मीडिया उपेक्षित है ग्रामीण पत्रकारिता

उपेक्षित है ग्रामीण पत्रकारिता

डॉ. आशीष वशिष्ठ ग्रामीण परिवेश तथा ग्रामीण जन के प्रति भारतीय जनमानस में गहरी संवेदनाएं हैं. प्रेमचंद, रेणु, शरतचंद्र, नागार्जुन जैसे मूर्धन्य साहित्यकारों ने ग्रामीण…

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आर्थिकी मंहगा हुआ रेल सफर का विरोध क्यों ?

मंहगा हुआ रेल सफर का विरोध क्यों ?

रवि शंकर नए वित्तीय साल से पहले केंद्र सरकार ने आम आदमी को मंहगाई का एक और झटका दिया है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के…

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राजनीति भाजपा के आगे भविष्य की चुनौतियाँ — डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

भाजपा के आगे भविष्य की चुनौतियाँ — डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

सोनिया कांग्रेस ने देश की सत्ता संभालने के लिये यू पी ए के नाम से जो ताना बाना बुना था वह धीरे धीरे बिखरने लगा…

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राजनीति सियासी अस्थिरता की भंवर में झारखंड

सियासी अस्थिरता की भंवर में झारखंड

हिमकर श्याम झारखंड एक बार फिर सियासी अस्थिरता के भंवर में फंसा हुआ हुआ है। अर्जुन मुंडा सरकार से झामुमो के समर्थन वापसी के बाद…

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महिला-जगत मर्दवादी महिषासुर और स्त्रीवादी दुर्गा – सारदा बनर्जी

मर्दवादी महिषासुर और स्त्रीवादी दुर्गा – सारदा बनर्जी

लोग स्त्री पर जब भी बात करते हैं तो उसे मां, बहन, बीवी, चाची, बुआ, ताई के नज़रिए से देखने पर ज़ोर देते रहते हैं।…

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विधि-कानून कठोर कानून तो चाहिए ही, लेकिन संस्कार व्यवस्था भी हो- मा. गो. वैद्य

कठोर कानून तो चाहिए ही, लेकिन संस्कार व्यवस्था भी हो- मा. गो. वैद्य

१६ दिसंबर को, राजधानी दिल्ली में चलती बस में एक २३ वर्षीय युवती पर पशु को भी शर्मिंदा करने वाला राक्षसी लैंगिक अत्याचार मानव देहधारी…

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जन-जागरण क्या, संस्कृत राष्ट्र भाषा थी? किस देश की?

क्या, संस्कृत राष्ट्र भाषा थी? किस देश की?

डॉ. मधुसूदन उवाच   ॐ -संस्कृत न्यायालयीन भाषा, ॐ -शासकीय आदेश संस्कृत में, ॐ -क्रय-विक्रय पत्र संस्कृत में, ॐ -मंदिरों का प्रबंधन संस्कृत में, ॐ- सैंकडों…

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समाज गैंगरेप ही विरोध का एकमात्र कारण मानना सरकार की भूल?

गैंगरेप ही विरोध का एकमात्र कारण मानना सरकार की भूल?

इक़बाल हिंदुस्तानी नेताओं के इस तरह के घटिया बयानों से जनआक्रोश और बढे़गा! ‘दामिनी’ के साथ सामूहिक बलात्कार का केस दिल्ली में 16 दिसंबर को…

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शख्सियत स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती पर आदरांजलि

स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती पर आदरांजलि

श्रीराम तिवारी स्वामीजी आपने कहा था ” हे विश्व के तमाम भाइयो -बहिनों , आधुनिक विज्ञान युग के नियामक नियंताओ! सुनो! जब तुम यूरोपियन ,अफ्रीकन,अमेरिकन…

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जन-जागरण हिंदी की मिट्टी पीटते ये लोग

हिंदी की मिट्टी पीटते ये लोग

हिंदी को पंडित नेहरू ने हिंदुस्तानी कहकर संबोधित किया था। उन्होंने राष्ट्रभाषा को उपहास की दृष्टि से देखा और उपहास के रूप में ही इसे स्थापित करने…

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शख्सियत आज के दौर मे विवेकानन्द की प्रासंगिकता

आज के दौर मे विवेकानन्द की प्रासंगिकता

राजीव गुप्ता 11 सितम्बर, 1893 ई. को शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन मे भारत का परचम लहराने वाले स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी, 1863…

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राजनीति उपेक्षित वर्ग की अब तक की सबसे बड़ी नेता हैं मायावती

उपेक्षित वर्ग की अब तक की सबसे बड़ी नेता हैं मायावती

बी.पी. गौतम उपेक्षित और शोषित समाज को सम्मान व न्याय दिलाने की दिशा में संघर्ष करने वालों की सूची काफी लंबी है, लेकिन लंबे संघर्ष…

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