कविता तव स्वागत की क्या रीत निभाऊं?

तव स्वागत की क्या रीत निभाऊं?

नरेश भारतीय   ओ नए वर्ष फिर से आ पहुंचे हो तुम तव स्वागत की क्या रीत निभाऊं? अभी जाना ही कितना है? पहचाना ही…

Read more
कविता ख़ामोशी का मंज़र

ख़ामोशी का मंज़र

  दिल में उठी अजीब सी हलचल है क्या इस बेचैनी का कोई हल है नादाँ इस दिल में तूफ़ान उठते हैं पलकों के नीचे…

Read more
सिनेमा फिल्म या मक्कारी?

फिल्म या मक्कारी?

आमिर,राजकुमार हिरानी की पिके ! हिंदुत्व से कशीदेकारी भरी कमीनगी कर ली,आमिर और हिरानी ने,पीके के माध्यम से! सेंसर बोर्ड देश-काल–परिस्थिति का जानकार नहीं बल्कि…

Read more
सिनेमा पीके : हिन्दू आस्था पर आघात

पीके : हिन्दू आस्था पर आघात

सुरेश हिन्दुस्थानी कहा जाता है कि हिन्दी फिल्मों में केवल हिन्दू देवी देवताओं का सरेआम अपमान किया जाता है, इसके विपरीत किसी भी फिल्म निर्माता…

Read more
घोषणा-पत्र देश की आतंरिक सुरक्षा की शायद कोई बहुत अहमियत नहीं है इस सरकार के एजेण्डे में भी ??

देश की आतंरिक सुरक्षा की शायद कोई बहुत अहमियत नहीं है इस सरकार के एजेण्डे में भी ??

  आतंकी  हमलों , आतंकियों द्वारा अंजाम दिए जा रहे बम धमाकों , उत्तर-पूर्व राज्यों के  उग्रवाद , नकसलवाद से निपटने के लिए देश कितना…

Read more
व्यंग्य “जब मोदी-लहर से भयभीत हो काँप उठा इन्द्र का सिंहासन”

“जब मोदी-लहर से भयभीत हो काँप उठा इन्द्र का सिंहासन”

मोदी लहर का कहर अभी तक धरती तक ही सीमित था परंतु अगर इंद्रलोक के विश्वसनीय सूत्रो की माने तो हाल मे भाजपा द्वारा झारखंड…

Read more
जन-जागरण “मासूमो की मौत पर तांडव करते आतंकवादी ‘इस्लाम’ के अनुयायी नहीं हो सकते?”

“मासूमो की मौत पर तांडव करते आतंकवादी ‘इस्लाम’ के अनुयायी नहीं हो सकते?”

गुजरात पुलिस के द्वारा आतंकवादियो से निपटने के लिए किए गए ‘ऐंटि-टेरर मॉक-ड्रिल’ मे ‘डमी-आंतकवादियों’ को मुस्लिम संप्रदाय से दिखाये जाने पर विवाद बढ़ता जा…

Read more
खेल जगत …शुरूआत की तरह विदाई भी राजसी !!

…शुरूआत की तरह विदाई भी राजसी !!

तारकेश कुमार ओझा सचमुच पीछे मुड़ कर न देखना शायद इसी को कहेंगे। रेलवे की सामान्य नौकरी और संघर्षशील क्रिकेटर का जीवन जीते हुए  टीम…

Read more
जन-जागरण प्रधानमंत्री जी रेलवे से जुड़ी आशंकाओं से मुक्त करने के लिए धन्यवाद !

प्रधानमंत्री जी रेलवे से जुड़ी आशंकाओं से मुक्त करने के लिए धन्यवाद !

: डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत में लम्बे समय से यही सुनने में आ रहा है कि केंद्र सरकार भारतीय रेलवे का निजिकरण करने जा रही…

Read more
सिनेमा पीके फिल्म का विरोध, आखिर क्यों?

पीके फिल्म का विरोध, आखिर क्यों?

  सुप्रसिद्ध फिल्मी नायक आमिर खान अभिनीत की “पीके” फिल्म से पाखंडी और ढोंगी धर्म के ठेकेदारों की दुकानों की नींव हिल रही  हैं। इस…

Read more
विविधा युगान्तरकारी परिवर्तन का वर्ष रहा 2014

युगान्तरकारी परिवर्तन का वर्ष रहा 2014

मृत्युंजय दीक्षित वर्ष 2014 अब अलविदा हो रहा है और हम सभी लोग आगामी 2015 की तैयारियों में जुटे हैं। 2014 का विचार मंथन चल…

Read more
राजनीति असम हिंसा राजनैतिक जवाबदेही की जरुरत

असम हिंसा राजनैतिक जवाबदेही की जरुरत

प्रमोद भार्गव एक बार फिर असम हिंसा की आग में झुलस गया है। असम के सोनितपुर और कोकराझार जिलों में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड…

Read more