जरूर पढ़ें कामवासना की अमूल्य ऊर्जा

कामवासना की अमूल्य ऊर्जा

कामवासना की अमूल्य ऊर्जा-१ आधुनिक समाज, चिकित्सकों और वैज्ञानिकों में यह विचार गहरी जड़े जमा चुका है कि शुक्र रक्षा या ब्रह्मचर्य का पालन करना…

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हिंदी दिवस 10वां विश्व हिन्दी सम्मेलन,  भोपाल

10वां विश्व हिन्दी सम्मेलन, भोपाल

आगामी 10-12सितम्बर तक विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन भोपाल मे होना है,और इसका बिगुल भी सारे देश मे बजना शुरू हो चुका हैं ।तमाम राजनेता…

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विश्ववार्ता चुनौतियों के बीच विक्रमसिंघे सरकार

चुनौतियों के बीच विक्रमसिंघे सरकार

  अरविंद जयतिलक आम चुनाव में श्रीलंका की जनता ने रानिल विक्रमसिंघे के हाथ भविष्य की कमान सौंप दी है। उन्हें चौथी बार देश का…

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जन-जागरण भूकंप की बुनियाद पर स्मार्ट शहर ?

भूकंप की बुनियाद पर स्मार्ट शहर ?

प्रमोद भार्गव भारत सरकार ने देश में 100 स्मार्ट शहर बसाने का फैसला ठीक उस समय लिया है,जब नेपाल समेत भारत भूकंप की त्रासदी झेल…

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टॉप स्टोरी दो सितम्बर की शानदार हड़ताल संघर्षों के इतिहास में मील का पत्थर है !

दो सितम्बर की शानदार हड़ताल संघर्षों के इतिहास में मील का पत्थर है !

  २-सितमबर की शानदार सफल हड़ताल से देश के मजदूर -किसान और कर्मचारी वर्ग के हौसले बुलंद हैं। जिन लोगों को इस हड़ताल से कुछ…

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राजनीति बिहार की करवट बदलती राजनीति

बिहार की करवट बदलती राजनीति

सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए राजनीतिक करवट बदलने का जोरदार अभियान प्रारम्भ हो गया है। इसकी राजनीतिक…

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राजनीति अधिकार नहीं ज़रूरत बने आरक्षण व्यवस्था

अधिकार नहीं ज़रूरत बने आरक्षण व्यवस्था

निर्मल रानी हमारे देश में नौकरी,पदोन्नति,शिक्षण संस्थाओं में दाख़िला तथा संसदीय निर्वाचन व्यवस्था जैसे और भी कई क्षेत्रों में लागू की गई जाति आधारित आरक्षण…

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शख्सियत “उदास नस्लें” के दास्तानगो अब्दुल्ला हुसैन

“उदास नस्लें” के दास्तानगो अब्दुल्ला हुसैन

जावेद अनीस   उर्दू के शीर्ष उपन्यासकार अब्दुल्ला हुसैन का 7 जून 2015 का 84 वर्ष के उम्र में देहांत हो गया, वे लम्बे समय…

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कविता अट्टहास सुन रहे हो काल का????

अट्टहास सुन रहे हो काल का????

इस धरती को जीने योग्य कैसे बनाएँ?   अट्टहास सुन रहे हो काल का????   अबूझ गति खंड की जो क्षण का वेग है।।।।।।  …

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महत्वपूर्ण लेख सार्थक सिनेमा की बढ़ती जरूरत

सार्थक सिनेमा की बढ़ती जरूरत

प्रमोद भार्गव अब फिल्म देखने की इच्छा दिमाग में नहीं जागती। यही वजह रही कि पिछले ड़ेढ़ दशक से छविगृह में जाकर कोई फिल्म नहीं…

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धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द ने देश व धर्म के लिए माता-पिता-बन्धु-गृह व अपने सभी सुखों का स्वेच्छा से त्याग किया

महर्षि दयानन्द ने देश व धर्म के लिए माता-पिता-बन्धु-गृह व अपने सभी सुखों का स्वेच्छा से त्याग किया

-विश्व इतिहास की अन्यतम् घटना- भारत संसार में महापुरूषों को उत्पन्न करने वाली भूमि रहा है। यहां प्राचीन काल में ही अनेक ऋषि मुनि उत्पन्न…

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कविता मौन का संगीत

मौन का संगीत

जो लिखे थे आँसुओं से, गा सके ना गीत। अबतलक समझा नहीं कि हार है या जीत।।   दग्ध जब होता हृदय तो लेखनी रोती।…

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