चिंतन उत्तराखण्ड आपदा से सबक लें धर्म के नाम पर धंधा चलाने वाले

उत्तराखण्ड आपदा से सबक लें धर्म के नाम पर धंधा चलाने वाले

धर्म और अध्यात्म वे मार्ग हैं जो संसार की यात्राओं की परिपूर्णता अथवा सांसारिकता से वैराग्य अथवा अनासक्त जीवन से जुड़े हैं और इन रास्तों…

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जरूर पढ़ें कश्मीर के बिगड़ते हालात-अरविंद जयतिलक

कश्मीर के बिगड़ते हालात-अरविंद जयतिलक

प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दौरे के एक दिन पूर्व आतंकियों द्वारा श्रीनगर में थल सेना के काफिले पर हमला…

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विविधा आखिर कौन बना रहा है दिल्ली पुलिस को दब्बू

आखिर कौन बना रहा है दिल्ली पुलिस को दब्बू

दिल्ली देश की राजधानी है तथा यहां सभी राज्यों के सभी धर्म, मत, पंथ व संप्रदाय के लोग रहते हैं। भारतीय संविधान के अनुसार यहां…

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कविता देवभूमि मे बादल फटे

देवभूमि मे बादल फटे

देवभूमि में बादल फटे, यात्री बाढ़ में फंसे, प्रलय सा मच गया, देखो, हाहाकार। भागीरथी और अलखनन्दा में, भीषण जल प्रवाह, बस और कारें ऐसे…

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राजनीति भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर

भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट बैंक पर

इक़बाल हिंदुस्तानी हिंदूवादी सोच छोड़े बिना उसको मुसलमान स्वीकार नहीं करेगा! वोटबैंक की राजनीति का लगातार विरोध करने वाली भाजपा की नज़र भी मुस्लिम वोट…

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विविधा आपातकाल और संघ- डा. मनोज चतुर्वेदी

आपातकाल और संघ- डा. मनोज चतुर्वेदी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक निष्काम कर्म आंदोलन है। जिसके संगठन का आधार सक्षम, स्थायी, आत्मनिर्भर तथा कालजयी राष्ट्र है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लक्ष्य कश्मीर…

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दोहे एक अनोखी बात

एक अनोखी बात

पाँच बरस के बाद ही, क्यों होती है भेंट? मेरे घर की चाँदनी, जिसने लिया समेट।।   ऐसे वैसे लोग को, मत करना मतदान। जो…

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चिंतन इंसानियत अपनाएं वरना बहा ले जाएंगी नदियाँ

इंसानियत अपनाएं वरना बहा ले जाएंगी नदियाँ

इतना विराट महाप्रलय…. लाशों का अंबार….भूख और प्यास के मारे दम तोड़ती जिन्दगियाँ….नदियों का रौद्र रूप….कहीं वीरानी, सन्नाटा और कहीं चीख-चीत्कार….घोड़ों और खच्चरों की मौत…बस्तियां…

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जरूर पढ़ें भगवान, इंसान व हैवानों से रूबरू उत्तराखंड त्रासदी

भगवान, इंसान व हैवानों से रूबरू उत्तराखंड त्रासदी

देश का उत्तराखंड राज्य इन दिनों भारतवर्ष में अब तक हुई सबसे भयंकर प्रलय रूपी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हालांकि प्रशासन व बचाव…

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कविता समारोह

समारोह

आज शहर में एक समारोह हैं, इस पावन पुनीत मांगलिक बेला पर, नेता भी आए, अभिनता भी आए, सज्जन भी आए, अपराधी भी आए ।…

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जरूर पढ़ें क्या सूफी फकीर वास्तव में धर्म निरपेक्ष थे ?

क्या सूफी फकीर वास्तव में धर्म निरपेक्ष थे ?

भारतीय इतिहास में हमें पढ़ाया जाता है कि मुस्लिम सूफी फकीर बड़े दयालू प्रजा से प्रेम करने वाले और एक हिन्दू मुस्लिम समन्वयवादी दृष्टिकोण के…

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समाज ज़ख्म भरने के लिए आश्वासन काफी है?

ज़ख्म भरने के लिए आश्वासन काफी है?

मो. अनीसुर्रहमान खान  ‘‘मैं खूब पढ़ना चाहती हूँ, डॉक्टर बनना चाहती हूँ क्योंकि हमारे गाँव में बहुत से गरीब और विकलांग हैं जो अपने इलाज…

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