‘आर्य, आर्य समाज और आर्य महासम्मेलन’
Updated: January 12, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- ‘आर्य’ शब्द मनुष्य निर्मित शब्द न होकर परमात्मा की देन है जो उसने वेद के माध्यम से सृष्टि के आरम्भ में…
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कांग्रेस चाहे जो कर ले, भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती!
Updated: April 9, 2014
-इक़बाल हिंदुस्तानी- केजरीवाल सरकार बनवाकर उसने मोदी को ब्रेक ज़रूर लगाये हैं ? लोकपाल बिल पास कराने का दांव हो या कुकिंग गैस के सब्सिडी…
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मीडिया विमर्श के केन्द्र में आम आदमी का सवाल
Updated: January 12, 2014
-देवेन्द्र कुमार- मानव समाज के प्रारम्भिक काल से ही मीडिया किसी न किसी शक्ल में मौजूद रहा है। एक अर्थ में कहा जाय तो…
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प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना
Updated: April 9, 2014
-तनवीर जाफरी- भारतीय राजनीति में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चमत्कारिक रूप से अवतरित होने वाली आम आदमी पार्टी तथा उसके नेता व दिल्ली…
Read moreजब कला बन जाए कारोबार!
Updated: January 12, 2014
-तारकेश कुमार ओझा- किसी जमाने में जब कला का आज की तरह बाजारीकरण नहीं हो पाया था, तब किसी कलाकार या गायक से अपनी…
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पूजा-अर्चना से होगा राजस्थान का विकास
Updated: January 12, 2014
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- संविधान या कानून द्वारा स्वीकृत प्रावधानों के तहत या संसार भर में विज्ञान के किसी भी सिद्धान्त से इस बात की…
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प्रेम नहीं मजबूर
Updated: January 12, 2014
-श्यामल सुमन- सुमन प्रेम की राह में, कांटे बिछे अनेक। दर्द हजारों का मिले, चुभ जाता जब एक।। त्याग प्रेम का मूल है, मगर…
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राहुल-प्रियंका की जुगलबंदी से होगा बदलाव?
Updated: January 12, 2014
-सिद्धार्थ शंकर गौतम- देश की सबसे पुरानी पार्टी इन दिनों संक्रमण काल से गुजर रही है| केंद्र में 10 वर्षों तक गठबंधन सरकार चलाने…
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विवाह संस्था का सन्देश
Updated: January 12, 2014
-विपिन किशोर सिन्हा- पिछले नवम्बर में अपने एक घनिष्ठ मित्र के पुत्र के विवाह समारोह में सम्मिलित होने का सुअवसर प्राप्त हुआ। यह सुयोजित…
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‘आप’ से आम की अपेक्षाएं
Updated: January 12, 2014
-फखरे आलम- ‘आप’ राजनीति दल के रूप में उभरकर दिल्ली में शासन कर रही है। वहीं आम जन ‘आप’ से बेशुमार अपेक्षाएं और आशाएं लगाए…
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राम जाने इस प्रदेश का आगे क्या होगा ?
Updated: January 11, 2014
-सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”- इसे सैफई महोत्सव कहूं या असंवेदनशीलता का नंगा नाच समझ नहीं आता है। जहां तक महोत्सव का अर्थ है तो वो…
Read moreप्रकृति की मौलिकता
Updated: January 11, 2014
दो-दो फुट दिन में जुड़वा दें, दो फुट की बढ़वा दें रात| किसी तरह से क्यों न बापू, बड़े-बड़े कर दें दिन रात| छोटे-छोटे दिन…
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