धर्म-अध्यात्म ‘समाज में बढ़ता पाखण्ड व ठगी और अन्धकारनाशक वेदविद्या’

‘समाज में बढ़ता पाखण्ड व ठगी और अन्धकारनाशक वेदविद्या’

       हमारे देश के पतन के कारणों में मुख्य कारण था विद्या का ह्रास तथा अन्धविश्वासों व पाखण्डों की वृद्धि। वर्तमान में देश में जो…

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राजनीति आपातकाल आज भी अनौपचारिक रूप से देश में मौजूद है

आपातकाल आज भी अनौपचारिक रूप से देश में मौजूद है

शैलेन्द्र चौहान आपातकाल की चालीसवीं वर्ष गांठ के अवसर पर राजनीतिक विमर्श का एक दौर चल पड़ा है। लालकृष्‍ण आडवाणी के बाद अब पूर्व लोकसभा…

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विविधा शारीरिक व्यायाम की प्राचीन कला है योग

शारीरिक व्यायाम की प्राचीन कला है योग

प्रमोद भार्गव यह विडंबना ही है कि जब योग को पूरी दुनिया ने स्वीकार कर लिया है तब चंद धार्मिक समूह इसे धर्म और संप्रदाय…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग दुनिया को क्यों है योग की ज़रूरत

दुनिया को क्यों है योग की ज़रूरत

मो. अनीस उर रहमान खान   आधुनिक युग ने मनुष्य को इतना प्रायौगिक बना दिया है कि वह हर चीज़ को वैज्ञानिक दृष्टि से परखने…

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राजनीति बिहारः दांव पर नरेंद्र मोदी

बिहारः दांव पर नरेंद्र मोदी

प्रमोद भार्गव दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में किरण बेदी का चेहरा आगे करने का हश्र झेल चुकी भाजपा अब कोई दूसरा खतरा…

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राजनीति कलम पर सत्ता का कहर

कलम पर सत्ता का कहर

अरविंद जयतिलक याद होगा २०१२ के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब अखिलेश यादव ने बाहुबली डीपी यादव को समाजवादी पार्टी में लेने का विरोध…

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राजनीति अपराधों से कराहता समाजवादी प्रदेश

अपराधों से कराहता समाजवादी प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां विकास के बड़े- बडे़ दावे के साथ सर्वोच्च न्यायालय की खुली अवहेलना करते हुए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं…

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विविधा संतान को देकर जाएं

संतान को देकर जाएं

श्री राम कृष्ण श्रीवास्तव 1  हम अपने माता पिता होने का दायित्व बड़ी कुशलता से निभाते हैं। अपने बच्चे को योग्यतम शिक्षा और ज्ञान देकर…

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जन-जागरण एक ईश्वर के अनेक नामों का आधार

एक ईश्वर के अनेक नामों का आधार

मनमोहन कुमार आर्य जिस प्रकार से नेत्रहीन मनुष्य संसार के दृश्यों के बारे में कल्पनायें करता है उसी प्रकार लगता है कि हमारे अल्पज्ञानी लोगों…

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विविधा माता-पिता सावधान !

माता-पिता सावधान !

जीवधारियों में शायद मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसके बच्चे की परवरिश सबसे अलग व संघर्षपूर्ण है | पहले माता बच्चे को नौ महीने अपनी…

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राष्ट्र के कामकाज और व्यवहार की भाषा ही देश की भाषा हो

अशोक “प्रवृद्ध” जातीय अर्थात राष्ट्रीय उत्थान और सुरक्षा के लिये किसी भी देश की भाषा वही होना श्रेयस्कर होता है,जो जाति अर्थात राष्ट्र के कामकाज…

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कविता उड़ान

उड़ान

कोई बता दे मुझे मेरी पहचान क्या है हूँ दीया कि बाती, या फिर उसकी पेंदी का अंधकार, हूँ तिलक उनकी ललाट पर या बस…

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