दामिनी तुम देश की बेटी बन गयी हो।
Updated: January 2, 2013
राकेश कुमार आर्य दामिनी तुम देश की बेटी बन गयी हो। दुष्टाचारी पापाचारी के सामने तन गयी हो।। तुम्हारे नाम से बहुत सी बहनों…
Read moreमातृसत्ताक समाज और ‘वोल्गा से गंगा’– सारदा बनर्जी
Updated: January 2, 2013
राहुल सांकृत्यायन की कृति ‘वोल्गा से गंगा’ मातृसत्ताक समाज में स्त्री वर्चस्व और स्त्री सम्मान को व्यक्त करने वाली बेजोड़ रचना है। इस रचना में…
Read more2013 की चिंता और चुनौतियां
Updated: January 2, 2013
डॉ. आशीष वशिष्ठ बनने-बिगडऩे के ढेरों कारनामें अपने दामन में समेटकर 2012 भारी जनाक्रोश, आंदोलन और लोकतंत्र के चारों खंभों को हिलाकर विदा हो…
Read moreछक्का
Updated: January 2, 2013
प्रभुदयाल श्रीवास्तव “दादाजी मैं छक्का मारूंगा”अमित ने क्रिकेट बेट लहराते हुये मुझसे कहा|वह एक हाथ में बाल लिये था”,बोला प्लीज़ बाँलिंग करो न दादाजी|” “अरे!…
Read moreबाल कहानी – कीरत तीरथ
Updated: January 2, 2013
प्रभुदयाल श्रीवास्तव धरमपुरा रियासत के एक गांव में कीरत तीरथ नाम के दो सगे भाई रहते थे। किसी गंभीर बीमारी के चलते उनके पिता मल्थूराम…
Read moreविडंबनाओं के देश में स्त्री-सुरक्षा..
Updated: January 2, 2013
अरुण कान्त शुक्ला दुनिया के किसी भी देश में रहने वाले इतनी विडंबनाओं के साथ नहीं जीते, जितनी विडंबनाओं के साथ हमें भारत में जीना…
Read moreलापरवाह नागरिक बनाना चाहते हैं आदर्श राष्ट्र
Updated: January 2, 2013
एक से अधिक व्यक्तियों के जुड़ने से एक परिवार बनता है, परिवारों के मिलने से मोहल्ला, नगर और समाज का निर्माण का होता है। इसी…
Read moreदामिनी कह गई- अब सोना नहीं
Updated: January 2, 2013
लोकेन्द्र सिंह राजपूत दु:खद, बेहद दु:खद २०१३ का आखिरी शनिवार। दामिनी चली गई। हमेशा के लिए इस बेदर्द दिल्ली से। बेहया दुनिया से, जहां उसे…
Read moreगुज़रा राजनितिक परिदृश और जनमानस
Updated: January 1, 2013
अरविन्द विद्रोही भारत जैसे विशाल भू भाग वाले देश में विभिन्न धर्म को मानने वालों को समानता का दर्ज़ा प्राप्त है । भारत की लोकतान्त्रिक…
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विदेशी दासता की पहचान है जनवरी का नया साल
Updated: January 1, 2013
विनोद बंसल जनवरी के नजदीक आते ही जगह-जगह जश्न मनाने की तैयारियां प्रारम्भ हो जाती हैं। करोडों रुपए का खर्चा नव वर्ष की तैयारियों में…
Read moreकविताएं-स्पर्श एवं सिनेमा
Updated: December 31, 2012
स्पर्श अजीब बात है दुनिया भर से हाथ मिलाकर मेरे हाथों ने खो दी है अपनी ऊष्मा स्पर्श की अनुभूति जड़ और चेतन के बीच…
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बलात्कार : स्थितियां कैसे बदलेंगी?
Updated: December 31, 2012
सच यह है कि हमारे देश में कानून बनाने, कानून को लागू करने और कोर्ट से निर्णय या आदेश या न्याय या सजा मिलने के बाद उनका…
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