विश्ववार्ता फौजी साये में थाईलैंड

फौजी साये में थाईलैंड

-अंकुर विजयवर्गीय- ‘शांति और व्यवस्था’ बहाल करने के नाम पर थाईलैंड की सेना ने राजनीतिक रूप से अशांत देश में मार्शल-लॉ लगा दिया है। निराशाजनक…

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परिचर्चा कब तक रहेंगी ये सिसकियां…

कब तक रहेंगी ये सिसकियां…

-लक्ष्मी जायसवाल- आज हमारा समाज काफी उन्नति कर रहा है। विश्व मंच पर भारत की सशक्त उपस्थिति हमारे उन्नत और विकासशील होने का प्रमाण दे…

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गजल अब तो आंखें खोल

अब तो आंखें खोल

-पंडित सुरेश नीरव- अमल से सिद्ध हुए हैवान जमूरे अब तो आंखें खोल। न जाने किसकी है संतान जमूरे अब तो आंखें खोल।। मिला है…

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राजनीति सही दिशा देता मोदी का पहला हफ्ता

सही दिशा देता मोदी का पहला हफ्ता

-वीपी वैदिक- यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले हफ्ते पर नजर डालें तो लगता है कि पांच साल में तो देश की शक्ल ही बदल…

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विश्ववार्ता अमेरिकी मीडिया में अब नरेंद्र मोदी के कसीदे

अमेरिकी मीडिया में अब नरेंद्र मोदी के कसीदे

भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशों में खूब प्रशंसा जारी है। चाहे वहां के राष्ट्राध्यक्ष हों या विदेशी मीडिया, सब जगह नरेंद्र मोदी…

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राजनीति अब्दुल्ला परिवार छेड़ रहा मरघट की धुनें–

अब्दुल्ला परिवार छेड़ रहा मरघट की धुनें–

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों लोकसभा के लिये हुये चुनावों में उधमपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डा० जितेन्द्र सिंह चुने गये…

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राजनीति मोदी के आंसू:हिन्दुत्व की राजनीति के मोती

मोदी के आंसू:हिन्दुत्व की राजनीति के मोती

राकेश कुमार आर्य कभी आंसू बन जाते हैं तकदीर, कभी आंसू मिटा देते हैं तस्वीर। आंसुओं का भी अपना इतिहास है, कभी इनसे घबराती है शमशीर।…

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राजनीति अपनी संवैधानिक सीमाओं, औकातों को भूल गए अब्दुल्ला

अपनी संवैधानिक सीमाओं, औकातों को भूल गए अब्दुल्ला

प्रवीण गुगनानी ————————————–देश को हाल ही में हुए धारा ३७० के विवाद में यह स्मरण करा दूं कि कश्मीर विषैले अब्दुल्ला वंश का कतई नहीं…

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राजनीति सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?

सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?

इक़बाल हिंदुस्तानी सोशल नेटवर्किंग दुधारी तलवार है, सोच समझकर चलाना होगा!    जिस तरह से चाकू बदमाश के हाथ में हो तो वह किसी की…

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साहित्‍य हमारी शब्द रचना क्षमता

हमारी शब्द रचना क्षमता

डॉ. मधुसूदन  सूचना: विषय कुछ कठिन  है। धीरे धीरे आत्मसात करते हुए पढें। प्रश्न अवश्य पूछें, शंका-समाधान करने का प्रयास अवश्य किया जाएगा। पर त्वरित…

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साहित्‍य जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में

जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में

जावेद उसमानी जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में आज भी वही कलिब तख्तेरवां दरबार है जम्हूरियत की आड़ में ताकत का खेल है…

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राजनीति अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं

अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं

वीरेन्द्र सिंह चौहान भारतीयसंविधान का अनुच्छेद 370 बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रीय स्तर पर यहचर्चा या बहस छिडऩा नितांत स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए चूंकि…

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