कला-संस्कृति Default Post Thumbnail

‘आर्य, आर्य समाज और आर्य महासम्मेलन’

-मनमोहन कुमार आर्य-   ‘आर्य’ शब्द मनुष्य निर्मित शब्द न होकर परमात्मा की देन है जो उसने वेद के माध्यम से सृष्टि के आरम्भ में…

Read more
राजनीति कांग्रेस चाहे जो कर ले, भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती!

कांग्रेस चाहे जो कर ले, भाजपा की बढ़त को रोक नहीं सकती!

-इक़बाल हिंदुस्तानी-   केजरीवाल सरकार बनवाकर उसने मोदी को ब्रेक ज़रूर लगाये हैं ? लोकपाल बिल पास कराने का दांव हो या कुकिंग गैस के सब्सिडी…

Read more
मीडिया मीडिया विमर्श के केन्‍द्र में आम आदमी का सवाल

मीडिया विमर्श के केन्‍द्र में आम आदमी का सवाल

-देवेन्‍द्र कुमार-    मानव समाज के प्रारम्भिक काल से ही मीडिया किसी न किसी शक्ल में मौजूद रहा है। एक अर्थ में कहा जाय तो…

Read more
राजनीति प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना

प्रशांत भूषण बहाना: केजरीवाल हैं निशाना

-तनवीर जाफरी-   भारतीय राजनीति में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चमत्कारिक रूप से अवतरित होने वाली आम आदमी पार्टी तथा उसके नेता व दिल्ली…

Read more
मनोरंजन Default Post Thumbnail

जब कला बन जाए कारोबार!

-तारकेश कुमार ओझा-   किसी जमाने में जब कला का आज की तरह बाजारीकरण नहीं हो पाया था, तब किसी कलाकार या गायक से अपनी…

Read more
महत्वपूर्ण लेख पूजा-अर्चना से होगा राजस्थान का विकास

पूजा-अर्चना से होगा राजस्थान का विकास

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’-   संविधान या कानून द्वारा स्वीकृत प्रावधानों के तहत या संसार भर में विज्ञान के किसी भी सिद्धान्त से इस बात की…

Read more
कविता प्रेम नहीं मजबूर

प्रेम नहीं मजबूर

-श्यामल सुमन-    सुमन प्रेम की राह में, कांटे बिछे अनेक। दर्द हजारों का मिले, चुभ जाता जब एक।। त्याग प्रेम का मूल है, मगर…

Read more
राजनीति राहुल-प्रियंका की जुगलबंदी से होगा बदलाव?

राहुल-प्रियंका की जुगलबंदी से होगा बदलाव?

-सिद्धार्थ शंकर गौतम-    देश की सबसे पुरानी पार्टी इन दिनों संक्रमण काल से गुजर रही है| केंद्र में 10 वर्षों तक गठबंधन सरकार चलाने…

Read more
कला-संस्कृति विवाह संस्था का सन्देश

विवाह संस्था का सन्देश

-विपिन किशोर सिन्हा-   पिछले नवम्बर में अपने एक घनिष्ठ मित्र के पुत्र के विवाह समारोह में सम्मिलित होने का सुअवसर प्राप्त हुआ। यह सुयोजित…

Read more
चिंतन ‘आप’ से आम की अपेक्षाएं

‘आप’ से आम की अपेक्षाएं

-फखरे आलम-  ‘आप’ राजनीति दल के रूप में उभरकर दिल्ली में शासन कर रही है। वहीं आम जन ‘आप’ से बेशुमार अपेक्षाएं और आशाएं लगाए…

Read more
चिंतन राम जाने इस प्रदेश का आगे क्‍या होगा ?

राम जाने इस प्रदेश का आगे क्‍या होगा ?

-सिद्धार्थ मिश्र “स्‍वतंत्र”-   इसे सैफई महोत्‍सव कहूं या असंवेदनशीलता का नंगा नाच समझ नहीं आता है। जहां तक महोत्‍सव का अर्थ है तो वो…

Read more
कविता Default Post Thumbnail

प्रकृति की मौलिकता

दो-दो फुट दिन में जुड़वा दें, दो फुट की बढ़वा दें रात| किसी तरह से क्यों न बापू, बड़े-बड़े कर दें दिन रात| छोटे-छोटे दिन…

Read more