छवि पर असर पर शिवराज को खतरा नहीं
Updated: February 19, 2015
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत से भाजपा अभी मंथन के दौर से उबरी भी नहीं थी कि मध्य भारत में पार्टी का…
Read more
राजनीति के वर्तमान दौर में अरविंद केजरीवाल
Updated: February 19, 2015
राजनीति यदि पूरी जि़म्मेदारी,ईमानदारी,पारदर्शिता तथा जनकल्याण आदि के मक़सद को लेकर की जाए तो निश्चित रूप से यह कोई कम पुनीत पेशा नहीं है। परंतु…
Read more
प्रेम का ऐसा हठयोग …?
Updated: February 19, 2015
आलता भरे पांव से वो ठेलती है, उन प्रभामयी रश्मियों को, कि सूरज आने से पहले लेता हो आज्ञा उससे प्रेम का ऐसा हठयोग देखा…
Read more
‘आप‘ की जीतः
Updated: February 19, 2015
मोदी के 249 दिन पर केजरीवाल के 49 दिन भारी\ –इक़बाल हिंदुस्तानी अमीर समर्थक व वादे पूरे ना करने से हारी बीजेपी! …
Read more
होली बाद नमाज़
Updated: February 19, 2015
अहद एक मुसलमान है। मुसलमान इसिलए क्योंकि वो एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ है। हां ये बात अलग है कि “वो कभी इस बात…
Read more
बदलाव चाहिए, तो जनता भी बदले
Updated: February 19, 2015
दिल्ली जनादेश-२०१५ को किसी पार्टी के पक्ष अथवा विपक्ष में देखे जाने से ज्यादा जरूरत, जनप्रतिनिधि संस्कारों में बदलाव, बुनियादी जरूरतों की पूर्ति और आत्मसम्मान…
Read more
सूप बोले सो बोले ,किन्तु छलनी भी बोले !
Updated: February 18, 2015
दक्षिणपंथी पूंजीवादी संसदीय लोकतंत्र की राजनीति में महाचालू और मजे हुए नेता और राजनैतिक दल जब बम्फर जीत हासिल करते हैं तो वे जीत का श्रेय…
Read more
“आप” की चुनौतियाँ और सम्भावनायें
Updated: February 18, 2015
जावेद अनीस 1 दिल्ली ने मोदी के साथ चलने से इनकार कर दिया है और अगले पांच सालों तक ‘अरविन्द केजरीवाल’ पर अपना भरोसा…
Read more
इक नया उत्कर्ष लाने जा रहा हूं
Updated: February 18, 2015
आज रेगिस्तान में भी सावणी बरसात आई, मेघ डोल्या, सगुन बोल्या, मानसां का यह समंदर बढ चला आगे ही आगे राह छोङो, पंथ रोको मत,…
Read more
दिल्ली को अब मोदी के बड़े दिल की जरूरत
Updated: February 18, 2015
केजरीवाल के नेतृत्व मे दिल्ली मे आम आदमी पार्टी की सरकार ने आकार ले लिया है । जिस तरह देश ने नरेन्द्र मोदी के वादों…
Read more
धर्मनिष्ठ राजनीति और स्वामी दयानंद
Updated: February 18, 2015
महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के समर्थक और प्रतिपादक थे। इस सन्दर्भ में उनकी मान्यता थी कि राजधर्म अर्थात् राजनीति का…
Read more
साक्षरता और परम्परा के मेल से बचेगा पानी
Updated: February 18, 2015
मनोज कुमार करीब तीन दशकों से जल संकट को लेकर विश्वव्यापी बहस छिड़ चुकी है। यहां तक कहा जा रहा है कि अगला विश्व युद्ध…
Read more