व्यंग्य वे देख रहे हैं

वे देख रहे हैं

कल शर्मा जी के घर गया, तो वहां असम के वन विभाग में कार्यरत उनके एक पुराने मित्र वर्मा जी भी मिले, जो अपने 12…

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जरूर पढ़ें हरिद्वार डूब जाएगा

हरिद्वार डूब जाएगा

मैंने वर्ष 1998 में अपने मासिक समाचार पत्र (मीडिया शक्ति) में फस्ट पेज पर एक खबर छापी थी ” हरिद्वार डूब जायेगा”. जिसमें मैंने आशंका…

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कविता सत्याग्रह का अस्त्र

सत्याग्रह का अस्त्र

मौसम प्रतिकूल टूट गयी सड़कें बह गया पुल आम जनता है पस्त अधिकांश नेता – अधिकारी अपने में मस्त दिखने में सब भद्र पर सवाल…

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पर्यावरण प्राकृतिक आपदा ऐसे ही नहीं आती

प्राकृतिक आपदा ऐसे ही नहीं आती

विपिन जोशी, उत्तराखंड उत्तराखंड में बीते सप्ताह कुदरत का जो क़हर टूटा उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी। तबाही का ऐसा खौ़फनाक मंजर…

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कविता माँ सरस्वती

माँ सरस्वती

कण-कण तन का उज्ज्वल करदे | एक नवल तेज, अविकल  करदे | माँ सरस्वती आ,    कंठ समा, मन-मस्तक को अविरल करदे | वाणी में…

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कविता कारनामा

कारनामा

उसका किसी से कोई बैर नहीं जो उससे बैर करे उसकी फिर खैर नहीं जो भी करे वह उसमें कोई शोर नहीं पुलिस अगर तफ्तीश…

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व्यंग्य रजनी कान्त बर्खास्त : रजनी कान्त का कार्यभार नरेंद्र को सौंपा गया

रजनी कान्त बर्खास्त : रजनी कान्त का कार्यभार नरेंद्र को सौंपा गया

ईश्वर ने रजनीकान्त को बर्खास्त कर दिया है| अब रजनीकांत वो सारे कार्य नहीं कर पायेगा, जो ईश्वर भी नहीं कर पाता था| केदार बाबा…

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दोहे बस माँगे अधिकार

बस माँगे अधिकार

कैसे कैसे लोग से भरा हुआ संसार। बोध नहीं कर्त्तव्य का बस माँगे अधिकार।।   कहने को आतुर सभी पर सुनता है कौन। जो कहने…

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जरूर पढ़ें अघोषित आपातकाल से जूझता देश-अरविंद जयतिलक

अघोषित आपातकाल से जूझता देश-अरविंद जयतिलक

देश का मौजूदा हाल 25 जून, 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा थोपे गए आपातकाल से भिन्न नहीं है। अंतर भर इतना है…

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कविता नारी

नारी

प्रभु की अनुपम कृति , अनुपम रचना,वह है नारी, सो जब रचा था प्रभु ने इस कृति को, सोचा सब अर्पण कर दूँ , इसकी…

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कविता कविता – शहर का आदमी

कविता – शहर का आदमी

मैं कागज काला करता रहा कि पानी खतरे के निशान पार कर रहा है लोगों ने पढ़ा किसी के चेहरे लटक गये कोई तनावग्रस्त हो…

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कविता वृद्ध- कुमार विमल

वृद्ध- कुमार विमल

वह गुमनाम सा अँधेरा था   , और वहाँ वह वृद्ध पड़ा अकेला था , वह बेसहाय सा वृद्ध वह असहाय सा वृद्ध , वह…

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