महत्वपूर्ण लेख आखिर कब तक मनाते रहेंगे निष्कासन दिवस

आखिर कब तक मनाते रहेंगे निष्कासन दिवस

-वीरेन्द्र सिंह चौहान-   चौबीस बरस बाद भी कश्मीरी हिंदुओं की घर-वापसी की कहीं कोई ठोस योजना नहीं- उन्नीस जनवरी उन्नीस सौ नब्बे भारतीय इतिहास…

Read more
विविधा सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?

सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?

-इक़बाल हिंदुस्तानी-  सोशल नेटवर्किंग दोधारी तलवार है, सोच-समझकर चलाना होगा! जिस तरह से चाकू बदमाश के हाथ में हो तो वह किसी की जान ले…

Read more
राजनीति मैदान से बाहर क्यों हैं राहुल गांधी ?

मैदान से बाहर क्यों हैं राहुल गांधी ?

-दीपक कुमार-   पिछले दिनों तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में हुई कांग्रेस पार्टी की अखिल भारतीय कार्यकारी समिति की बैठक में जो निर्णय लिया गया, उसने…

Read more
विविधा Default Post Thumbnail

मरहूम सुनंदा पुष्कर : महत्वाकांक्षा की वेदी पर प्राणों की आहूति ?

-आलोक कुमार-   सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या कर ली या उनकी हत्या हुई, इस रहस्य से अभी पर्दा उठना बाकी है और शायद कभी उठे…

Read more
विविधा ‘इस्लामी आतंकवाद’ के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता

‘इस्लामी आतंकवाद’ के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता

-तनवीर जाफरी-   जिस प्रकार 1947 में स्वतंत्र भारत के उदय के साथ ही भारतवर्ष को पाकिस्तान के रूप में एक विभाजित राष्ट्र की त्रासदी…

Read more
राजनीति सवाल गंजों की हजामत का

सवाल गंजों की हजामत का

-देवेन्द्र कुमार-   चार हिन्दी भाषी राज्यों में मिली चुनावी शिकस्त से कांग्रेस निकल नहीं पा रही है, झंझावात के दौर से गुजर रही है,…

Read more
राजनीति तालकटोरा में कांग्रेस

तालकटोरा में कांग्रेस

-फख़रे आलम-   भारतीय राजनीति की अहम क्षण कहिए इसे अथवा सोचा-समझा राजनीति की! एक ही समय पर जहां भाजपा बहुमत के लक्ष्य को छूने…

Read more
महत्वपूर्ण लेख मोदी विरोधी अमेरिका और ‘आप’

मोदी विरोधी अमेरिका और ‘आप’

-अभिषेक रंजन-   ‘टाइम’ पत्रिका की मानें तो नरेन्द्र मोदी अमेरिका के लिए मुसीबत बन सकते हैं। हाल में ही भारतीय राजनयिक देवियानी खोबड़ागड़े के…

Read more
राजनीति ‘आप’ अब ‘आम आदमी’ पार्टी नहीं रही

‘आप’ अब ‘आम आदमी’ पार्टी नहीं रही

-नीरज वर्मा-   कोई इंसान व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार है, इस बात का महत्व है ! मगर सार्वजनिक जीवन में निजी  ईमानदारी तभी मायने रखती…

Read more
व्यंग्य लोक धन को मनोरंजन पर खर्च न करें

लोक धन को मनोरंजन पर खर्च न करें

-सुरेन्द्र अग्निहोत्री-    जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख, दद्दा भवानी प्रसाद मिश्र के…

Read more
कविता Default Post Thumbnail

अस्पताल के कमरे से…

रोगियों का मन है क्लांत, अस्पताल का वातावरण, श्वेत, शुद्ध, धवल,शान्त। श्वेत  चादर श्वेत वस्त्र, डॉक्टर और नर्स सभी, विश्वास  के हैं दीप्तमान! स्वास्थ लाभ…

Read more
राजनीति जेपी से अन्ना तकः आपातकाल से भ्रष्टाचार तक

जेपी से अन्ना तकः आपातकाल से भ्रष्टाचार तक

-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह-   जितना बड़ा सच ये है कि जिस ईमानदारी से क्रांतिकारियों ने जंग-ए-आजादी की लड़ाई लड़ी। उससे बड़ा सच ये है…

Read more