आखिर कब तक मनाते रहेंगे निष्कासन दिवस
Updated: January 20, 2014
-वीरेन्द्र सिंह चौहान- चौबीस बरस बाद भी कश्मीरी हिंदुओं की घर-वापसी की कहीं कोई ठोस योजना नहीं- उन्नीस जनवरी उन्नीस सौ नब्बे भारतीय इतिहास…
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सुनंदा थरूर की जान ट्विटर ने तो नहीं ली ?
Updated: January 20, 2014
-इक़बाल हिंदुस्तानी- सोशल नेटवर्किंग दोधारी तलवार है, सोच-समझकर चलाना होगा! जिस तरह से चाकू बदमाश के हाथ में हो तो वह किसी की जान ले…
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मैदान से बाहर क्यों हैं राहुल गांधी ?
Updated: January 20, 2014
-दीपक कुमार- पिछले दिनों तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में हुई कांग्रेस पार्टी की अखिल भारतीय कार्यकारी समिति की बैठक में जो निर्णय लिया गया, उसने…
Read moreमरहूम सुनंदा पुष्कर : महत्वाकांक्षा की वेदी पर प्राणों की आहूति ?
Updated: January 20, 2014
-आलोक कुमार- सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या कर ली या उनकी हत्या हुई, इस रहस्य से अभी पर्दा उठना बाकी है और शायद कभी उठे…
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‘इस्लामी आतंकवाद’ के कलंक को मिटा सकती है शिया-सुन्नी एकता
Updated: January 20, 2014
-तनवीर जाफरी- जिस प्रकार 1947 में स्वतंत्र भारत के उदय के साथ ही भारतवर्ष को पाकिस्तान के रूप में एक विभाजित राष्ट्र की त्रासदी…
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सवाल गंजों की हजामत का
Updated: January 20, 2014
-देवेन्द्र कुमार- चार हिन्दी भाषी राज्यों में मिली चुनावी शिकस्त से कांग्रेस निकल नहीं पा रही है, झंझावात के दौर से गुजर रही है,…
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तालकटोरा में कांग्रेस
Updated: January 20, 2014
-फख़रे आलम- भारतीय राजनीति की अहम क्षण कहिए इसे अथवा सोचा-समझा राजनीति की! एक ही समय पर जहां भाजपा बहुमत के लक्ष्य को छूने…
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मोदी विरोधी अमेरिका और ‘आप’
Updated: January 20, 2014
-अभिषेक रंजन- ‘टाइम’ पत्रिका की मानें तो नरेन्द्र मोदी अमेरिका के लिए मुसीबत बन सकते हैं। हाल में ही भारतीय राजनयिक देवियानी खोबड़ागड़े के…
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‘आप’ अब ‘आम आदमी’ पार्टी नहीं रही
Updated: January 20, 2014
-नीरज वर्मा- कोई इंसान व्यक्तिगत तौर पर ईमानदार है, इस बात का महत्व है ! मगर सार्वजनिक जीवन में निजी ईमानदारी तभी मायने रखती…
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लोक धन को मनोरंजन पर खर्च न करें
Updated: January 20, 2014
-सुरेन्द्र अग्निहोत्री- जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख, दद्दा भवानी प्रसाद मिश्र के…
Read moreअस्पताल के कमरे से…
Updated: January 18, 2014
रोगियों का मन है क्लांत, अस्पताल का वातावरण, श्वेत, शुद्ध, धवल,शान्त। श्वेत चादर श्वेत वस्त्र, डॉक्टर और नर्स सभी, विश्वास के हैं दीप्तमान! स्वास्थ लाभ…
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जेपी से अन्ना तकः आपातकाल से भ्रष्टाचार तक
Updated: January 18, 2014
-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह- जितना बड़ा सच ये है कि जिस ईमानदारी से क्रांतिकारियों ने जंग-ए-आजादी की लड़ाई लड़ी। उससे बड़ा सच ये है…
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