जरूर पढ़ें परिचर्चा : सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक

परिचर्चा : सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक

आजादी के बाद भी, जनता है परतंत्र!  है कैसी ये आजादी, कैसा यह जनतंत्र?  संविधान में यह प्रावधान है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च…

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विविधा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में किसी एक भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक दो!

सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में किसी एक भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक दो!

हिंदी को व्यवहार में लाने की सरकारी अपील आपने रेलवे स्टेशनों तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में पढ़ी होगी; परन्तु क्या आपको पता है कि विश्व…

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बच्चों का पन्ना पानी नहीं नहानी में

पानी नहीं नहानी में

जरा ठीक से देखो बेटे पानी नहीं नहानी में तुमको आज नहाना होगा एक लोटे भर पानी में| नहीं बचा धरती पर पानी बहा व्यर्थ…

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राजनीति ‘‘यह सिर्फ कष्ट की बात नहीं, हमारी सबसे बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी है’’

‘‘यह सिर्फ कष्ट की बात नहीं, हमारी सबसे बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी है’’

वीरेन्द्र सिंह परिहार             भाजपा के मुख्य पत्र ‘कमल संदेश’ में प्रभात झा द्वारा यह लिखे जाने पर कि भारत…

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राजनीति ‘‘आगे-आगे देखिए होता है, क्या?…………’’

‘‘आगे-आगे देखिए होता है, क्या?…………’’

वीरेन्द्र सिंह परिहार                 अभी 13 अप्रैल तक ऐसा माना जा सकता था कि जद यू ने प्रधानमंत्री…

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समाज भगवान श्री राम त्याग के प्रेरक थे सत्ता के नहीं

भगवान श्री राम त्याग के प्रेरक थे सत्ता के नहीं

निर्मल रानी हिंदू धर्मशास्त्रों में वैसे तो 33 करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख किया गया है। परंतु इनमें कुछ देवता अथवा भगवान के अवतार ऐसे हैं…

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बच्चों का पन्ना खेल भावना

खेल भावना

एक सड़क पर मक्खी मच्छर बैठ गये शतरंज खेलने, थे सतर्क बिल्कुल चौकन्ने एक दूजे के वार झेलने। मक्खी ने जब चला सिपाही मच्छर ने…

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बच्चों का पन्ना जंगली चुनाव‌

जंगली चुनाव‌

मेरे पड़ोस के जंगल में था उस दिन बड़ा चुनाव हुआ चकित जब मैंने देखे हर वोटर के भाव। था चुनाव जंगल परिषद‌ का थे…

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बच्चों का पन्ना अरे मास्टर‌

अरे मास्टर‌

अरे मास्टर दिन भर क्यों, पढ़ना पढ़ना चिल्लाता| बोझ हटे कंधे से क्यों न, ऐसी राह बताता| लाद लाद बस्ता रगड़ू की, कमर हो गई…

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राजनीति दो ध्रुवों पर केन्द्रित होती भारतीय राजनीति

दो ध्रुवों पर केन्द्रित होती भारतीय राजनीति

प्रमोद भार्गव भारत में सीधे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चुने जाने की संवैधानिक व्यवस्था नहीं है, बावजूद देश में जिस तरह का राजनीतिक माहौल आकार लेता…

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व्यंग्य बी.ए.आनर्स इन बाबागिरी   / मातागिरी

बी.ए.आनर्स इन बाबागिरी / मातागिरी

    शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य व्यक्ति को किसी रोज़गार के लियें तैयार करना होता है। पहले विज्ञान, वाणिज्य, कला, इंजीनियरिंग,  चिकित्सा और वकालत के…

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राजेन्द्र सारथी के दोहे

शहरों  में  वे  आ  गये, बेच  गांव   के   खेत। धन  धूएं – सा  उड़ गया, ख्वाब बन गए प्रेत। नए  दौर  में  …

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