विधि-कानून हम और हमारा लोकतंत्र  किधर जा रहे हैं …..

हम और हमारा लोकतंत्र किधर जा रहे हैं …..

 जापान के संविधान के अनुच्छेद 35 में आगे प्रावधान है कि समस्त लोगों का अपने घरों में, कागजात और सामान का प्रवेश, तलाशी और जब्ती…

Read more
कविता कविता -जवान  और  किसान

कविता -जवान और किसान

 मिलन  सिन्हा                                        हरा भरा खेत खलिहान…

Read more
समाज काटजू का मुस्लिम प्रेम

काटजू का मुस्लिम प्रेम

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में भारतीय प्रैस परिषद् के अध्यक्ष श्री मार्कंडेय काटजू आजकल जिस प्रकार के वक्तव्य दे रहे है उन्हें…

Read more
विश्ववार्ता पाकिस्तान में हिन्दु और भारत में अवैध बंगलादेशी

पाकिस्तान में हिन्दु और भारत में अवैध बंगलादेशी

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों पाकिस्तान से कुछ हिन्दु परिवार प्रयागराज में महाकुम्भ के अवसर पर स्नान करने के लिये भारत आये थे ।…

Read more
आर्थिकी अपनी नाकामी का ठीकरा गरीबों पर फोड़ते सुब्बाराव

अपनी नाकामी का ठीकरा गरीबों पर फोड़ते सुब्बाराव

रिजर्व बैंक की लाख कोशिशों के बावजूद देश में खाद्य महंगाई दर दहाई के अंक पर बनी हुई है। बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान…

Read more
राजनीति मोदी से कौन डरता है?

मोदी से कौन डरता है?

भारत में आम चुनाव होने में वैसे तो अभी एक वर्ष का समय शेष है परंतु जिस प्रकार की चर्चायें और बहस राजनीतिक विश्लेषकों और…

Read more
स्‍वास्‍थ्‍य-योग शुगर के रोग का शर्तिया इलाज

शुगर के रोग का शर्तिया इलाज

– ॐ ५६ )-ब्रह्माण्डगुरु- भगवान-वनौषधीय चिकित्सक व अधिष्ठाता – -प्रकृति शक्ति पीठ – का सन्देश शुगर के रोग का शर्तिया इलाज तुलसी पौधे के लाभ…

Read more
आर्थिकी नाबार्ड और वित्तीय समावेशन

नाबार्ड और वित्तीय समावेशन

निधि चौधरी पिछले तीन दशकों से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अर्थात नाबार्ड वित्तीय समावेशन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा…

Read more
कविता इतना दर्द बन कर क्यूँ आती हो !

इतना दर्द बन कर क्यूँ आती हो !

             उस कठोर कठिन श्राप-सी शाम के बाद भी            मेरे ख़यालों में स्वर-लहरी बनी            कितनी सरलता से चली आती हो,…

Read more
जन-जागरण भारतीय पञ्चाङ्ग

भारतीय पञ्चाङ्ग

अरुण कुमार उपाध्याय भारतीय इतिहास तथा साहित्य के ज्ञान के लिये पञ्चाङ्ग की परम्परा जानना आवश्यक है। अतः गत ३२ हजार वर्षों की पञ्चाङ्ग परम्परा…

Read more
कविता शहर

शहर

 राघवेन्द्र कुमार “राघव” जब गाय मिले चौराहों पर कुत्ता बैठा हो कारों में । तब ये आप समझ जाना कोई शहर आ गया । टकराकर…

Read more
राजनीति परिपक्व शरद यादव और नीतीश की बन्दर टोपी

परिपक्व शरद यादव और नीतीश की बन्दर टोपी

बचपन में पढ़ी सुनी वह कहानी कमोबेश सभी की स्मृति में होगी जिसमें एक राहगीर व्यापारी बंदरों द्वारा चोरी की गई अपनी टोपियों को चतुराई…

Read more