पर्यावरण आधुनिक विकास की देन है, देवभूमि आपदा

आधुनिक विकास की देन है, देवभूमि आपदा

भगवान भोले नाथ का गुस्सा,प्रतीक रूप में मौत के ताण्डव नृत्य में फूटता है। देवभूमि उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा को इसी गुस्से के…

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गजल आँसू को शबनम लिखते हैं

आँसू को शबनम लिखते हैं

जिसकी खातिर हम लिखते हैं वे कहते कि गम  लिखते हैं आस पास का हाल देखकर आँखें होतीं नम, लिखते हैं उदर की ज्वाला शांत हुई…

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पर्यावरण प्रकृति के प्रहार को जरा समझिए

प्रकृति के प्रहार को जरा समझिए

उत्तराखंड में कुदरत का कहर प्रकृति से खिलवाड़ का नतीजा है। वनों की अंधाधुंध कटाई और नदियों के कोख को लहूलुहान करने का घातक परिणाम…

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कविता कुत्तों को बिस्किट

कुत्तों को बिस्किट

खिलवाते कुत्तों को बिस्किट, लाखों भूखे सो जाते हैं | जनता के पैसे से नेता,  जीवन भर मौज उड़ाते  हैं | भारत में भूखे-नंगों को,…

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जरूर पढ़ें जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और विशेष दर्जे का प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और विशेष दर्जे का प्रश्न

जम्मू-कश्मीर की जब भी चर्चा होती है तो उसके साथ ही संघीय संविधान की एक अस्थाई धारा-370 की चर्चा अनिवार्य रूप से होती है। धारा-370…

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राजनीति नमो का कांग्रेस मुक्त भारत: अर्थ बहु आयामी, बहु प्रतीक्षित हैं!

नमो का कांग्रेस मुक्त भारत: अर्थ बहु आयामी, बहु प्रतीक्षित हैं!

  भारतीय जनता पार्टी के गोवा सम्मेलन में नरेन्द्र मोदी ने जब चुनाव समिति के अध्यक्ष बननें का अश्वमेघ अनुष्ठान सफलता पूर्ण संपन्न किया तब…

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कविता हैरान  कर देंगे

हैरान कर देंगे

कोई जीते कोई हारे, ये सब  हैरान  कर  देंगे | मतों के दान के बदले, क़हर प्रतिदान कर देंगे | जो हारेंगे वे भरपाई,  करेंगे…

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राजनीति अवसरवाद की राजनीति

अवसरवाद की राजनीति

जनता दल (यू) और भाजपा के डेढ़ दशक पुराने रिश्ते का टुटना किसी सैद्धांतिक विचारधारा के टकराव का नतीजा नहीं बल्कि अवसरवादी राजनीति का फलसफा…

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चिंतन दरिद्री और दुःखी रहते हैं मितव्ययताहीन मूकदर्शक

दरिद्री और दुःखी रहते हैं मितव्ययताहीन मूकदर्शक

जो लोग अपने जीवन में मितव्ययता नहीं बरतते हैं वे जीवन भर दुःखी और दरिद्री रहते हैं और इन लोगों का कोई इलाज नहीं है।…

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व्यंग्य वरिष्ठ जाड़ का दर्द

वरिष्ठ जाड़ का दर्द

पिछले कुछ दिनों से ‘‘वरिष्ठ जाड़ ’’ की सन्सटीविटी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी । ठण्डा खाओ तो दर्द,गर्म खाओ तो दर्द । इतनी…

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कविता ये आस कभी क्या पूरी होगी !

ये आस कभी क्या पूरी होगी !

कोई भी दल लोकसभा मे, बहुमत नही पायेगा, क्योंकि सभी ने जनता को, कभी न कभी छला है। जनता भी असमंजस मे है, कौन बुरों…

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वीडियो इतिहास के पदचिन्ह–श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत

इतिहास के पदचिन्ह–श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री १९५३ का जून का महीना था । पंडित नेहरु के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री रह चुके और अब भारतीय जनसंघ के…

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