गजल Default Post Thumbnail

अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता

अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता हर वक़्त एक सा तो मिज़ाज नहीं होता। हैरान होता है दरिया यह देख कर बहुत  क्यूँ…

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समाज समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ

समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ

राकेश कुमार आर्य प्राचीनता और नवीनता दो विरोधी धाराएं नही हैं। समाज की उन्नति के लिए इन दोनों का समन्वय बड़ा आवश्यक है। विज्ञान के…

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राजनीति एक पाती राहुल बबुआ के नाम

एक पाती राहुल बबुआ के नाम

      स्वस्ति श्री लिखीं चाचा बनारसी के तरफ़ से राहुल बबुआ को ढेर सारा प्यार, दुलार, चुम्मा। इहां हम राजी-खुशी हैं और उम्मीद…

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व्यंग्य व्यंग्य बाण : अथ श्री महा-गारत कथा

व्यंग्य बाण : अथ श्री महा-गारत कथा

पिछले कई दिन से शर्मा जी सुबह-शाम टहलने नहीं आ रहे थे। ठंड में बुजुर्गों को स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए कई तरह के सुझाव…

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विश्ववार्ता अमेरिका को पैगाम

अमेरिका को पैगाम

प्रमोद भार्गव                 अमेरिका के विरुद्ध भारत ने जिस तरह से आंखे तरेरी हैं, यह अनहोनी स्थिति हैरतअंगेज है। जिस भारत का राष्ट्रीय स्वाभिमान पूर्व…

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व्यंग्य भैया! पापुलर तो नेपाल वाले प्रचंड भी कम नहीं हुए थे!!

भैया! पापुलर तो नेपाल वाले प्रचंड भी कम नहीं हुए थे!!

झूठी उम्मीद, कोरा आश्वासन और दोषारोपण। गरीब देश हो अथवा  समाज या आदमी। इनकी जिंदगी नियति के इसी तिराहे पर भटकते हुए खत्म हो जाती है।…

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समाज अपराध जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

अपराध जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

  निर्मल रानी भारतवर्ष में महिलाओं को प्रायः अबला व बेचारी के रूप में देखा जाता है। महिला उत्पीडऩ की घटनाएं भी देश में प्रतिदिन कहीं…

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दोहे चुना आपने ‘आप’ को

चुना आपने ‘आप’ को

आम आदमी ने सुमन, काम किया है खास। खास आदमी को झटक, हिला दिया विश्वास।। दिल्ली की गद्दी मिले, हुआ अनैतिक मेल। देख सुमन गद्दी…

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राजनीति अब ड्रामेबाजी बंद करिए “आप” “फर्जीवाल जी”

अब ड्रामेबाजी बंद करिए “आप” “फर्जीवाल जी”

“ना-ना करते प्यार, तुम्हीं से कर बैठे, करना था इंकार, लेकिन इकरार, तुम्ही से कर बैठे” कुछ ऐसा ही हाल आजकल अन्ना के लोकपाल मुहीम…

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समाज डायन कुप्रथा से जूझता झारखण्ड

डायन कुप्रथा से जूझता झारखण्ड

काली कान्त झा इक्सवीं सदी के भारत में आज जहाँ देशवासी दिन प्रतिदिन नित्य नए आयाम को छु रहे है वही झारखण्ड आज भी विभिन्न…

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महत्वपूर्ण लेख ‘आप’, आप और बस ‘आप’ !!!

‘आप’, आप और बस ‘आप’ !!!

 नरेश भारतीय “ व्यवस्थित संसदीय लोकतन्त्र की बजाए ‘आप’ यदि हर मामले पर ‘जनमतसंग्रह’ के लिए ही अड़ती चली जाएगी तो देश में मुद्दों के…

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विधि-कानून ‘‘आप’’ के ताप से पास हुआ लोकपाल ?

‘‘आप’’ के ताप से पास हुआ लोकपाल ?

इक़बाल हिंदुस्तानी 0कांग्रेस विरोधा का ख़ामयाज़ा भुगत रही है, अब सपा की बारी है! दिल्ली में आप के ताप से तप रही और तीन राज्यों…

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