नये वर्ष का दिखावापन
Updated: January 1, 2014
हिन्दू नववर्ष शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा को मनाया जाता है। 2014 में यह 31 मार्च को है लेकिन हिन्दू नव वर्ष आने और समापन होने…
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शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो
Updated: December 31, 2013
हिमकर श्याम व्यथित मन में मधु रस घोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो झोली में ले कर ख्वाब नया देखो आया है साल नया…
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पहचान कहाँ खो गए
Updated: December 31, 2013
मिलन सिन्हा जिन्हें ढूंढ़ रही थी आँखें वो कहाँ चले गए जिन्हें देख रही थी आँखें वो पहचान कहाँ खो गए जिन रास्तों पर चलने…
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बिहार में सुशासन का आतंक-राज
Updated: December 31, 2013
सुशासन का मुखौटा ओढ़े आतंक-राज देखना हो तो आपका बिहार में स्वागत है! चौकिएगा मत! यह हकीक़त है, फिजूल की बयानबाजी नही. ज़मीनी सच्चाई और सरकारी आंकड़े…
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कब आओगे गुरु गोविंद सिंह??
Updated: December 31, 2013
विमलेश बंसल आओ हम सब याद करें, गुरु गोविंद के बलिदान को। जिसने हिंदू धर्म की खातिर, किया न्योछावर प्राण को॥ वंदे मातरम् 1.माता गुजरी,…
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शोक संवेदना या बधाई संदेश
Updated: December 30, 2013
“अम्माजी के बारे में सुनकर बहुत दु:ख हुआ|शहर के बाहर था इसलिये आ नहीं…
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नीतिश कुमार भारतीय परम्पराओं का अपमान क्यों करते हैं ?
Updated: December 31, 2013
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार २७ दिसम्बर को पटना में बाल लीला गुरुद्वारा में गये थे । यह बिहार का ऐतिहासिक…
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आम आदमी के हस्तक्षेप का साल
Updated: December 30, 2013
-प्रमोद भार्गव- पुरातन और नूतन के संधि-समय में आम आदमी के हस्ताक्षेप से जो राजनीतिक उपलब्धि दिल्ली में सरकार के रूप में फलीभूत हुई है,…
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क्या अर्थ है धींगामस्ती भरी इस विदाई और स्वागत का
Updated: December 30, 2013
– डॉ. दीपक आचार्य- सारी दुनिया आज 2013 को विदाई देकर घुप्प रात के अंधेरे में कृत्रिम चकाचौंध के बीच नए वर्ष 2014 का स्वागत करने को उतावली, व्यग्र और उग्र…
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खतरे में आदिवासी बच्चों की जान
Updated: January 11, 2014
हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग गठित नहीं करने वाले राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है। कई राज्यों में अभी तक…
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संवेदनशीलता के स्तर
Updated: December 30, 2013
-बीनू भटनागर- संवेदनशीलता होना अर्थात किसी के परेशानी मे कष्ट होना अच्छी बात है, पर कोरी संवेदनशीलता से किसी को लाभ नहीं होता, कोरी…
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फिर हमारी इस ज्ञान – संपदा का क्या होगा !
Updated: December 30, 2013
देवेन्द्र कुमार- आज पूरी दुनिया एक विश्व ग्राम की ओर बढ़ती जा रही है । समय और स्थान की दूरी लगातार सिमटती जा रही है…
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