अफजल को फांसी
Updated: February 12, 2013
आर. के. गुप्ता मौहम्मद अफजल को आखिरकार 2014 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार ने 09 फरवरी, 2013 को फांसी दे…
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आओ समझें: हिन्दी अक्षरों का वैज्ञानिक स्वरूप-भाग 2
Updated: February 12, 2013
व्यंजन अक्षर अभी तक हमने हिंदी वर्णमाला के स्वर कहे जाने वाले अक्षरों के विषय में कुछ समझने का प्रयास किया है। अब हम व्यंजनों…
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सार्थक परिणाम है अफजल की फांसी
Updated: February 11, 2013
प्रमोद भार्गव सामंती युग में जिस तरह से देश के वजूद के प्रतीक दुर्ग हुआ करते थे और दुर्ग पर हमले का मतलब राश्ट पर…
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मोदी की लोकप्रियता को भुनाने की कवायद ?
Updated: February 11, 2013
प्रमोद भार्गव भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता जिस तरह से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पैरवी की होड़ में लगे हैं, उसकी…
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लौह पुरुष ने अभी हार कहाँ मानी है ?
Updated: February 11, 2013
ज़ाहिर है, भारतीय राजनीति की दो प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियां कांग्रेस और भाजपा इन दिनों आगामी लोकसभा चुनावों के लिए मुद्दे और नेता की तलाश में…
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क्या सांप्रदायिक ऐजेन्डे पर होगा लोक सभा चुनाव ?
Updated: February 11, 2013
मुजफ्फर भारती- हिंदुस्तान की राजनीति में वोट बैंक पॉलिटिक्स कोई नई बात नहीं है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या अगले चुनाव में राजनीतिक…
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अटूट हैं इस्लाम और संगीत के रिश्ते
Updated: February 10, 2013
तनवीर जाफ़री फ़तवा जारी करने में महारत रखने वाले तमाम नीम-हकीम मुल्लओं द्वारा समय-समय पर इस्लाम धर्म के हवाले से ऐसे विवादित फतवे जारी किए…
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‘सिद्धांतों और सिंहासन के दोराहे पर खड़ी है भाजपा
Updated: February 10, 2013
सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र’ लोकसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ सभी दलों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है । बात चाहे भाजपा की हो…
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अहसास ए दर्द वो करे गर चोट खायें हम….
Updated: February 10, 2013
इक़बाल हिंदुस्तानी नामो निशां भी जुल्म का जिसमें ना पायें हम, ऐसा निज़ाम देश में लाकर दिखायें हम। अब ऐसे आदमी को मसीहा बनाइये,…
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मैने कहाँ मांगा था…
Updated: February 10, 2013
मैने कहाँ मांगा था सारा आसमा, दो चार तारे बहुत थे मेरे लियें, दो चार तारे भी नहीं मिले तो क्या.. चाँद की चाँदनी तो…
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मौन
Updated: February 10, 2013
विजय निकोर तुम्हारी याद के मन्द्र – स्वर धीरे से बिंध गए मुझे कहीं सपने में खो गए और मैं किंकर्तव्यविमूढ़ अपने विस्मरण से खीजता…
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बसंत बहार
Updated: February 10, 2013
गूंजा राग बसंत बहार दिशा दिशा सम्मोहित हैं, फूल खिले तो रंग बिखरे हैं, गूंजा जब मधुरिम आलाप। भंवरों पर छाया उन्माद, स्वरों की हुई…
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