विविधा लाइवलीहुड कॉलेज अर्थात कौशल उन्नयन

लाइवलीहुड कॉलेज अर्थात कौशल उन्नयन

  -मनोज कुमार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से निकल कर धुर नक्सली जिला कांकेर के रास्ते में लाइवलीहुड कॉलेज का नाम लिखा पढ़ा तो एकबारगी…

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शख्सियत ’इन अंखियन जस जन-गन-मन देखा’: स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद

’इन अंखियन जस जन-गन-मन देखा’: स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद

गंगापुत्र स्वामी सानंद से बातचीत पर आधारित एक श्रृंखला शीघ्र अरुण तिवारी खास परिचितों के बीच ’जी डी’ के संबोधन से चर्चित सन्यासी स्वामी ज्ञानस्वरूप…

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विविधा हिन्दी की विकास यात्रा किस ओर………

हिन्दी की विकास यात्रा किस ओर………

  कोई भी भाषा सदैव एक सी नहीं रहती बदलावों को ग्रहण करके ही आगे बढती है, इस यात्रा मे देश के इतिहास की भी…

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विविधा सर का शौर्य, साहब का शोक….!!

सर का शौर्य, साहब का शोक….!!

तारकेश कुमार ओझा आज का अखबार पढ़ा तो दो परस्पर विरोधाभासी खबरें मानों एक दूसरे को मुंह चिढ़ा रही थी। पहली खबर में एक बड़ा…

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धर्म-अध्यात्म वर्तमान शिक्षा में समग्र वैदिक विचारधारा को सम्मिलित करना सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास और देशोन्नति के लिए आवश्यक

वर्तमान शिक्षा में समग्र वैदिक विचारधारा को सम्मिलित करना सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास और देशोन्नति के लिए आवश्यक

  सभी नागरिकों, नेताओं व सुधी जनों का कर्तव्य हैं कि वह देश की अधिक से अधिक उन्नति पर विचार करें और अच्छे-अच्छे सुझाव समाज…

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राजनीति एक ही थाली के चटटे-बट्टे ………………………

एक ही थाली के चटटे-बट्टे ………………………

रविन्द्र प्रताप सिंह सियासतदारों की जिद्द के आगे संसद का पूरा मानसून-सत्र धूल गया। हर किसी की जुबान पर इनकी करतूत के चर्चे हैं। लेकिन…

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विविधा आनंदीसहाय शुक्ल: टूट गया सांसों का इकतारा

आनंदीसहाय शुक्ल: टूट गया सांसों का इकतारा

गिरीश पंकज पं.आनंदी सहाय शुक्ल हम सब को रोता बिलखता छोड़ कर चले गए। उनके निधन की खबर सुनते ही मुझे उनकी ही कविता याद आ गई,…

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कविता मेरा सब कुछ अब तू ही मेरे मौला

मेरा सब कुछ अब तू ही मेरे मौला

  मुझे अपने रंग में ; रंग दे ,मेरे मौला मुझे भी अपने संग ले ले ,मेरे मौला जब हर कोई मेरा साथ छोड़ दे…

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कविता स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद

  आज भी परिभाषित है उसकी ओज भरी वाणी से निकले हुए वचन ; जिसका नाम था विवेकानंद ! उठो ,जागो , सिंहो ; यही…

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कविता रूपांतरण

रूपांतरण

एक भारी वर्षा की शाम में अकेले भीगते हुए  … .. और अंधेरे आकाश की ओर ऊपर देखते हुए .. जो की भयानक तूफ़ान के…

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विविधा पुरातन भारतीय साहित्य में नाग अर्थात सर्प

पुरातन भारतीय साहित्य में नाग अर्थात सर्प

अशोक “प्रवृद्ध”   पुरातन भारतीय साहित्य में नाग शब्द का सर्प और हस्ती दोनों अर्थों में बहुतायत से प्रयोग हुआ है । नग पर्वत को…

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धर्म-अध्यात्म दक्षिण भारत के संत (15) पेरियलवार विष्णुचित्त

दक्षिण भारत के संत (15) पेरियलवार विष्णुचित्त

बी एन गोयल हे ईश्वर हमारी रक्षा करो। हमारे परिवार के सभी सदस्य, हमारे सभी पूर्वज और हमारी आगामी पीढ़ियाँ, सब आप के सेवक हैं।…

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