कविता उठ जाग चलो फिर से, हमें देश बचाना है

उठ जाग चलो फिर से, हमें देश बचाना है

-कुमार सुशांत- उठ जाग चलो फिर से, हमें देश बचाना है, भारतमाता का यूं, हमें फर्ज निभाना है। ये देश है वीरों का, हमें शान…

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कविता कैसा ये बन गया समाज

कैसा ये बन गया समाज

-रवि श्रीवास्तव- कैसा ये बन गया समाज, क्या है इसकी परिभाषा, हर तरफ बढ़ गया अपराध, बन रहा खून का प्यासा। मर्डर चोरी बलात्कार, बन…

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परिचर्चा पिछड़ी जातियों में क्रिमीलेयर वर्ग से आशय

पिछड़ी जातियों में क्रिमीलेयर वर्ग से आशय

-श्यामलाल बोराना- पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है, पिछड़े वर्गों को आरक्षण देते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि…

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विविधा बापू के आह्वान पर लिए व्रत पर आजीवन अडिग रहे शुभकरण बाबू

बापू के आह्वान पर लिए व्रत पर आजीवन अडिग रहे शुभकरण बाबू

-कुमार कृष्णन- बीते सदी के दूसरे दशक की शुरूआत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के केंद्र में आ गये थे और इसे उन्होंने आम…

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राजनीति नमो सरकार को परखने के लिये अभी कुछ और वक्त देना होगा?

नमो सरकार को परखने के लिये अभी कुछ और वक्त देना होगा?

-इक़बाल हिंदुस्तानी- -भाजपा अपना बहुमत लाने के बाद भी डर डरकर कदम उठा रही!- नमो सरकार चुनाव से पहले जो सपने जनता को दिखा रही…

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विविधा इस्लाम के नाम पर यज़ीदियत फैलाती वहाबियत

इस्लाम के नाम पर यज़ीदियत फैलाती वहाबियत

-तनवीर जाफ़री- कुरान शरीफ़ की शिक्षाओं से लेकर अपने आखिरी रसूल हज़रत मोहम्मद के निर्देशों की बदौलत इस्लाम धर्म एक शांति, प्रेम, सद्भाव तथा मानवता…

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कविता तेरे बिन

तेरे बिन

-रवि कुमार छवि- तू मोहब्बत है मेरी, तू मेरी संगिनी है। तू इमारत का वो हिस्सा है, जिस पर मेरे ख्वाब टिकते हैं। तू वो…

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विविधा तीन भागों में विभक्त ईराक

तीन भागों में विभक्त ईराक

-फख़रे आलम- ईराक के क्षेत्रफल का चालीस प्रतिशत भाग दौलत-ए इस्लामिया की ईराक व शाम अर्थात् आईएसआईएस के अधिकार क्षेत्र में है और इस संगठन…

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गजल या खुदा कैसा ये वक्त है

या खुदा कैसा ये वक्त है

-जावेद उस्मानी- हर सिम्त चलते खंज़र, कैसा है खूनी मंज़र हर दिल पे ज़ख्मेकारी, हर आंख में समंदर दहशती कहकहे पर रक्स करती वसूलों की…

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धर्म-अध्यात्म ‘महर्षि दयानन्द सरस्वती को चार वेद कब, कहां, कैसे व किससे प्राप्त हुए?’

‘महर्षि दयानन्द सरस्वती को चार वेद कब, कहां, कैसे व किससे प्राप्त हुए?’

-मनमोहन कुमार आर्य- हर अध्येता व स्वाध्याय करने वाले को सभी शंकाओं व प्रश्नों के उत्तर सरलता से प्राप्त नहीं होते, परन्तु प्रयास व पुरूषार्थ…

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जरूर पढ़ें जनलेवा बनता मिड-डे मील

जनलेवा बनता मिड-डे मील

-अरविंद जयतिलक- यह विडंबना है कि जिस मिड डे मिल योजना का लक्ष्य स्कूली बच्चों को उचित पोषण देकर उनमें शिक्षा के प्रति आकर्षण पैदा…

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विविधा सूरीनाम की धरती पर धड़कता भारत

सूरीनाम की धरती पर धड़कता भारत

-कविता मालवीय- खिचड़ी दाढ़ी, दो सितारा आंखों से फिसलती हुई दबी हंसी से सनी आवाज़ आई “मैं अंदर आ जाऊं गुरु जी ?” कहते हुए…

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