विविधा बापू की यादें बनीं जीवन का सहारा

बापू की यादें बनीं जीवन का सहारा

– एम अफसर खां सागर-       उनकी काया शारीरिक रूप से दुर्बल ज़रुर दिखती थी मगर वे बेहद मजबूत थे, शारीरिक और आत्मिक दोनों…

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आम और खास

-बीनू भटनागर-   ‘आप’ के नेता आम से ख़ास होते जा रहे हैं… बिलकुल सही, ’आप’ के विरोधी और मीडिया लगातार उन्हें ख़ास बनाने मे…

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राजनीति सरकारें सेवा का पर्याय बनें, दहशत या रुतबे की नहीं

सरकारें सेवा का पर्याय बनें, दहशत या रुतबे की नहीं

-निर्मल रानी-    लगभग तीन दशक पूर्व की बात है, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले ने खलीफा हारून रशीद की शासन प्रणाली का…

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विविधा पंचायती राज और जातीय पंचायतें

पंचायती राज और जातीय पंचायतें

-दिनेश परमार-    न्याय एक सार्वभौमिक अवधारणा है। अतः संसार के प्रत्येक देश में इसके संबंध में बहुत विपुल कार्य किया गया। पश्चिम में अरस्तु-प्लेटों…

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जरूर पढ़ें ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं

ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं

-वीपी वैदिक-    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस बार गणतंत्र-दिवस पर राष्ट्र के नाम जो संदेश दिया है, वह अपने आप में असाधारण है। प्रायः राष्ट्रपति…

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राजनीति सीमाओं की सुरक्षा के स्थान पर मुस्लिमों पर धन लुटातीं सरकारें

सीमाओं की सुरक्षा के स्थान पर मुस्लिमों पर धन लुटातीं सरकारें

-आरके गुप्ता-    2014 के लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे निकट आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे केन्द्र की कांग्रेस सरकार व उत्तर प्रदेश की मुलायम-अखिलेश सरकार मुस्लिमों…

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व्यंग्य तुम आदमी हो या…

तुम आदमी हो या…

-विजय कुमार-     शर्माजी को हम सबने मिलकर एक बार फिर ‘वरिष्ठ नागरिक संघ’ (वनास) का अध्यक्ष चुन लिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच…

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राजनीति अरविंद केजरीवाल के धरने के मायने को समझिए

अरविंद केजरीवाल के धरने के मायने को समझिए

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री-   पिछले दिनों 20 जनवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री, आम आदमी पार्टी के प्रधान अरविंद केजरीवाल रेलभवन के सामने धरने पर…

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कविता बड़े घरों में पड़ा ताला

बड़े घरों में पड़ा ताला

-मिलन सिन्हा-   खस्ता हाल साल दर साल क्या करे मजदूर -किसान हैं सब बहुत परेशान या तो बाढ़ या फिर सूखा आधी उम्र गरीब…

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राजनीति ‘आप’ हैं अराजकतावादियों के ‘बाप’

‘आप’ हैं अराजकतावादियों के ‘बाप’

-राकेश कुमार आर्य-    राजनीति  के लिए ‘अराजकतावाद’ का शब्द सर्वप्रथम क्रोपटकिन नामक राजनीतिक मनीषी ने दिया। क्रोपटकिन ने इस शब्द को यूं परिभाषित किया-”अराजकवाद…

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विविधा बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

-आलोक कुमार-    मौजूदा दौर में अगर “बहुप्रचारित विकसित बिहार” की बात करें तो लंबी-चौड़ी सड़कों, अपार्टमेन्टस एवं मॉल्स के निर्माण और विकास दर (आंकड़ों…

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विविधा विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह-    कल मुम्बई में एक कार्यक्रम हुआ। अवसर था ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों’’ गीत के 51 वीं जयन्ती का। राष्ट्र…

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