व्यंग्य प्रेम दिवस : श्याम सिंह की अधूरी कहानी

प्रेम दिवस : श्याम सिंह की अधूरी कहानी

तब तक बाबा वैलेंटाइन का आविर्भाव भारत की धरा पर नहीं हुआ था। ये कहना मुश्किल है कि उस दौर में देश, प्रेम के प्रभाव से मुक्त्त रहा होगा।…

Read more
धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-५

यशोदानंदन-५

“महर्षि! श्रीकृष्ण का मथुरा में प्रवेश से लेकर कंस-वध का संपूर्ण वृतांत का आप अपने श्रीमुख से मुझे सुनाकर अनुगृहीत करने की कृपा करेंगे? मेरा…

Read more
वर्त-त्यौहार होली आषाढ़ी-रबी फसल व ऋतु परिवर्तन के स्वागत का पर्व

होली आषाढ़ी-रबी फसल व ऋतु परिवर्तन के स्वागत का पर्व

  प्रत्येक वर्ष फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होली का पर्व देश भर में मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन लकडि़यों वा काष्ठ को इकट्ठा कर…

Read more
व्यंग्य ” बीबी ” वाले भी “वैलेंटाइन ” ढूँढ रहे हैं

” बीबी ” वाले भी “वैलेंटाइन ” ढूँढ रहे हैं

आज सभ्यता,संस्कृति की दुहाई देनेवाले हमारे देश में संस्कृति मखौल का विषय बन गई है , सभ्यता धुंधली पड़ रही है और संस्कारों का “अंतिम-संस्कार” किया जा…

Read more
राजनीति दिल्ली कांग्रेस में बगावती स्वर

दिल्ली कांग्रेस में बगावती स्वर

सुरेश हिन्दुस्थानी दिल्ली में जमीन झाड़ पराजय के बाद भी कांग्रेस पार्टी सबक लेने को तैयार दिखाई नहीं दे रही है। इस अप्रत्याशित पराजय को…

Read more
जन-जागरण पाश्चात्य सभ्यता का प्रतीक वैलेण्टाइन डे

पाश्चात्य सभ्यता का प्रतीक वैलेण्टाइन डे

मृत्युंजय दीक्षित हर वर्ष 14 फरवरी का दिन वैलेण्टाइन डे यानी प्रणय दिवस को पूरे धूमधाम व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस तिथि…

Read more
धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-४

यशोदानंदन-४

  गर्गाचार्य के पास कोई विकल्प शेष नहीं रहा। उन्होंने समस्त उपस्थित जन समुदाय को अपना-अपना स्थान ग्रहण करने का निर्देश दिया और स्वयं अपना…

Read more
राजनीति नीतीश कुमार : “चलनी दूसे सूप को”

नीतीश कुमार : “चलनी दूसे सूप को”

माँझी-नीतीश की कुर्सी की ‘हाई-वोल्टेज’ लड़ाई में नीतीश जी लगातार ये कहते दिख रहे हैं  “बिहार में संवैधानिक संस्थाओं व परम्पराएँ मज़ाक बन कर रह गई हैं  ” उनका इशारा किस…

Read more
राजनीति भाजपा की हार या आप की जीत !

भाजपा की हार या आप की जीत !

-संजय द्विवेदी दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम में भाजपा की पराजय की चर्चा हर जुबान पर है। जाहिर तौर पर इस हार ने भाजपा के…

Read more
कविता बदनसीब पुत्र की डायरी

बदनसीब पुत्र की डायरी

पिता की तुला पर बदनसीब खरा नहीं उत्तर पाया विफलता कहे या सफलता पुत्र नहीं समझ पाया। पिता की चाह थी श्रवण बनकर जमाने को…

Read more
जन-जागरण क्यों रुकता नहीं नारी पर वार

क्यों रुकता नहीं नारी पर वार

निर्मल रानी पिछले दिनों देश को एक बार फिर हरियाणा के रोहतक में दोहराए गए निर्भया कांड से शर्मसार होना पड़ा। राक्षसी प्रवृति के बलात्कारियों…

Read more
व्यंग्य व्यंग्य बाण : चमत्कारी अंगूठी

व्यंग्य बाण : चमत्कारी अंगूठी

दिल्ली के चुनाव परिणाम आने के बाद परसों मैं शर्मा जी के घर गया, तो एक बाल पत्रिका उनके हाथ में थी। वे एक कहानी…

Read more