महत्वपूर्ण लेख उच्च शिक्षा व्यवस्था में पनप रही दिशाहीनता

उच्च शिक्षा व्यवस्था में पनप रही दिशाहीनता

-गुंजेश गौतम झा- दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के स्नातक की डिग्री कोर्स को तीन वर्ष की जगह चार वर्ष करने के फैसले ने उच्च शिक्षा…

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गजल जब उनसे मोहब्बत थी

जब उनसे मोहब्बत थी

-रंजीत रंजन सिंह- चिट्ठियों का जमाना था जब उनसे मोहब्बद थी, मेरा दिल भी आशिकाना था जब उनसे मोहब्बद थी। रातें गुजर जाती थीं, उनकी…

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विविधा तेल संकट का खतरा

तेल संकट का खतरा

-अंकुर विजयवर्गीय- इराक में ढाई दशक से जारी अशांति और उथल पुथल के बावजूद भारत ने कच्चे तेल की अपनी मांग को पूरा करने के…

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राजनीति आप की अग्नि परीक्षा

आप की अग्नि परीक्षा

-रवि श्रीवास्तव- एक साल पहले बनी आम आदमी पार्टी ने राजनीति में उथल-पुथल कर दिल्ली में अपनी सरकार बना तो ली थी, पर पहले ही…

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राजनीति नमो सरकार पर भरोसा कायम रखने की जरूरत

नमो सरकार पर भरोसा कायम रखने की जरूरत

-रंजीत रंजन सिंह- नरेन्द्र मोदी सरकार को सत्ता में आए एक महीना हो गया। अमुमन इस अवधि को राजनीतिक हनीमुन कहा जाता है। यूं तो…

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कविता इंसान हूं नादान हूं…

इंसान हूं नादान हूं…

-नेहा राजोरा- इंसान हूं नादान हूं… बेसब्र हूं क्योंकि फिक्रमंद हूं… अपनी दुआओं पर है मुझको ऐतबार, तेरे रहमों करम पर भी है मुझको इख्तियार,…

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राजनीति अपने निर्णय का सम्मान कीजिये

अपने निर्णय का सम्मान कीजिये

-ऋतु के. चटर्जी- कैसे सोच लिया जनता ने कि जाने वाली सरकार उनके लिए अपने कार्यालयों में मिठाई के डब्बे छोड़ जाएगी. जब नयी सरकार,…

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कविता दंगा बना देश का नासूर

दंगा बना देश का नासूर

-रवि श्रीवास्तव- क्यों होता है दंगा फसाद, कौन है इसका ज़िम्मेदार ? छोटी-छोटी हर बातों पर, निकल आते हैं क्यों हथियार। आक्रोश की आंधी में,…

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विविधा शंकराचार्य के बयान के संदर्भ में…

शंकराचार्य के बयान के संदर्भ में…

-बीनू भटनागर- हिंदू धर्म सबसे पुराना धर्म है जिसको मानने वालों की विश्व में तीसरे स्थान पर है। हिन्दू धर्म में अनेक देवी देवताओं की…

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कविता कैसी पलटी है समय की धार

कैसी पलटी है समय की धार

-जावेद उस्मानी- कैसी पलटी है समय की धार। हमसे रूठी हमारी ही सरकार। उतर चुका सब चुनावी बुखार। नहीं अब कोई जन सरोकार। अनसुनी है…

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राजनीति बिहार को चाहिए 1990 वाला लालू!

बिहार को चाहिए 1990 वाला लालू!

-रंजीत रंजन सिंह- -नीतीश का लालूकरण -2- कभी नीतीश कुमार लालू प्रसाद के कर्ताधर्ता थे, बाद में एक-दूसरे के राजनीतिक दुश्मन रहे और अब लालू…

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विविधा ‘उमेश-कार्तिक’ अब कैसे जाएं कलकत्ता!

‘उमेश-कार्तिक’ अब कैसे जाएं कलकत्ता!

-तारकेश कुमार ओझा- किसी भी महानगर से उपनगरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में मैले-कुचैले कपड़ों में भारी माल-आसबाब के साथ पसीने से तर-बतर दैनिक…

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