जन-जागरण नये वर्ष का दिखावापन

नये वर्ष का दिखावापन

हिन्दू नववर्ष शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा को मनाया जाता है। 2014 में यह 31 मार्च को है लेकिन हिन्दू नव वर्ष आने और समापन होने…

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कविता शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो

शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो

हिमकर श्याम   व्यथित मन में मधु रस घोलो शुभ-मंगल सब मिलकर बोलो   झोली में ले कर ख्वाब नया देखो आया है साल नया…

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कविता पहचान कहाँ खो गए

पहचान कहाँ खो गए

मिलन सिन्हा  जिन्हें ढूंढ़ रही थी आँखें वो कहाँ चले गए जिन्हें देख रही थी आँखें वो पहचान कहाँ खो गए जिन रास्तों पर चलने…

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जन-जागरण बिहार में सुशासन का आतंक-राज

बिहार में सुशासन का आतंक-राज

सुशासन का मुखौटा ओढ़े आतंक-राज देखना हो तो आपका बिहार में स्वागत है! चौकिएगा मत! यह हकीक़त है, फिजूल की बयानबाजी नही. ज़मीनी सच्चाई और सरकारी आंकड़े…

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कविता कब आओगे गुरु गोविंद सिंह??

कब आओगे गुरु गोविंद सिंह??

विमलेश बंसल आओ हम सब याद करें, गुरु गोविंद के बलिदान को। जिसने हिंदू धर्म की खातिर, किया न्योछावर प्राण को॥ वंदे मातरम् 1.माता गुजरी,…

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आलोचना शोक संवेदना या बधाई संदेश‌

शोक संवेदना या बधाई संदेश‌

                       “अम्माजी के बारे में सुनकर बहुत दु:ख हुआ|शहर के बाहर था इसलिये आ नहीं…

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टॉप स्टोरी नीतिश कुमार भारतीय परम्पराओं का अपमान क्यों करते हैं ?

नीतिश कुमार भारतीय परम्पराओं का अपमान क्यों करते हैं ?

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार २७ दिसम्बर को पटना में बाल लीला गुरुद्वारा में गये थे । यह बिहार का ऐतिहासिक…

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चिंतन आम आदमी के हस्तक्षेप का साल

आम आदमी के हस्तक्षेप का साल

-प्रमोद भार्गव-  पुरातन और नूतन के संधि-समय में आम आदमी के हस्ताक्षेप से जो राजनीतिक उपलब्धि दिल्ली में सरकार के रूप में फलीभूत हुई है,…

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चिंतन क्या अर्थ है धींगामस्ती भरी इस विदाई और स्वागत का

क्या अर्थ है धींगामस्ती भरी इस विदाई और स्वागत का

– डॉ. दीपक आचार्य-  सारी दुनिया आज 2013 को विदाई देकर घुप्प रात के अंधेरे में कृत्रिम चकाचौंध के बीच नए वर्ष 2014 का स्वागत करने को उतावली, व्यग्र और उग्र…

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समाज खतरे में आदिवासी बच्चों की जान

खतरे में आदिवासी बच्चों की जान

हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग गठित नहीं करने वाले राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है। कई राज्यों में अभी तक…

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चिंतन संवेदनशीलता के स्तर

संवेदनशीलता के स्तर

-बीनू भटनागर-   संवेदनशीलता होना अर्थात किसी के परेशानी मे कष्ट होना अच्छी बात है, पर कोरी  संवेदनशीलता  से  किसी को  लाभ नहीं होता, कोरी…

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कला-संस्कृति फिर हमारी इस ज्ञान – संपदा का क्या होगा !

फिर हमारी इस ज्ञान – संपदा का क्या होगा !

देवेन्द्र कुमार- आज पूरी दुनिया एक विश्‍व ग्राम की ओर बढ़ती जा रही है । समय और स्थान की दूरी लगातार सिमटती जा रही है…

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