समाज मंदिर जैसी माँ

मंदिर जैसी माँ

           सुबह खुद चार पर उठकर, हमें माँ ने जगाया है| कठिन प्रश्नों के हल क्या हैं, बड़े ढंग से बताया…

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समाज प्यार के बदलते मायने

प्यार के बदलते मायने

बेअंत सिंह चौधरी ’प्यार’ शब्द की परिभाषा हर किसी ने अपने अनुसार गढ़ी है। पर यह शब्द अपनी पवित्रता खोता जा रहा है। अगर आप…

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व्यंग्य राजमाता का राजभोज

राजमाता का राजभोज

एल आर गाँधी स्वर्ग में विराजमान इंदिरा जी आज गद गद हो गई होंगी …जो काम वे अपने जीवन काल में पूरा नहीं कर पाई…

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राजनीति देश का भविष्य और विकास

देश का भविष्य और विकास

 प्रोफेसर महावीर सरन जैन देश की दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों के आचरण एवं करनी-कथनी के अंतराल के कारण, देश की जनता में राजनेताओं एवं राजनैतिक…

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राजनीति दिग्गी जी! दिमागी दिवालियापन दूर करो

दिग्गी जी! दिमागी दिवालियापन दूर करो

राकेश कुमार आर्य कांग्रेस ने विपक्षी दलों का उपहास उड़ाकर व्यंग्य पूर्ण किंतु अतार्किक भाषा में उनकी बातों का उत्तर देने के लिए अपने पास…

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व्यंग्य हास्य व्यंग्य कविताएं: संकट, योजना

हास्य व्यंग्य कविताएं: संकट, योजना

मिलन सिन्हा   संकट नेताजी से जब एक पत्रकार ने पूछा , महाशय, तेल  संकट  पर क्या हैं आपके विचार ? तो कहा  नेताजी ने…

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बच्चों का पन्ना कलयुग के मुर्गे

कलयुग के मुर्गे

रोज चार पर मुर्गों की अब, नींद नहीं खुल पाती बापू| इस कारण से ही तो अब वे, गाते नहीं प्रभाती बापू| कुछ सालों पहिले…

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राजनीति यूपी में भाजपा की चुनौतियां

यूपी में भाजपा की चुनौतियां

अरविंद जयतिलक गोवा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने और उनके सेनापति अमित शाह को यूपी का प्रभारी नियुक्त…

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व्यंग्य यहां सब ऐसे ही चला  है प्यारे!

यहां सब ऐसे ही चला है प्यारे!

अशोक गौतम खाने के सुरक्षा बिल को लेकर बेताल इतना उतावला हुआ कि पिछले हफते संसद के सामने सावन की बौछार में दिनरात भीगता रहा,…

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जन-जागरण प्रकृति का विनाशक है आर्थिक विकास मॉडल

प्रकृति का विनाशक है आर्थिक विकास मॉडल

आपदा के लिए जिम्मेदार है आर्थिक विकास मॉडल  कुन्दन पाण्डेय उत्तराखंड की प्रचंड प्राकृतिक आपदा के लिए ‘भोग-उपभोग’ केंद्रित मानव का आर्थिक विकास मॉडल सबसे…

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कविता ‘पदमावत’चौपाई हो ?

‘पदमावत’चौपाई हो ?

   डा.राज सक्सेना  ‘सतसईया’ का दोहा हो या,  ‘पदमावत’चौपाई हो ? या बच्चन की ‘मधुशाला’की,सबसे श्रेष्ठ रुबाई हो ? केश-कज्जली ,छवि कुन्दन सी, चन्दन जैसी…

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महिला-जगत नारी – आदिशक्ति या कमोडीटी

नारी – आदिशक्ति या कमोडीटी

      पूरे विश्व के नारियों  में एक होड़ सी मची है – अधिक-से अधिक सुन्दर और आधुनिक दीखने का। भारत में यह चूहादौड़…

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