पतन की कगार पर पाकिस्तान
Updated: December 14, 2014
तनवीर जाफ़री कहने को तो पाकिस्तान 1947 में भारत से विभाजित होकर दो धर्म,दो राष्ट्र के सिद्धांत पर अस्तित्व में आया था। परंतु इसे…
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नाथूराम गोडसे को सिर्फ एक ही पंक्ति में चित्रित नहीं किया जा सकता
Updated: December 14, 2014
को एक सोची -समझी रणनीति के तहत कथित सेक्यूलरों , इतिहासकारों और देश पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली पार्टी और उसकी सरकारों ने…
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माननीयों के ‘ क्षमा -पर्व ‘ के मायने……!!
Updated: December 14, 2014
तारकेश कुमार ओझा झारखंड की सीमा से लगते पश्चिम बंगाल के वन क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियां तब सिर उठा ही रही थी। इस बीच जिले…
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भारतीय विपक्ष नकारात्मकता और हिंदुत्व विरोध की जुड़वाँ राजनीति का शिकार हो रहा है !
Updated: December 14, 2014
संसद में कालधन,धर्मांतरण और रेप की घटनाओं पर वामपंथी सांसदों की विद्व्त्ता पूर्ण तार्किक – तकरीरें, मुलायमसिंह की पैंतरेबाजी , ममता गैंग की हुल्लड़बाजी , शरद यादव , रामगोपाल यादव की यथार्थ युक्तियाँ…
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आयोग कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘हाथ का पंजे’ को वापस ले
Updated: December 14, 2014
एक बार मेरे गांव में मुझसे एक दिहाड़ी कर रहे मजदूर ने राजनीति पर बात छेड़ दी। उसके तर्क और उसकी भाषा निस्संदेह राजनीतिक परिदृष्य…
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धर्म परिवर्तन और घर वापसी के अंतर को समझने की जरूरत
Updated: December 14, 2014
डॉ. मयंक चतुर्वेदी धर्म परिवर्तन पर जिस तरह इन दिनों संसद के दोनों सदनों और देश में चर्चा चल रही है, उसे देखकर लगता है…
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घर वापिसी को लेकर हो रही बहस
Updated: December 14, 2014
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री कुछ दिन पहले आगरा में दो सौ के लगभग मुसलमान , जिनके पूर्वज , जिन दिनों हिन्दुस्तान पर विदेशियों का…
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जम्मू कश्मीर के चुनावों में हुये भारी मतदान का अर्थ और भाजपा की दस्तक
Updated: December 14, 2014
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जब पाठकों के पास यह अंक जायेगा तब तक जम्मू कश्मीर विधान सभा के सभी परिणाम घोषित किये जा चुके होंगे…
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सामूहिक आत्महत्या
Updated: December 13, 2014
आत्महत्या के बारे में मैंने कभी गंभीरता से नहीं सोचा। क्या बताऊं, कभी इसकी नौबत ही नहीं आयी। एक बार मेरा एक मित्र इस समस्या…
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हिन्दू राष्ट्रधर्म हैं, कोई विवाद नहीं!
Updated: December 13, 2014
एक राष्ट्र अपने धर्म का अपमान करने की जब भूल करने लगता है तब उसे भारत विभाजन के दौर से गुजरना पड़ता है, जब वही…
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धर्मांतरण पर दोहरा मापदण्ड क्यों?
Updated: December 13, 2014
सुरेश हिन्दुस्थानी भारत में धर्मांतरण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों द्वारा हमेशा ही दोहरा मापदण्ड अपनाया जाता है। किसी मुसलमान द्वारा जब घर वापिसी की…
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स्वाध्याय क्यों करें ?
Updated: December 13, 2014
मनुष्य जीवन का उद्देश्य शारीरिक उन्नति कर बौद्धिक व आत्मिक उन्नति करना है। शारीरिक उन्नति तो अच्छे भोजन व व्यायाम आदि हो जाती है परन्तु…
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