विविधा नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं

नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं

-गिरीश बिल्लोरे- प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र दामोदर मोदी जी का व्यक्तित्व मानो उदघोषित कर रहा है कि शून्य का विस्फ़ोट हूं..! एक शानदार व्यक्तित्व…

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टॉप स्टोरी यह मामूली लहर की आकस्मिक झांकी है, असल जनादेश बाकी है !

यह मामूली लहर की आकस्मिक झांकी है, असल जनादेश बाकी है !

-श्रीराम तिवारी- भारत में अभी-अभी युगांतकारी सत्ता परिवर्तन हुआ है। वैचारिक और नीतिगत नजरिये से यह परिवर्तन वेशक दक्षिणपंथी एवं पूंजीवादी कहा जा सकता है।…

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विविधा पाकिस्तान- पिछली कांग्रेसी सरकार- 18 महीने- नौ शर्मनाक घटनाएं

पाकिस्तान- पिछली कांग्रेसी सरकार- 18 महीने- नौ शर्मनाक घटनाएं

-प्रवीण गुगनानी- नरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री पद के शपथ कार्यक्रम के लिए जब पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ को न्यौता दिया तब इस पहल के…

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जरूर पढ़ें क्या अब बदलेगी धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा ?

क्या अब बदलेगी धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा ?

-तनवीर जाफ़री- ‘अब की बार मोदी सरकार’ का नारा परवान चढ़ चुका है। देश में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ दक्षिणपंथी भारतीय जनता पार्टी…

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विविधा विकास की भारतीय रूपरेखा

विकास की भारतीय रूपरेखा

-कन्हैया झा- “सर्वे भवन्तु सुखिनः” श्रृंखला (*) के आखिरी दसवें लेख में “विराट भारत” की कल्पना दी गयी है. एक विराट राष्ट्र ऐसा विशाल है…

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जन-जागरण मोदी जी आपसे कुछ उम्मीदें हैं…

मोदी जी आपसे कुछ उम्मीदें हैं…

-लक्ष्मी जायसवाल- जनता ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखा दी और बरसों से सत्ता पर काबिज पार्टी कांग्रेस को एक झटके में सिरे से…

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विविधा शपथ समारोह के आमंत्रण में कूटनीति

शपथ समारोह के आमंत्रण में कूटनीति

-नरेन्द्र देवांगन- नरेंद्र मोदी ने पड़ोस के सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों को अपने शपथ समारोह में आने का निमंत्रण भेजा है। ऐसा न्योता…

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कविता अजनबी से मुलाकात

अजनबी से मुलाकात

-लक्ष्मी जयसवाल- अजनबी से मुलाकात, जाने क्या हुआ उस दिन कि, राहों में देखकर कर उनको, दिल ठहर सा गया। जाने वो अजनबी मुझ पर,…

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विविधा वर्तमान साम्प्रदायिक और उन्मादी माहौल ने भेजा ‘विकृत’ कर डाला

वर्तमान साम्प्रदायिक और उन्मादी माहौल ने भेजा ‘विकृत’ कर डाला

-श्रीराम तिवारी- १४ मई को जोधपुर कोर्ट में यौन उत्पीड़न के आरोपी -संत श्री [?] आसाराम की पेशी हुई। उसी दिन दोपहर को देश के…

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कविता ना जाने क्यों

ना जाने क्यों

-रवि कुमार छवि- ना जाने क्यों आज-कल खोया-खोया सा रहता हूं, खुद से खफा रहता हूं, बिना हवा के चलने से पेड़ों को हिलते हुए…

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राजनीति जनता ने आख़िर बदल दी तस्वीर

जनता ने आख़िर बदल दी तस्वीर

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- जिसे भारत की आम जनता साफ़ देख रही थी और जिसमें उसकी सक्रिय भागीदारी भी थी, उसे सोनिया गान्धी और उसके…

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गजल कब से भटकता है सफीना

कब से भटकता है सफीना

-जावेद उस्मानी- साहिलों की जुस्तजू में, कब से भटकता है सफीना जाता है क़रीबे भंवर, कि कहीं नाख़ुदा तो मिल जाए स्याही से खींचते हैं…

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