हिंद स्‍वराज हिंदी शासकीय संज्ञाएं

हिंदी शासकीय संज्ञाएं

-डॉ, मधुसूदन- (एक) आज का, उद्देश्य। आज का, उद्देश्य है, यह दिखाना कि, हिंदी में संस्कृत द्वारा कितनी सारी संज्ञाएँ रची जा सकती है। यह…

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राजनीति आपातकाल और लोकतंत्र

आपातकाल और लोकतंत्र

-विजय कुमार- -आपातकाल (26 जून) की 39वीं वर्षगांठ पर- जून महीना आते ही आपातकाल की यादें जोर मारने लगती हैं। 39 साल पहले का घटनाक्रम…

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विविधा शून्य है अखिलेश सरकार का इकबाल

शून्य है अखिलेश सरकार का इकबाल

-रमेश पाण्डेय- पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित निवेश सम्मेलन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रदेश में तकरीबन 60 हजार करोड़ रुपए के…

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विविधा इराक, इंडिया ओर इंडियन्स

इराक, इंडिया ओर इंडियन्स

-अंकुर विजयवर्गीय- बुरे सपने सच होते लग रहे हैं। सुन्नी समुदाय के बागियों द्वारा पहले इराक के मोसूल पर और अब टिकरित पर कब्जे ने…

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राजनीति प्रजातंत्र से प्रशस्त होता विकास का मार्ग

प्रजातंत्र से प्रशस्त होता विकास का मार्ग

-कन्हैया झा- हमारी बातचीत का विषय प्रजातंत्र है. प्रजातंत्र आज की डेमोक्रेसी नहीं है; यह उससे अलग है. पांच वर्ष में एक बार वोट देकर…

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कविता दीप

दीप

-बीनू भटनागर- वायु बिन वो जल न पाये, वायु से ही बुझ जाये है। दीप तेरी ये कहानी तो, कुछ भी समझ न आये है।…

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विविधा राजभाषा हिन्दी: दशा एवं दिशा

राजभाषा हिन्दी: दशा एवं दिशा

-प्रोफेसर महावीर सरन जैन- राजकाज के प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी का प्रयोग होता रहा है। राम बाबू शर्मा के अनुसार यह प्रयोग बारहवीं सदी से…

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आर्थिकी आर्थिक विकास को प्रभावित करते एनजीओ

आर्थिक विकास को प्रभावित करते एनजीओ

-प्रमोद भार्गव- संदर्भः- गुप्तचर ब्यूरो की जांच में एनजीओ की करतूत- देश के स्वयंसेवी संगठन एक बार फिर कठघरे में हैं। मध्य प्रदेश के सिंगरौली…

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प्रवक्ता न्यूज़ जल संरक्षण – धरा संरक्षण

जल संरक्षण – धरा संरक्षण

-निर्मल रानी- जब भी दुनिया जल संरक्षण दिवस मनाती है या फिर जिन दिनों में धरती गर्मी के भीषण प्रकोप का सामना करती है प्राय:…

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विविधा यह है, अपना बिहार!

यह है, अपना बिहार!

-फखरे आलम- यह महज इत्तेफाक ही होता है कि कभी-कभी बिहार का क्षेत्रीय न्यूज चैनल देखने का अवसर प्राप्त होता है और इसी क्षेत्रीय चैनलों…

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राजनीति आखिर अच्छे दिन ऐसे ही तो नहीं आ जाएंगे, क्यों ?

आखिर अच्छे दिन ऐसे ही तो नहीं आ जाएंगे, क्यों ?

-मिलन सिन्हा- लोकसभा चुनाव के गहमागहमी के बाद एक बार फिर तेल का वही पुराना किस्सा प्रारम्भ हो गया है, रसोई गैस के रियायती सिलेंडर…

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कविता प्रेम

प्रेम

-बीनू भटनागर- प्रेम इतना भी न करो किसी से, कि दम उसका ही घुटने लगे, फ़ासले तो हों कभी, जो मन मिलन को मचलने लगे।…

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