शख्सियत स्वामी तिलक: आध्यात्मिक भारत का दूत भाग (२)

स्वामी तिलक: आध्यात्मिक भारत का दूत भाग (२)

डॉ. मधुसूदन (एक) प्रवेश: ॐ==>”आत्मज्ञान होनेपर साम्प्रदायिकता नहीं रहती; वा संकीर्णता नहीं रहती।” ॐ==>”भारत ही वास्तव में आध्यात्मिकता का देश है; विश्वगुरू है।” ॐ==>हमारे राजदूतों…

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जरूर पढ़ें सत्य पथ की ओर..

सत्य पथ की ओर..

सत्य पथ की व्याख्या कई तरह से हो सकती है। सूर्य की ओर मुंह करके खड़े व्यक्ति के लिए सूर्य सामने होगा, जबकि उधर पीठ…

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जन-जागरण सृष्टि का निर्माण किससे व क्यों?

सृष्टि का निर्माण किससे व क्यों?

ओ३म् हम सब अपनी आंखों से संसार को देखते हैं। सूर्य को भी हम अपने चर्म चक्षुओं की सहायता से देखते हैं। चन्द्र व पृथिवी…

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टॉप स्टोरी राजनीति के चंगुल में अयोध्या विवाद

राजनीति के चंगुल में अयोध्या विवाद

संदर्भःराम जम्म-भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में हाशिम अंसारी के बयान से आया नया मोड़ प्रमोद भार्गव राम जन्म-भूमि बाबरी मस्जिद विवाद में आए नए मोड़ से…

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राजनीति संसद में हंगामे के बीच पारित होते विधेयक

संसद में हंगामे के बीच पारित होते विधेयक

प्रमोद भार्गव   संसद में हंगामें के बीच बिना किसी चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्दबाजी में…

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कविता आदमी बदल रहा है

आदमी बदल रहा है

देखो आदमी बदल रहा है , आज खुद को छल रहा है, अपनो से बेगाना हो रहा है , मतलब को गले लगा रह है…

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राजनीति विपक्ष थोड़ा बड़प्पन दिखाए..

विपक्ष थोड़ा बड़प्पन दिखाए..

  २४ नवम्बर से शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र आने वाले सोमवार को अपना आधा पड़ाव पूर्ण कर लेगा| इस एक पखवाड़े में कई…

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कला-संस्कृति मन्दिर था या मस्जिद ??

मन्दिर था या मस्जिद ??

श्रीराम भारतीय राष्ट्रभाव का चरम आनंद हैं, वे मंगल भवन हैं, अमंगलहारी हैं, मर्यादा पुरुषोत्तम हैं । वे भारतीय मानस  के सम्राट हैं, पुराण में…

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धर्म-अध्यात्म श्रेष्ठ समाज और देश का आधार आर्य समाज का छठा नियम

श्रेष्ठ समाज और देश का आधार आर्य समाज का छठा नियम

आर्य समाज के 10 नियम है जो संसार की सभी संस्थाओं व संगठनों में श्रेष्ठ कहे जा सकते हैं। इन नियमों में छठे नियम के…

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कला-संस्कृति वीर हरपाल देव का स्वतंत्रता आंदोलन एवं खुसरू खां की ‘हिन्दू क्रान्ति’

वीर हरपाल देव का स्वतंत्रता आंदोलन एवं खुसरू खां की ‘हिन्दू क्रान्ति’

एक का उठना एक का गिरना ये खेल निरंतर चलता है। नीति पथ के अनुयायी को जग में मिलती सच्ची सफलता है।। पथ अनीति का…

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समाज अबूझ है संवेदना का समाजशास्त्र….!!

अबूझ है संवेदना का समाजशास्त्र….!!

रकेश कुमार ओझा कुछ साल पहले मेरी नजर में एक एेसे गरीब युवा का मामला आया, जो आइआइटी में दाखिला लेने जा रहाथा और  उसे…

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जन-जागरण एक त्रासदी का खबरनामा

एक त्रासदी का खबरनामा

मनोज कुमार तीस बरस का समय कम नहीं होता है। भोपाल के बरक्स देखें तो यह कल की ही बात लगती है। 2-3 दिसम्बर की…

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