी भर दे मन में
Updated: September 9, 2015
चिन्गारी भर दे मन में ऐसा गीत सुनाओ कविवर, खुद्दारी भर दे मन में। परिवर्तन लाने की खातिर, चिन्गारी भर दे मन में।। हम सब…
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